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देखरेख के अभाव में उजड़ रहा नगर का यह वाटिका…बालोद नगर पालिका देखरेख व मरम्मत के नाम पर करती लाखो खर्च..लेकिन धरातल में नही दिख रहा सुधार

बालोद- जिला मुख्यालय के नया बस स्टैंड में स्थित महावीर वाटिका में कृत्रिम झरना बनाई गई हैं। जो देखरेख के अभाव में कई महीनों से बंद पड़ी हुई है जिसका सुध नगर पालिका द्वारा नही लिया जा रहा हैं।नया बस स्टेंड स्थिर महावीर वाटिका को एक वर्ष पहले नगर पालिका ने लाखों रुपये खर्च कर साज सज्जा कर उक्त झरना को प्रारभ किया था,लेकिन कुछ महीनों बाद ही झरना बंद हो गई और लाइटे उधर उधर बिखरी पड़ी हुई हैं। बता दे कि नया बस स्टैंड स्थित महावीर वाटिका में पत्थरों से कृत्रिम झरना बनाया गया था,जिसके ऊपर से पानी गिरता था,वही झरना के नीचे में दर्जनों फव्वारा लगाया हैं जिसके चलने से धुआं उठने जैसी दृश्य दिखाए देता था,जिसको देखने के लिए बच्चे अपने पालकों से आते थे रोमांचित हो उठते थे । शाम को लोग अपने परिवार सहित उक्त झरने को निराहने के लिए पहुचे थे,और अपने मोबाइल व कैमरे में कैद करते थे ,लेकिन अब झरना पूरी तरह से बंद होने से लोग निराश होकर नगर पालिका को कोसते नजर आ रहे है।

 

वाटिका में रंगीन लाइट भी पूरी तरह नहीं जलती

महावीर वाटिका में लगाई गई रंगीन लाइट भी पूरी नहीं जलती। यहां झरने से उतरने वाले पानी को सुंदर दिखाने के लिए 10 लाइट लगी है, लेकिन अभी एक भी लाइट नही जलती। वाटिका को नियमित भी नहीं खोला जाता। इस वजह से भी लोग अब यहां आने में दिलचस्पी नहीं दिखाते हैं। आलम यह है कि वाटिका को संवारने पालिका के अफसर व जनप्रतिनिधि सिर्फ आश्वासन दे रहे हैं। ऐसे में यह स्थल अपनी रौनक खोते जा रहा है।

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