छात्राओं ने शहर में निकाला मार्च, आरोपियों को फांसी देने की मांग; विधायक ने पीड़िता से मिलकर बढ़ाया हौसला, एसपी से कानून व्यवस्था सख्त करने की मांग
बालोद। शहर के सिंचाई कॉलोनी क्षेत्र में युवती पर हुए एसिड अटैक की घटना के बाद मंगलवार को बालोद में दिनभर आक्रोश का माहौल रहा। घटना के विरोध में सुबह छात्राओं ने शहर में मार्च निकालकर आरोपियों को फांसी की सजा देने की मांग की, वहीं शाम को दोनों आरोपियों की जिला न्यायालय में पेशी के दौरान बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं और नागरिक न्यायालय परिसर के बाहर जमा हो गए। आक्रोशित भीड़ ने पुलिस वाहन को घेर लिया और आरोपियों के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। स्थिति को नियंत्रित करने में पुलिस को काफी मशक्कत करनी पड़ी।

छात्राओं ने निकाला मार्च, हाथों में तख्तियां लेकर जताया विरोध
घटना के विरोध में धनश्याम सिंह गुप्त महाविद्यालय और स्वामी आत्मानंद विद्यालय की छात्राओं ने शहर में मार्च निकाला। हाथों में तख्तियां लेकर छात्राओं ने आरोपियों के खिलाफ नारेबाजी की और कठोर सजा की मांग की। मार्च में बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं शामिल हुए।
प्रदर्शन कर रहे छात्र-छात्राओं ने कहा कि युवती पर एसिड फेंकने जैसी गंभीर घटना को अंजाम देने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए। उन्होंने महिलाओं और युवतियों की सुरक्षा को लेकर भी प्रशासन से प्रभावी कदम उठाने की मांग की।

पीड़िता से मिली विधायक, एसपी से कानून व्यवस्था पर चर्चा
घटना के बाद बालोद विधायक एवं पीसीसी महिला अध्यक्ष संगीता सिन्हा ने पीड़िता से मुलाकात की। उन्होंने पीड़िता का हौसला बढ़ाया और परिवार से घटना की जानकारी ली।
इसके बाद विधायक ने पुलिस अधीक्षक से मुलाकात कर जिले की कानून व्यवस्था को लेकर चर्चा की। उन्होंने महिलाओं और छात्राओं की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए पुलिस व्यवस्था को और सख्त करने की मांग की।
विधायक ने जिले में अवैध नशे के कारोबार पर भी चिंता जताई। उन्होंने अवैध गांजा, शराब और नशीले इंजेक्शन के कारोबार के खिलाफ अभियान चलाकर कार्रवाई करने की मांग की। विधायक ने पुलिस अधीक्षक को नशे के कारोबार से जुड़े लोगों की सूची सौंपते हुए एक सप्ताह के भीतर कार्रवाई की मांग की। उन्होंने कार्रवाई नहीं होने पर आंदोलन की चेतावनी दी।

आरोपियों की पेशी से पहले न्यायालय के बाहर जुटी भीड़
शाम को एसिड अटैक मामले में गिरफ्तार दोनों आरोपियों को जिला न्यायालय में पेशी के लिए लाया गया। आरोपियों के न्यायालय पहुंचने की खबर मिलते ही बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं और अन्य लोग न्यायालय परिसर के बाहर पहुंच गए।
घड़ी चौक के पास पुलिस वाहन को भीड़ ने घेर लिया। आक्रोशित लोगों ने आरोपियों को कड़ी से कड़ी सजा देने की मांग करते हुए नारेबाजी की। इसी दौरान कुछ लोगों ने आरोपियों के साथ मारपीट करने का प्रयास किया। भीड़ की ओर से आरोपियों पर कालिख फेंकी गई और जूते-चप्पल भी फेंके गए।
स्थिति बिगड़ती देख पुलिस ने तत्काल सुरक्षा घेरा बनाया और दोनों आरोपियों को भीड़ से बचाते हुए न्यायालय परिसर के भीतर पहुंचाया।

गेट पर चढ़ीं पीड़िता की बहन, आधे घंटे तक चला विरोध
न्यायालय के बाहर विरोध प्रदर्शन इसके बाद भी जारी रहा। पीड़िता की बहन भी आक्रोशित नजर आईं। उन्होंने न्यायालय के गेट पर चढ़कर विरोध जताया और आरोपियों को तत्काल फांसी देने की मांग की।
करीब आधे घंटे तक न्यायालय के बाहर नारेबाजी और हंगामा चलता रहा। बड़ी संख्या में मौजूद छात्र-छात्राएं भी आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग करते रहे। स्थिति को देखते हुए न्यायालय परिसर के बाहर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया।
पुलिस जवानों ने काफी मशक्कत के बाद दोनों आरोपियों को सुरक्षित न्यायालय के भीतर पहुंचाया।

आरोपियों की पैरवी से अधिवक्ताओं ने किया इनकार
मामले का असर न्यायालय परिसर के भीतर भी देखने को मिला। दोनों आरोपियों को न्यायालय में पेश किए जाने के बाद अधिवक्ताओं में भी घटना को लेकर नाराजगी सामने आई।
बार काउंसिल अध्यक्ष सुनील सोनी के अनुसार, मामले में दोनों आरोपियों की ओर से पैरवी करने के लिए किसी अधिवक्ता ने केस लेने से इनकार किया। इसके बाद बार काउंसिल अध्यक्ष ने अधिवक्ताओं से चर्चा की और मामले में आरोपियों की पैरवी नहीं करने का निर्णय लिया। महिला अधिवक्ता करुणा कश्यप ने भी मामले को लेकर अपनी प्रतिक्रिया दी महिला अधिवक्ता करुणा कश्यप ने घटना को गंभीर बताते हुए आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की। उन्होंने कहा कि ऐसे मामलों में पीड़िता को न्याय दिलाने के लिए समाज और कानून दोनों स्तरों पर मजबूती से खड़ा होना जरूरी है।

पुलिस जांच के बाद दोनों आरोपी गिरफ्तार
एसिड अटैक की घटना के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू की थी। जांच के दौरान सामने आए तथ्यों के आधार पर पुलिस ने युवती के प्रेमी और उसके साथी को गिरफ्तार किया। दोनों आरोपियों को मंगलवार को जिला न्यायालय में पेश किया गया, जहां से मामले में आगे की न्यायिक प्रक्रिया शुरू हुई।
घटना के बाद सुरक्षा को लेकर बढ़ी चिंता
एसिड अटैक की घटना के बाद बालोद शहर में महिलाओं और युवतियों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है। घटना के विरोध में छात्राओं के प्रदर्शन से लेकर न्यायालय परिसर के बाहर हुए हंगामे तक पूरे दिन शहर में इस मामले की चर्चा रही।
एक ओर जहां छात्र-छात्राएं आरोपियों के लिए कठोरतम सजा की मांग कर रहे हैं, वहीं विधायक ने कानून व्यवस्था और अवैध नशे के कारोबार पर कार्रवाई का मुद्दा उठाया है। दूसरी ओर अधिवक्ताओं द्वारा आरोपियों की पैरवी नहीं करने का निर्णय भी मामले में महत्वपूर्ण घटनाक्रम रहा। अब पुलिस जांच और न्यायालयीन प्रक्रिया के अगले चरण पर लोगों की नजर है।













