क्या कहते हैं ग्रामीण
ग्रामीण टिकेश्वर साहू, जनक साहू, वीरेंद्र कुमार देवांगन, गोकुल प्रसाद साहू, डोमन लाल साहू, महादेव साहू, तुलसी राम साहू, रामेश्वर, अर्जुन साहू, महेंद्र कुमार, भगवान सिंह, अनिल कुमार, ननकी राम निर्मलकर ने बताया कि चंदनबिरही से मजदूरी एवं अन्य कार्य के लिए मार्ग पर आवागमन करने वाले लोगों से मारपीट एवं गाली-गलौच करते हैं। एवं इसका विरोध करने पर डंडे से मारने के दौडाते हैं ।पूर्व में जब चंदन बिरही रेत घाट में 6 गाड़ियों पर कार्रवाई की गई थी उस दौरान बबलू निषाद बच निकला।

विधायक मेरा चाचा है
ग्रामीणों ने बताया कि जब बबलू निषाद को रेत उत्खनन करने से मना किया तो बबलू निषाद ने ग्रामीणों को धमकी देते हुए एवं गाली गलौज करते हुए कहां की विधायक मेरा चाचा है। थाना प्रभारी मेरे पहचान का है। बहुत दूर-दूर तक मेरी पहुंच है। जो करना है करो मैं नदी से रेत निकाल लूंगा।नदी से शासन के बिना अनुमति रेत चोरी करने वाले को कहते हैं रेत माफिया बालोद जिला के सबसे चर्चित अवैध रेत घाट चंदनबिरही जहां पर आए दिन घटना दुर्घटना मारपीट आम बात हो गया है।पूर्व में रंगकठेरा घाट के ऊपरी हिस्से में घास जमीन पर रेत का अवैध रूप से रखने के मामले में जब कार्रवाई हुआ था उस समय भी अधिकारियों पर गलत बर्ताव करने का मामला सामने आया था पर पता नहीं गुंडरदेही पुलिस विभाग राजस्व विभाग और खनिज विभाग के मिलीभगत के चलते इस युवक पर क्यों नहीं होता कार्यवाही पूर्व में भी इनका शिकायत थाना पर हुआ पर कार्यवाही अभी तक नहीं हुआ।अब प्रशासन के लिए बड़ी सवाल जब कोई एक व्यक्ति मारपीट का रिपोर्ट लिखने आता है तो उसका थाना में ही एफआईआर हो जाता है, पर पूरे गांव के ग्रामीण एक व्यक्ति के शिकायत लेकर आया तो उनको गांव में चौपाल लगाकर कार्यवाही करने एवं मात्र धारा, 107, 16 की कार्यवाही पर ग्रामीणों को 3 घंटा तक थाना के सामने खड़ा रहना पड़ गया आखिर क्यों।




















