बालोद-जिला मुख्यालय से लगे ग्राम बधमरा में एक व्यक्ति द्वारा ग्रामीणों को मेरी थाने में सेटिंग है मेरा कोई कुछ नही बिगाड़ नही सकता कह कर खुलेआम शराब बेचने को लेकर प्रदेश रुचि वेबपोर्टल ने एक माह पहले 3 अक्टूबर को प्रमुखता से खबर प्रकाशित कर पुलिस प्रशासन का ध्यानाकर्षण किया गया था जिसके बाद पुलिस हरकत आई और तोरण निषाद को 50 देशी पौव्वा के साथ 34 (2) के तहत गिरफ्तार किया। पुलिस ने बताया कि अवैध शराब बिक्री करने हेतु परिवहन करने वाले बधमरा निवासी तोरण निषाद पिता मनराखन निषाद 50 वर्ष के खिलाफ धारा 34(2) आबकारी एक्ट के तहत गिरफ्तार किया है।तोरण निषाद 50 पौव्वा देशी प्लेन कीमत 4 हजार रुपये और बजाज सीटी 100 मोटरसाइकिल जब्त किया है।
ग्राम बधमरा में खुलेआम हो रही थी शराबखोरी
शराब का अवैध कारोबार कर अधिक लाभ कमाने के चक्कर में ग्राम बधमरा में शराब की अवैध बिक्री लगातार की जा रही थी । इसके चलते गांव माहौल खराब होता जा रहा था। वहीं युवा पीढ़ी नशे की लत का आदी हो रही है।ग्राम बधमरा में अवैध शराब बेची जा रही है थी जहां चौक-चौराहें पर खुलेआम शराब की ब्रिकी हो रही है जिससे कानून व्यवस्था पर भी प्रश्न चिन्ह लग रहा है। अवैध शराब की बिक्री से जहां गांव का माहौल खराब हो रहा है, तो वहीं युवा पीढ़ी भी नशे की लत के आदि होते जा रहे थे। ग्रामीणों द्वारा उक्त युवक को शराब बेचने को मना किया गया तो उक्त युवक ग्रामीणों को मेरा कोई कुछ नही बिगाड़ सकता मेरा सेटिंग थाना से होने की हवाला दिया गया था।
युवक द्वारा 80 की शराब 120 में बेच रहा था
गांव में किसी भी समय आसानी से अवैध शराब मिल जाती है, फर्क सिर्फ इतना रहता है कि सरकारी दुकान में पव्वा 80 रूपए और इस जगह 120 रूपए पव्वा बिकता है। चिंताजनक बात यह है कि बेरोजगार युवा इन अवैध धंधो की तरफ आकर्षित हो रहे हैं। सवाल यह भी है कि समय रहते यदि ठोस कार्रवाई नहीं हुई तो गांव का माहौल दिनबदिन बिगड़ता जाएगा। उल्लेखनीय है कि क्षेत्र के शायद ही कोई गांव शराब की अवैध बिक्री से अछूता हो। आलम यह है कि गांव वालों को दूध की तलाश में भले ही भटकना पड़ता हो। लेकिन मदिरा प्रेमियों को गांव में बिना मशक्कत किये ही शराब उपलब्ध हो जाती है। ऐसे में गांव का महौल प्रदुषित होना स्वभाविक है।