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जिले में गौ-तस्करी की फिर लगातार मिल रही शिकायतें तो वही आज भी एक्सपायरी लाइसेंस के आड़ में कुछ व्यापारी कर रहे गौ खरीदी

बालोद- जिले के खेरथा बाजार में मवेशियों के सबसे बड़ा बाजार लगता है। जहाँ एक्सपायरी लाईसेंस होने के बाद भी ठेकेदार द्वारा लाखों की खरीदी बिक्री की जा रही है। लेकिन जिम्मेदार द्वारा कोई ध्यान नहीं देने के कारण शासन को राजस्व का नुकसान हो रहा है। मवेशी विक्रताओं को पशु विभाग द्वारा लाइसेंस जारी किया जाता है। इसके बाद ही मवेशियों की बिक्री कर सकते हैं।


खेरथाबाजार में व्यपारी एक्सपायरी साइंसेस के बाद भी मवेशियों की कर रहे खरीदी बिक्री

 

जानकारी के अनुसार मवेशी के एक व्यपारी हथौद निवासी … का 10 मई 2018,व्यपारी बी जामगांव निवासी .. का 01 मई 2018 का लाइंसेस वैध था।जिसके बाद दोनों व्यपारियो का साइंसेस का नवीनीकरण नही हुआ है। जिले के खेरथाबाजार में आज भी मवेशी व्यपारीयो के लाइसेंस एक्सपायरी होने के बाद मवेशी की खरीदी-बिक्री करते हैं। पशु विभाग की अनदेखी के कारण खेरथा बाजार में एक्सपायरी लाइसेंस के ही मवेशियों की बिक्री की जा रही है। बता दे कि जिले के खेरथा बाजार में हर सप्ताह मवेशी बाजार लगता है। इस बाजार में किसान व अन्य लोग मवेशी खरीदते हैं। मवेशी बेचने वालों को पशु विभाग से लाइसेंस बनवाना अनिवार्य होता है, लेकिन विभाग के अधिकारियों की लापरवाही के कारण एक्सपायरी साइंसेस के बाद भी व्यापारी बाजार में मवेशी बेचने पहुंचते हैं।एक्सपायरी लाइसेंस ही बाजार में धड़ल्ले से मवेशियों की बिक्री की जा रही है। एक्सपायरी लाइसेंस होने के कारण मवेशियों की तस्करी होने की जानकारी भी नहीं मिल पाती। जिले में लगातार गाय, बैलों की तस्करी का मामला सामने आ रहा है। व्यापारियों को पंजीयन नहीं होने के कारण मवेशियों को बाजार में विक्रय न कर कत्लखाने बेच देते हैं। जबकि लाईसेंस का नवीनीकरण बनाने से शासन को राजस्व भी मिलता है। एक्सपायरी लाईसेंस के लाखों की खरीदी बिक्री धड़ल्ले से हो रही है।

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