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अवैध रेत खनन से मना करने पहले दी ग्रामीणो को धमकी और कहा विधायक मेरा चाचा है…कार्यवाही की मांग को लेकर सैकड़ों ग्रामीण पहुंचे गुंडरदेही थाना

बालोद-जिले के गुंडरदेही थाना क्षेत्र के ग्राम चंदनबिरही के ग्रामीणों को रेत माफिया के द्वारा जान से मारने व गाली गलौज करने के मामले को लेकर लगातार दो दिन से ग्रामीण थाना पहुंच रहे है। लेकिन अब तक पुलिस द्वारा उक्त रेत माफिया के खिलाफ किसी भी प्रकार की कोई कार्यवाही नही किया गया है। ग्रामीणों ने बताया कि ग्राम रेंगकठेरा निवासी बबलू निषाद पिता रामसेवक निषाद लंबे समय से ग्राम चंदनबिरही के तांदुला नदी से रेत का अवैध उत्खनन कर रहा हैं। ग्रामीणों ने जब इसका विरोध किया तो बबलू निषाद ने ग्रामीणों के साथ गाली गलौज करते हुए उन्हें जान से मारने की धमकी दे दी। बबलू निषाद की धमकी से बौखलाए ग्रामीणों ने आज ट्रैक्टर व मेटाडोर में सवार होकर सैकड़ो की संख्या में गुंडरदेही थाना पहुंचे और बबलू निषाद के ऊपर कार्रवाई की मांग की गई। परंतु गुंडरदेही थाना प्रभारी द्वारा ग्राम में चौपाल लगाकर समझौता करने की बात कही गई। थाना प्रभारी की बातों से निराश होकर चंदन बिरही के ग्रामीण एसडीएम कार्यालय पहुंचे। इस दौरान ग्रामीणों ने अपनी परेशानी बताई और बबलू निषाद के ऊपर कड़ी कार्रवाई करने की मांग की। इस मामले को लेकर एसडीएम भूपेंद्र अग्रवाल ने अर्जुंदा तहसीलदार एवं गुंडरदेही थाना प्रभारी को बबलू निषाद के ऊपर धारा 107 16 के तहत कार्यवाही करने का निर्देश दिया। एवं इसके बावजूद अगर बबलू निषाद अवैध रेत उत्खनन करता है तो उस पर कड़ी कार्रवाई करने की बात कही।

क्या कहते हैं ग्रामीण

 

ग्रामीण टिकेश्वर साहू, जनक साहू, वीरेंद्र कुमार देवांगन, गोकुल प्रसाद साहू, डोमन लाल साहू, महादेव साहू, तुलसी राम साहू, रामेश्वर, अर्जुन साहू, महेंद्र कुमार, भगवान सिंह, अनिल कुमार, ननकी राम निर्मलकर ने बताया कि चंदनबिरही से मजदूरी एवं अन्य कार्य के लिए मार्ग पर आवागमन करने वाले लोगों से मारपीट एवं गाली-गलौच करते हैं। एवं इसका विरोध करने पर डंडे से मारने के दौडाते हैं ।पूर्व में जब चंदन बिरही रेत घाट में 6 गाड़ियों पर कार्रवाई की गई थी उस दौरान बबलू निषाद बच निकला।


विधायक मेरा चाचा है

ग्रामीणों ने बताया कि जब बबलू निषाद को रेत उत्खनन करने से मना किया तो बबलू निषाद ने ग्रामीणों को धमकी देते हुए एवं गाली गलौज करते हुए कहां की विधायक मेरा चाचा है। थाना प्रभारी मेरे पहचान का है। बहुत दूर-दूर तक मेरी पहुंच है। जो करना है करो मैं नदी से रेत निकाल लूंगा।नदी से शासन के बिना अनुमति रेत चोरी करने वाले को कहते हैं रेत माफिया बालोद जिला के सबसे चर्चित अवैध रेत घाट चंदनबिरही जहां पर आए दिन घटना दुर्घटना मारपीट आम बात हो गया है।पूर्व में रंगकठेरा घाट के ऊपरी हिस्से में घास जमीन पर रेत का अवैध रूप से रखने के मामले में जब कार्रवाई हुआ था उस समय भी अधिकारियों पर गलत बर्ताव करने का मामला सामने आया था पर पता नहीं गुंडरदेही पुलिस विभाग राजस्व विभाग और खनिज विभाग के मिलीभगत के चलते इस युवक पर क्यों नहीं होता कार्यवाही पूर्व में भी इनका शिकायत थाना पर हुआ पर कार्यवाही अभी तक नहीं हुआ।अब प्रशासन के लिए बड़ी सवाल जब कोई एक व्यक्ति मारपीट का रिपोर्ट लिखने आता है तो उसका थाना में ही एफआईआर हो जाता है, पर पूरे गांव के ग्रामीण एक व्यक्ति के शिकायत लेकर आया तो उनको गांव में चौपाल लगाकर कार्यवाही करने एवं मात्र धारा, 107, 16 की कार्यवाही पर ग्रामीणों को 3 घंटा तक थाना के सामने खड़ा रहना पड़ गया आखिर क्यों।

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