बालोद-जिला मुख्यालय के गंजपारा स्थित ब्लेज एकेडमी अंग्रेजी विधालय द्वारा कोरोना महामारी के दौरान पूरी फीस वसूली करने की शिकायत जवाहर पारा निवासी राखी जायसवाल ने शुक्रवार को जिला शिक्षा अधिकारी से किया है। विधायलय प्रबंधन द्वारा विद्यालय में जा रही शुल्क के सबंध में पूछने पर कोई जवाब नही दिया जाता और पालक को पूछने का अधिकारी नही होने की बाते कही जाती है। प्रबंधन के खिलाफ शिकायत प्रतिलिपि शिक्षा मंत्री,सचिव स्कूल शिक्षा विभाग सयुक्त संचालक,स्कूल शिक्षा विभाग सभागीय कार्यलय दुर्ग,महिला बाल विकास व समाज कल्याण विभाग मंत्री अनिला भेड़िया व क्षेत्रीय विधायक संगीता सिन्हा को भी प्रेषित किया गया हैं। जवाहर पारा निवासी श्रीमती राखी जायसवाल ने बताया कि मेरी पुत्री कु सिध्दी गुप्ता का दाखिला ब्लेज एकेडमी अंग्रेजी माध्यम विधायलय गंजपारा में 2016-17 में कक्षा एलकेजी में किया गया था।विद्यालय प्रबंधन द्वारा कांशन डिपाजिट के नाम से 2 हजार रुपये व प्रेवेश शुल्क 5 हजार रुपये और शाला शुल्क के नाम पर 16 हजार रुपये लिया गया था।इसके साथ अतरिक्त किताबे स्टेशनरी सहित अन्य के नाम पर कई बार शुल्क लिया गया।
विद्यालय प्रबंधन द्वारा पालकों से लिया जा रहा है अतरिक्त शुल्क
राखी जायसवाल ने बताया कि वर्ष 2017-18 में यूकेजी कक्षा के लिए भी शाला शुल्क 17 हजार रुपये प्रबंधन द्वारा लिया गया।इसी प्रकार 2018-19 में कक्षा पहली के लिए विधायलय प्रबंधन द्वारा 21 हजार 400 रुपये शुल्क लिया गया।इसके अतिरिक्त किताबे स्टेशनरी सहित अन्य के नाम पर मोटी रकम विद्यालय प्रबंधन द्वारा पालकों से वसूला जा रहा है।
उच्च न्यायालय और छग शासन के आदेश का दरकिनार कर प्रबंधन द्वारा पालकों से वसूला जा रहा है पूरा शुल्क
वर्ष 2019-20 में कोरोना महामारी के दौरान उच्च न्यायालय व छग शासन के आदेश होने पर भी विद्यालय प्रबंधन द्वारा पालकों से पूरा शुल्क वसूला जा रहा है।जबकि शासन के आदेशानुसार विधायलय यदि ऑनलाइन कक्षा का संचालन करता है तो उसे केवल टुयूशन फीस लेने का अधिकार है।लेकिन ब्लेज एकेडमी प्रबंधन द्वारा उच्च न्यायालय और छग शासन के आदेश की धज्जियां उड़ाते हुए पालको से पूरी फीस लिया जा रहा हैं।
विद्यालय द्वारा एक भी ऑनलाइन कक्षा का नही किया संचालन
राखी जायसवाल ने बताया कि विद्यालय द्वारा एक भी ऑनलाइन कक्षा का संचालन नही किया गया है।वर्ष 2019-20 में कक्षा दूसरी के लिए 15 हजार रुपये शुल्क और किताबे के लिए 1934 रुपये लिया गया।विद्यालय प्रबंधन द्वारा अब 4720 रुपये का शुल्क जमा करने की मांग की जा रही है।शुल्क लेने के सबंध में विद्यालय प्रबंधन को पूछने पर कोई जवाब नही दिया जाता और पालकों को पूछने का कोई अधिकार नही होने की बाते कही जा रही है।पालकों द्वारा बच्चों का अंकसूची व स्थानांतरण प्रमाण पत्र मांगने पर विधायलय प्रबंधन द्वारा इंकार किया जा रहा है।और 2020-21 का पूरे शुल्क की मांग की जा रही है।