15 सूत्रीय मांगों को लेकर सर्व आदिवासी समाज कर रहे आर्थिक नाकेबंदी
सर्व आदिवासी समाज की मांग है कि सुकमा जिले के ग्राम सिलगेर में पुलिस के गोलीबारी से मृत आदिवासियों के परिजनों को 50 लाख रूपये, घायलों को 5 लाख रूपये और मृतकों के परिजनों को योग्यता अनुसार शासकीय नौकरी एवं सम्पूर्ण बस्तर में नक्सल समस्या का समाधान के लिए शासन स्तर पर पहल किया जाये, शासकीय नौकरी में बैकलाग और नईभर्तियों में रोस्टर आरक्षण लागू किया जाये, पांचवी अनुसूची क्षेत्र में तृतीय एवं चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी भर्ती में शत् प्रतिशत आरक्षण लागू किया जाये, प्रदेश में खनिज उत्खनन के लिए जमीन अधिग्रहण की जगह लीज में लेकर जमीन मालिक को शेयर होल्डर बनाया जाये , गौण खनिज का पूरा अधिकार ग्राम सभा को दिया जाये , फर्जी जाति प्रमाण पत्र पर शीघ्र कार्यवाही हो , मात्रात्मक त्रुटि सुधार कर 19 जातियों को जातिप्रमाण पत्र जारी करें , छात्रवृत्ति योजना में आदिवासियों के लिए आय सीमा 2.50 लाख को समाप्त किया जाये , आदिवासी समाज की लड़की अन्य जाति समाज में शादी होने पर इनके नाम की जमीन जायदाद वापस किया जाये , आदिवासियों पर उत्पीड़न जमीन का हस्तांतरण , महिला एवं बच्चों पर अत्याचार , हत्या , जातिगत पर तत्काल कार्यवाही करें ।रमेशर आत्मज गुहाराम जाति गोंड निवास ग्राम सिवनी तहसील डोण्डीलोहारा के निजी जमीन को गलत ढंग से राजस्व अधिकारियों द्वारा गैर आदिवासी को हस्तान्तरण के मामले में शीघ्र निराकरण करने , ग्राम कन्नेवाड़ा तहसील व जिला बालोद निवासी जगमोहन सोरी के निर्माणाधीन मकान को तहसीलदार बालोद द्वारा अवैध रूप से तोड़े जाने के प्रकरण,स्व.ग्वालिन बाई पति रामगुलाल उड़के के निर्माणाधीन मकान के नीव को पूर्व सरपंच घनाराम डडसेना द्वारा गलत ढंग से तोड़े जाने के प्रकरण का निराकरण करने बाबत्। नारद राम ध्रुव निवासी ग्राम मुड़खुसरा तहसील गुरुर जिला बालोद द्वारा ग्राम पंचायत एवं जनपद पंचायत के निर्देशानुसार अपनी निजी जमीन 90 डिसमिल वर्ष 1988 में तालाब बनाने हेतु दिए थे। जिसके बदले में उन्हें ग्राम पंचायत प्रस्ताव एवं जनपद पंचायत की अनुशंसा से तहसीलदार गुरुर द्वारा 90 डिसमिल घास जमीन दिया गया है। किन्तु इतने वर्षों के बाद भी उसका नामान्तरण नहीं किया गया है। उसका शीध नामान्तरण किया जावे। ग्राम कोसमी थाना डौण्डी लोहारा निवासी हेमेश्वरी नायक की हत्या 11.06.2021 की दरम्यानी रात में हुई थी। हत्या के इतने दिन बाद भी अपराधी पुलिस गिरफ्त से बाहर है जिससे समाज में भारी आक्रोश है। इसके लिए हम सी.बी.आई. जाँच की माँग करते है।