बालोद-गोदावरी पावर एंड इस्पात लिमिटेड रायपुर द्वारा संचालित बोरिया टिब्बु आयरन ओर माइंस के मैनेजर वार्ड 9 इंदिरा काॅलोनी निवासी हेमंत उपाते के घर के सामने गाली गलौज कर जान से मारने की धमकी दी। मामले में राजहरा पुलिस ने 9 लोगों सहित अन्य लोगो के खिलाफ धारा 147,149,294,323,452,506 के तहत मामला दर्ज कर विवेचना में लिया है।टिब्बू बोरिया माइंस खड़गांव के मैनेजर ने थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई है कि मंगलवार को सुबह लगभग 7. बजे अपने निवास इंदिरा काॅलोनी चिखलाकसा में था। हेमंत उपाते ने बताया कि मेरे घर के सामने बोरिया टिब्बु आयरन ओर माइंस में पूर्व में कार्यरत 150 मजदूर गाली गलौज करते हुए बाहर निकलने के लिए बोल रहे थे। तब मैने बाहर आने से मना किया।उसी समय बोरिया टिब्बु आयरन ओर माइंस के सिनियर मैनेजर कमलजीत सिंह निवासी शताब्दी नगर चिखलाकसा को फोन कर घर पर बुलाया और मजदूरों को समझाने का प्रयास किया। किन्तु भीड़ उग्र हो गई।भीमराज मतलामे निवासी दोरबा, नरेन्द्र मंडावी निवासी दोरबा, जितेन्द्र रावटे निवासी खडगांव, पंचराम निवासी दोरबा, रामकुमार सलामे निवासी बोदरा, ज्ञानसिंह निषाद निवासी खड़गांव समेत अन्य लोग मेरे घर के अंदर घुसकर मेरे कालर को पकड़कर मारपीट की और मुझे जबरन लेबर कमीश्नर रायपुर के पास चलने बोल रहे थे। मना करने पर जान से मारने की धमकी दी। कमलजीत सिंह से भी मारपीट की। कपड़े भी फाड़ दिए। थाना प्रभारी टीएस पटटावी अपने स्टाफ के साथ घटना स्थल पर पहुंचकर लोगों काे समझाया।
फैसला आने के बाद काम पर रखने से इंकार किया
मोती हिरवनी, नरेन्द्र मंडावी, जितेन्द्र रावटे, राजेन्द्र रावटे,शीमराम मतलाम, गजेन्द्र भूआर्य, इंदिरा बाई गुटा,शिवबती उइके, शांता बाई का कहना है कि हम 4 साल तक माइंस में काम किए हैं। किसी कारण से काम से निकाल दिया गया। इसकी शिकायत राजनंदगांव कलेक्टर व थाना प्रभारी किए हैं लेकिन न्याय नहीं मिलने से श्रम कमीशनर रायपुर को लिखित में शिकायत किए हैं। 6 अक्टूबर 1 को हमारे पक्ष मे फैसला आया। इसके बाद फैसले की काॅपी माइंस मैनेजर को देकर काम पर रखने को कहा, लेकिन माइंस मैनेजर हमें काम पर रखने से इंकार कर दिया।