प्रदेश रूचि

जिन खेतो पर लहलहाते थे फसलें ..आज उन्ही खेतो पर भूमाफियाओं की टेढ़ी नजर..लगातार अवैध प्लाटिंग के बावजूद प्रशासन ने कर रखी अपनी आंख बंद

बालोद-  प्रशासन के नाक के नीचे जिला मुख्यालय के  सहित ग्राम झलमला, सिवनी, देवारभाट, पाकुरभाट, जगतरा में धड़ल्ले से भू-माफियाओं द्वारा कृषि भूमि पर अवैध प्लाटिंग की जा रही हैं। भू-माफियाओं द्वारा सारे नियम कायदों को ताक में रख एवं कॉलोनाइजर एक्ट के उलंघन कर अवैध रूप से प्लाटिंग की जा रही है। इतना ही नही कुछ भू-माफियाओं द्वारा तो आदिवासियों से सस्ते दामों में कृषि जमीन खरीद उसमे भी अवैध रूप से प्लाटिंग की जा रही हैं और ऊंचे दामों में बेचा जा रहा है। कृषि भूमि पर अवैध प्लाटिंग का खेल जिला बनने के बाद से चला आ रहा है। प्लाटिंग होने के बाद फिर डायवर्शन का खेल चलता हैं। बालोद जिला मुख्यालय में ,कुंदरूपारा , रेलवे कॉलोनी, आमापारा, शिकारीपारा, बुडा तलाब रोड, हीरापुर रोड़,सिवनी,पाकुरभाट में कृषि भूमि पर सारे नियम कायदों को ताक में रख प्लाटिंग की जा रही है । बता दे कि सिर्फ स्टाम्प पेपर में खरीदी बिक्री का खेल चालू है। स्टाम्प पेपर में ही लिखा पढ़ी कर जमीनों की बिक्री की जा रही है। जमीन के इस खेल में कई लोग ठगी का शिकार भी हुए है। लेकिन आज तक प्रशासन ने भू माफियाओ के ऊपर कोई कार्यवाही नही किया गया हैं, जिसके कारण इन माफिओ के हौसले बुलंद होते जा रहे हैं और भोले भाले ग्रामीणों को अपने जाल में फसाकर औने पौने पर खरीद रहे हैं,


सफेदपोश भी दलाली के धंधे में सक्रिय

जमीन दलाली के इस कारोबार में शहर के कई प्रापर्टी डीलर अवैध प्लाटिंग के इस कारोबार में सफेदपोश सत्ता पक्ष व विपक्ष के जनप्रतिनिधि, नेता से लेकर अधिकारी व कई पटवारी भी शामिल हैं , पर इस गंभीर विषय पर अभी तक शासन-प्रशासन से कोई ठोस जांच या कार्रवाई नहीं हुई है। कहा जाए कि इस काम में सारे जिम्मेदार लिप्त नजर आते हैं।

अवैध निर्माण जारी

बालोद-धमतरी मार्ग पर सिवनी, झलमला, देवारभाट, पाकुरभाट, जगतरा, आवराभाठा आदि गांवों के आसपास उपजाऊ जमीन को नष्ट कर खेतों में अवैध निर्माण का काम जारी है। जिले के जिम्मेदार अधिकारी भी इस सारे कार्यों को देख रहे हैं, पर कार्रवाई व जांच के नाम पर कुछ नहीं हो रहा है। ग्राम बघमरा, पड़कीभाट बाइपास मार्ग में भी भूमाफिया किसानों की जमीन को पानी की मोल खरीद कर भारी कीमत में बेच रहे हैं, इसमें नियमों को ताक पर रखे जाने की जानकारी मिली है।

शहर में भी है अवैध कालोनियां

बीते एक दशक से बालोद के जिला बनने की चर्चाओं के साथ यहां भी खेतों को नष्ट कर अनेक अवैध कालोनियों को बसाने में कालोनाइजरेक्ट एवं नगर निवेश विभाग के प्रावधानों की धज्जियां उड़ाई जा रही है। जमीन के दाम बढऩे का हवाला देकर सक्षम लोग खूब लूट रहे हैं और माध्यम वर्ग के लोगों के सपने टूट रहे हैं।

पालिका और राजस्व की टीम करेगी कार्यवाही

जहाँ जानकारी आई है वहाँ नियमानुसार कार्यवाही की जा रही है।अभी और जानकारी ले लेता हूं।जिला मुख्यालय में यदि अवैध प्लाटिंग हो रही होगी तो पालिका और राजस्व की सयुक्त टीम द्वारा कार्यवाही किया जाएगा-गंगाधर वाहिले एसडीएम बालोद

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

error: Content is protected !!