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बालोद जिले में फिर एक बार रफ्तार का शिकार हुआ नील गाय…लगातार हादसों से जा रही वन्य प्राणियों की जान

बालोद- बालोद वन परिक्षेत्र अंतर्गत दल्लीराजहरा मुख्य सड़क के किनारे आरएफ 96 रामनगर परिसर में सोमवार को अज्ञात वाहन की ठोकर से तीन साल की नील गाय मादा की मौत हो गई। अज्ञात वाहन से नील गाय की सिर में गभीर चोट लगने के कारण ही धटना स्थल पर मौत हो गई। नील गाय की दुर्धटना होने की जानकारी मिलते ही वन विभाग की टीम मौके पर पहुँचकर नील गाय को पड़ाव डिपो लगाया गया इसके बाद पशु चिकित्सक ने पड़ाव डिपो में नीलगाय का पोस्टमार्टम किया तथा वहीं उसका अंतिम संस्कार कर दिया गया।

एसडीएम की गाड़ी से नील गाय की हुई थी मौत

दो माह पहले बालोद-दल्ली मार्ग के दैहान मोड़ पर सड़क पार के दौरान नील गाय एसडीएम प्रेमलता चंदेल की सरकारी वाहन की चपेट में आ गई थी । इससे नील गाय घायल हो गई थी। इलाज के दौरान नील गाय की मौत हो गई थी।

इससे पहले भी मौत

ज्ञात रहे बालोद से दल्ली मार्ग पर 20 किलोमीटर तक जंगल का इलाका पड़ता है, इस क्षेत्र के अधिकांश इलाका वन्य प्राणियों का विचरण का क्षेत्र जहां अक्सर सड़क के इस पार से उस पार आने-जाने के दौरान वन्य प्राणियों की सड़क दुर्घटना में इससे पहले भी मौत हो चुकी है। रेंजर रियाज खान ने कहा कि धटना को रोकने के लिए शासन प्रशासन से वन्य प्राणी के विचरण क्षेत्र में गतिअवरोधक बनाने की मांग किया है। लेकिन शासन द्वारा कोई ध्यान दिया जा रहा इससे लगातार वाहनो की चपेट में वन्य प्राणी दुर्धटना का शिकार हो रहे है।

सिर में लगी थी गभीर चोट

घटना दौरान नील गाय को पैर व सिर में चोट लगी थी। इससे उसकी मौत हो गई। इसके बाद पशु चिकित्सक ने पड़ाव डिपो में नीलगाय का पोस्टमार्टम किया तथा वहीं उसका अंतिम संस्कार कर दिया गया। इस दौरान रेंजर रियाज खान,उपमंडल अधिकारी एमसी डहरे,सहायक परिक्षेत्र अधिकारी दामन लाल ठाकुर,परिसर रक्षक रवींद्रनाथ यादव,धनश्याम मानकुर, सहित अन्य वन कर्मी मौजदू थे।

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