बालोद-बालोद ब्लाक के ग्राम सुंदरा में बेमौसम बारिश व खराब मौसम के कारण दलहन-तिलहन फसल खराब होने पर नुकसान का सर्वे कर मुआवजा देने की मांग को लेकर सुंदरा के किसानों ने शुक्रवार को कलेक्टर को ज्ञापन सौपा है। किसानों ने सौंपे ज्ञापन में मांग की है कि पिछले कुछ दिनों से अंचल में बेमौसम बारिश व खराब मौसम का दौर जारी है, इससे किसानों के दलहन-तिलहन फसल बूरी तरह से खराब हो चुका है। ग्राम सुंदरा के प्रभावित किसानों के खराब फसल का जिला प्रशासन सर्वे करें और नुकसान प्रभावित किसानों को मुआवजा प्रदान करें, ताकि नुकसान का भरपाई हो सके।
असमय बारिश से ग्राम सुंदरा में 200 से 250 एकड़ में लगी दलहन तिलहन की फसल हुआ बर्बाद
किसान छगन देशमुख ने बताया कि शासन की योजनांतर्गत फसल चक्र परिवर्तन के अंतर्गत ग्राम सुंदरा में चना ,गेंहू,तिवरा, धनिया,उड़द,मूंग सहित अन्य फसल किसानों द्वारा लगाया गया था जो असमय बारिश से दलहन तिलहन की फसल पूरी तरह से नष्ट हो गया है। किसान छगन देशमुख ने बताया कि ग्राम सुंदरा में 200 से 250 एकड़ में दलहन तिलहन की फसल लगाए थे जो असमय बारिश से पूरी तरह से बर्बाद हो गया है। खेतो में धुटने तक पानी भरा हुआ है। ग्राम सुंदरा में हुए दलहन तिलहन की फसल को नुकसान का सर्वे कर किसानों को मुआवजा प्रदान करने की मांग प्रशासन से किया है।
किसानों को मुआवजा दे सरकार तभी होगी नुकसान की भरपाई
किसानों ने बताया कि किसानों के पास आय का कोई दूसरा अन्य माध्यम नहीं है, ऐसे में वे कर्ज में डूब जाएंगे। प्रभावित किसानों को मुआवजा दें, ताकि नुकसान की भरपाई हो सके। वहीं राज्य सरकार की गलत धान खरीदी नीति के कारण धान की फसल को व किसानों को आर्थिक बोझ उठाना पड़ रहा है। खराब मौसम व बेमौसम बारिश के चलते पिछले कई दिनों से अंचल में धान की खरीदी बंद है। अब तक धान नहीं बेच पाने वाले किसानों को चिंता सता रही है।ज्ञापन सौपने वाले में प्रमुख रूप से छगन देशमुख,पुराणिक लाल,हरी देशमुख,शेषकुमार देशमुख,पारस,जीवराखन ,कोमल प्रसाद,लोकेश्वर,भीषण सिंह,पीतांबर सिंह,अरुण कुमार,झम्मन पटेल,उदेराम, हिरामन साहू सहित बड़ी सख्या में सुंदरा के किसान शामिल थे।