*कोसरिया पटेल समाज की सराहनीय पहल : :…बेटीयों की शादी में निभाया माता – पिता का फर्ज… फिर रश्म अदा कर वर – वधु को दिए आशीर्वाद…..शादी भी धूमधाम से संपन्न कराया , हर कोई कर रहा सराहना…..!*
धमतरी…. वो कहते हैं ना जिनके माता – पिता नहीं होते उनके सर पर किसी ना किसी का हाथ जरूर होता है…ठीक ऐसा ही कुछ हुआ सांकरा की दो बेटीयों के साथ…दरसअल दोनों बेटीयों की शादी थी, जिनके माता पिता नहीं है… वक्त था शादी में रश्म निभाने की… ऐसे में कोसरिया पटेल समाज…




















