बालोद – ब्लॉक कांग्रेस कमेटी अर्जुंदा के पूर्व अध्यक्ष रजनीकांत शर्मा ने पार्टी पर जमकर भड़ास निकालते हुए कांग्रेस पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष मोहन मरकाम को भेज दिया।उन्होंने कहा की वे युवक कांग्रेस अर्जुन्दा के नगर अध्यक्ष,युवा कांग्रेस के विधानसभा महासचिव,उपाध्यक्ष,मूल संगठन में नगर कांग्रेस के अध्यक्ष,अर्जुन्दा ब्लॉक कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष पद पर रहते हुए कांग्रेस में सक्रिय रहकर पार्टी की सेवा की ।मैंने ब्लॉक कांग्रेस अर्जुन्दा के अध्यक्ष रहते विपक्ष के समय कार्यकर्ताओ के साथ मिलकर कड़ी मेहनत,संघर्ष किया,जिसका परिणाम कांग्रेस को 2018 विधानसभा चुनाव में ऐतिहासिक बढ़त मिली।कांग्रेस जब विपक्ष में थी जब संघर्ष के दिन थे तब हम जैसे कार्यकर्ताओं की आवश्यकता कांग्रेस को थी । सरकार बनने के बाद सिर्फ परिक्रमावादी और फोटो सेशन करने वाले लोगों की आवश्यकता कांग्रेस और कांग्रेस के नेताओं को है । मैं उन लोगो में नहीं हु जो अपनी जमीर बेचकर सरकार और नेताओं के गलत नीतियों और गलत कार्यों को देखते हुए भी जिंदाबाद के नारे लगाए।कांग्रेस में कार्यकर्ताओं की आवश्यकता ही नहीं है कांग्रेस को सिर्फ विधायक चाहिए वो कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने पूरी मेहनत करके दे दिया।कांग्रेस ये भूल गई कार्यकर्ताओं की मेहनत के बदौलत ही इनकी सरकार बनी है।ब्लॉक कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष रजनीकांत शर्मा ने कहा कि कांग्रेस में निष्ठावान कार्यकर्ताओं की स्थिति इतनी दयनीय हो गई है की इन्हे अपने ही पार्टी के विधायक किसी न किसी रूप में नुकसान पहुंचा रहे हैं और दुर्भाग्य की बात है कि कांग्रेस पार्टी को जिन लोगों ने हमेशा नुकसान पहुंचाया है वैसे लोग आज पार्टी के सिरमौर बन गए हैं,कांग्रेस के मंत्री विधायक ऐसे लोगों को ही अपने साथ रखते हैं जो या तो उनकी जीहजूरी करे या पैसों की चमक दिखा सके। पूरे प्रदेश की बात नही करता अपने क्षेत्र की ही बात करता हु आप देख सकते हैं की कांग्रेस के संघर्ष के समय जिन जिन कार्यकर्ताओं ने अथक मेहनत करके छत्तीसगढ में सरकार बनने का सपना देखकर दिन रात मेहनत किए वो सब कार्यकर्ता आज दुखी है। और कहा हैं उन सबको पार्टी के ही विधायकों ने अपना निशाना बनाया और उन्हें अपमानित करने का कोई भी अवसर नहीं छोड़ा l

अवसरवादी लोगों का जमावड़ा कांग्रेस में हो गया है l श्री शर्मा ने कहा कार्यकर्ता निराशा और हताशा के दौर से गुजर रहे है वो अपने आप को कोसने लगे हैं की हमने कैसे कैसे मौकापरस्त लोगों के लिए मेहनत किया l कांग्रेस के कार्यकर्ता मंत्रियों विधायकों के कार्यप्रणाली को देखते हुए उनका विरोध करते हैं तो मंत्री विधायकों को व्यक्तिगत पीड़ा होने लगती है पर उन्हें यह अहसास होना चाहिए की कार्यकर्ता की पीड़ा कितनी बढ़ चुकी है l उन्हें यह अहसास नही है की उनको जो ये मान सम्मान मिल रहा है वो कांग्रेस के कार्यकर्ताओं के अथक मेहनत का ही परिणाम है पर बड़े दुर्भाग्य के साथ कहना पड़ रहा है की मंत्री विधायक अब कार्यकर्ता के मेहनत को पैसों से तौलने लगे हैं किसी कार्यकर्ताओं के नाराजगी की बात आने पर ये निजी ही नही सार्वजनिक स्थानों में भी ये बात कहने से गुरेज नहीं कर रहे हैं की चुनाव का समय आएगा तो पैसों से इनका मुंह बंद कर देंगे। मंत्री विधायक इस बात को भूल गए हैं की कार्यकर्ता पैसों का भूखा नही है वो मान सम्मान का भूखा है और वो आपसे मान सम्मान खैरात में नही मांगता वो यह चाह इसलिए करता है की उन्होंने पार्टी को इस स्थिति तक पहुंचाने के लिए जीतोड़ मेहनत की है।
कांग्रेस अब डुबती हुई वो नाव हो गई है जिसे खुद कांग्रेस के बड़े नेता डुबाने में लग गए हैं। कार्यकर्ताओं के उपेक्षा और तिरस्कार का परिणाम आप सबके सामने है पूरे देश में कांग्रेस सिर्फ दो राज्यों में सिमट गई है और आगे ऐसा भी हो सकता है दीगर राज्यो की तरह छत्तीसगढ़ में भी कांग्रेस का अकाल पड़ जाए ।ये ऐसी पार्टी रह जायेगी जहा सिर्फ नेता होंगे कार्यकर्ता नहीं l
रजनीकांत शर्मा ने कहा कि मेरी व्यक्तिगत पीड़ा नहीं है कांग्रेस के हर सच्चे सिपाही की पीड़ा है मैने साहस करके अपनी पीड़ा बताया है मैने तो अपनी भड़ास निकालते हुए पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से अपना इस्तीफा दे दिया पर जो कार्यकर्ता अपनी भड़ास अभी नहीं निकले हैं वो चुनाव के समय अपनी पूरी भड़ास निकालेंगे।और इस बड़े बहुमत के साथ कांग्रेस ने अपनी सरकार बनाई है उसके 10%ही रह जायेगी l