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बालोद कोतवाली से पुलिस अभिरक्षा में आरोपित महिला फरार,तीन पुलिसकर्मी निलंबित, विभागीय जांच शुरू

बालोद। बालोद कोतवाली थाना परिसर से पुलिस अभिरक्षा में रखी गई एक महिला के फरार हो जाने की घटना ने पुलिस व्यवस्था की कार्यप्रणाली पर गंभीर प्रश्नचिह्न खड़े कर दिए हैं। चोरी के एक मामले में हिरासत में ली गई महिला पुलिस की निगरानी से निकलकर फरार हो गई, जिसके बाद पुलिस विभाग में हड़कंप मच गया। मामले को गंभीरता से लेते हुए पुलिस अधीक्षक ने तत्काल कार्रवाई करते हुए ड्यूटी में लापरवाही बरतने वाले तीन पुलिसकर्मियों को निलंबित कर विभागीय जांच के आदेश दिए हैं।
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, महिला को शहर के एक चोरी के प्रकरण में पूछताछ और आवश्यक कानूनी कार्रवाई के लिए कोतवाली लाया गया था। नियमानुसार उसे पुलिस अभिरक्षा में रखा गया था, लेकिन पूछताछ के दौरान सुरक्षा व्यवस्था में कथित चूक का फायदा उठाकर वह थाना परिसर से फरार हो गई। घटना की जानकारी मिलते ही थाना और जिला पुलिस महकमे में अफरा-तफरी मच गई।
प्राथमिक जांच में सामने आई लापरवाही
घटना के बाद वरिष्ठ अधिकारियों ने तत्काल जांच शुरू की। प्रारंभिक जांच में ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों की ओर से सुरक्षा प्रबंधन में गंभीर लापरवाही सामने आने की बात कही जा रही है। इसके आधार पर प्रधान आरक्षक शिवशरण ध्रुव, आरक्षक उमेश निषाद तथा महिला आरक्षक पूर्णिमा ठाकुर को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। विभागीय अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद यदि अन्य जिम्मेदारियां भी तय होती हैं तो अतिरिक्त कार्रवाई से भी इंकार नहीं किया जा सकता।
महिला की तलाश में लगातार दबिश
फरार महिला की गिरफ्तारी के लिए पुलिस की अलग-अलग टीमें गठित कर संभावित ठिकानों पर लगातार दबिश दी जा रही है। आसपास के जिलों को भी सूचना भेजी गई है तथा मुखबिर तंत्र को सक्रिय किया गया है। पुलिस अधिकारियों का दावा है कि महिला को जल्द गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
भविष्य में नहीं होगी ऐसी चूक : पुलिस
घटना के बाद पुलिस मुख्यालय स्तर पर भी सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सतर्कता बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं। सभी थाना प्रभारियों को पुलिस अभिरक्षा में रखे जाने वाले आरोपियों की निगरानी और सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ करने के निर्देश जारी किए गए हैं, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।
कोतवाली जैसे संवेदनशील परिसर से पुलिस अभिरक्षा में रखी गई महिला का फरार होना आम लोगों के बीच भी चर्चा का विषय बना हुआ है। लोगों का मानना है कि यदि थाना परिसर से ही आरोपी निकल जाए तो सुरक्षा व्यवस्था की प्रभावशीलता पर सवाल उठना स्वाभाविक है। वहीं कई लोगों ने विभाग द्वारा तत्काल निलंबन और जांच शुरू करने की कार्रवाई को जवाबदेही तय करने की दिशा में सकारात्मक कदम भी बताया है।

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