प्रदेश रूचि

खुरसुनी जनसमस्या शिविर बना सौगातों का मंच, 929 आवेदनों का मौके पर निपटाराबालोद में महिला आरक्षण पर सियासी संग्राम: बीजेपी-कांग्रेस आमने-सामने, किसका दांव पड़ेगा भारी?…पढ़े पूरी खबर सिर्फ प्रदेशरुचि पर…ब्राह्मण समाज की महिलाओं ने दिखाई एकजुटता, हर माह होगी बैठक, प्रतिभावान बेटियों के सम्मान का संकल्पआईटीआई में पढ़ाई छोड़ छात्रों से मजदूरी, निर्माण कार्य के दौरान छात्र घायल हादसे में दोनों हाथों की पांच उंगलियां कटीं, छात्रों ने वर्षों से श्रम कराने का लगाया आरोपराष्ट्रीय सिविल सेवा दिवस पर बालोद में प्रशासनिक अधिकारियों का सम्मान, जल संरक्षण और पशु-पक्षियों के लिए पानी को लेकर हुई सार्थक चर्चा

कोरोना का खतरा अभी टला नही लेकिन लोगो व बस संचालकों की लापरवाही दिखने लगी…एक संक्रमित कर सकता है फिर से तीसरा लहर पैदा

बालोद- जिले में भले ही कोरोना मरीजो की सख्या में भारी कमी आई है लेकिन खतरा अभी भी टला नही है। लेकिन समय बीतने के साथ प्रशासन की ढिलाई और लोगों की लापरवाही भी बढ़ती जा रही है। जो लोगों के लिए खतरनाक साबित हो सकता है। खासकर इन दिनों शादी का सीजन चल रही हैं जिससे यात्री बसों में भारी भीड़ बढ़ने लगी है और बसों में यात्रियों द्वारा आवश्यक सावधानी की अनदेखी की जा रही है


यात्री बसो में लोग सामाजिक दूरी का नही कर रहे हैं पालन

जिले में सबसे सुलभ व सस्ता परिवहन साधन केवल यात्री बसें ही है। इन यात्री बसों में शादी का सीजन शुरू होते ही भीड़ बढ़ने लगी है। जहां ना तो सामाजिक दूरी का पालन किया जा रहा है और ना ही लोग मास्क पहन रहे हैं। जिले में कोरोना मरीजो की सख्या दो अंकों में सिमट गई है जिसके कारण लोग अनिवार्य रूप से मास्क पहनने के साथ सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करना भूल गए हैं। हालात यह है कि 90 फीसदी यात्रियों से लेकर ड्राइवर व कंडक्टर तक मास्क तक नहीं पहन रहे हैं। इसमें बुजुर्गों व बच्चों के साथ व महिलाएं भी शामिल है। शादी समारोह में तो नियम टूट ही रहे हैं। सबसे ज्यादा लापरवाही यात्री बसों में देखने मिल रही है। ना स्टाफ कर रहा पालन ना ही यात्री । एक दर्जन से अधिक बसों में क्षमता से अधिक बैठ रही सवारियों के साथ ही स्टाफ ने मास्क नहीं पहन रखे थे।

बस संचालक शासन की गाइडलाईन नही कर रहे हैं अनदेखी

बसों को संचालित करने से पहले जारी गाइड लाइन में बसों को सैनिटाइज करने की शर्त विभाग ने दी थी, वहीं विभाग ने बस के अंदर सामाजिक दूर का पालन करने के लिए भी कहा था। ताकि कोरोना संक्रमण फैल नहीं सके, लेकिन शर्तों का पालन नहीं किया जा रहा है। हालात यह है कि बसों में सफर करने वाले 5 फीसदी लोग भी मास्क का उपयोग नहीं कर पा रहे है। कुछ यात्री गमछा व रूमाल बांधकर जरूर खुद का बचाव करते हुए दिखे है।

शादी के सीजन में बढ़ रही भीड़

जिले में अप्रैल और मई माह में पूर्ण लांकडाउन होने के कारण लोग शादी को स्थगित कर दिया गया था। जुलाई माह में शादी का सीजन शुरू हो गया है। जुलाई माह में अंतिम शादी की मुहूर्त न होने के कारण एक ही मुहूर्त पर कई शादियां हो रही हैं। ऐसी स्थिति में लोग शादियों में शामिल होने के लिए एक स्थान से दूसरे स्थान भी जा रहे हैं और बड़ी संख्या में लोगों के द्वारा यात्री बसों का प्रयोग किया जा रहा है। जिससे बसों में भीड़ बढ़ गई है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

error: Content is protected !!