बालोद- जिले में भले ही कोरोना मरीजो की सख्या में भारी कमी आई है लेकिन खतरा अभी भी टला नही है। लेकिन समय बीतने के साथ प्रशासन की ढिलाई और लोगों की लापरवाही भी बढ़ती जा रही है। जो लोगों के लिए खतरनाक साबित हो सकता है। खासकर इन दिनों शादी का सीजन चल रही हैं जिससे यात्री बसों में भारी भीड़ बढ़ने लगी है और बसों में यात्रियों द्वारा आवश्यक सावधानी की अनदेखी की जा रही है।

यात्री बसो में लोग सामाजिक दूरी का नही कर रहे हैं पालन
जिले में सबसे सुलभ व सस्ता परिवहन साधन केवल यात्री बसें ही है। इन यात्री बसों में शादी का सीजन शुरू होते ही भीड़ बढ़ने लगी है। जहां ना तो सामाजिक दूरी का पालन किया जा रहा है और ना ही लोग मास्क पहन रहे हैं। जिले में कोरोना मरीजो की सख्या दो अंकों में सिमट गई है जिसके कारण लोग अनिवार्य रूप से मास्क पहनने के साथ सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करना भूल गए हैं। हालात यह है कि 90 फीसदी यात्रियों से लेकर ड्राइवर व कंडक्टर तक मास्क तक नहीं पहन रहे हैं। इसमें बुजुर्गों व बच्चों के साथ व महिलाएं भी शामिल है। शादी समारोह में तो नियम टूट ही रहे हैं। सबसे ज्यादा लापरवाही यात्री बसों में देखने मिल रही है। ना स्टाफ कर रहा पालन ना ही यात्री । एक दर्जन से अधिक बसों में क्षमता से अधिक बैठ रही सवारियों के साथ ही स्टाफ ने मास्क नहीं पहन रखे थे।
बस संचालक शासन की गाइडलाईन नही कर रहे हैं अनदेखी
बसों को संचालित करने से पहले जारी गाइड लाइन में बसों को सैनिटाइज करने की शर्त विभाग ने दी थी, वहीं विभाग ने बस के अंदर सामाजिक दूर का पालन करने के लिए भी कहा था। ताकि कोरोना संक्रमण फैल नहीं सके, लेकिन शर्तों का पालन नहीं किया जा रहा है। हालात यह है कि बसों में सफर करने वाले 5 फीसदी लोग भी मास्क का उपयोग नहीं कर पा रहे है। कुछ यात्री गमछा व रूमाल बांधकर जरूर खुद का बचाव करते हुए दिखे है।





















