बालोद- यूक्रेन से वपसिंक दौर जारी है इस बीच बालोद जिले के दल्लीराजरा के रहने वाले अक्षांशी वैध और विभूति श्रीवास वापस यूक्रेन से दल्ली राजहरा पहुंच चुके हैं … उनकी वापसी पर उनके परिजनों ने भी राहत की सांस ली है ….दोनों छात्राएं यूक्रेन के खारकीव शहर में रहकर मेडिकल की पढ़ाई कर रही थी…
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.उन्होंने बताया कि यूक्रेन में सबसे ज्यादा गोलाबारी और युद्ध का असर खारकीव में देखा गया है …..अक्षांशी ने बताया इस दौरान इन्हें कई रात बंकर में गुजारना पड़ा तो वही खारकीव से जब स्लोवाकिया बॉर्डर जा रहे थे तो ट्रेन में उन्हें बैठने नहीं दिया जा रहा था ….यूक्रेन के लोग उन्हें चाकू और बंदूक से उनके साथ के सभी भारतीय छात्रों को डरा रहे थे कि पहले यूक्रेन के लोग ही ट्रेन में बैठेंगे…. ऐसे में इतनी कठिनाइयों का सफर करने के बाद यह दोनों छात्राएं वापस दल्लीराजहरा पहुँची आपको बता दें किदल्लीराजहरा से कुल 4 छात्र श्रेस्ठा नायर हेमंत साहू विभूति श्रीवास और अक्षांशी वैद्य यूक्रेन पढ़ने गए थे जो सकुशल वापस आ चुके हैं …जिसके बाद अब इनके परिवारों की भी खुशियाँ लौट आई है