रामधुनी आयोजन के बीच चरमराई यातायात व्यवस्था, डायवर्जन रूट पर लगा जाम
नयापारा चौक से ट्रैफिक डायवर्ट, साप्ताहिक बाजार के दबाव के बीच बुधवारी बाजार मार्ग पर वाहन फंसे; शाम तक जाम से जूझते रहे लोग
बालोद। शहर के नयापारा चौक में आयोजित रामधुनी प्रतियोगिता के चलते रविवार को मुख्य मार्ग की यातायात व्यवस्था प्रभावित रही। आयोजन के मद्देनजर मुख्य मार्ग को बंद कर वाहनों को बुधवारी बाजार मार्ग की ओर डायवर्ट किया गया, लेकिन रविवार का साप्ताहिक बाजार होने के कारण इस वैकल्पिक मार्ग पर पहले से मौजूद यातायात दबाव के बीच व्यवस्था कई बार पटरी से उतरती नजर आई।

बुधवारी बाजार मार्ग पर चार पहिया वाहनों की आवाजाही बढ़ने के साथ ही कई स्थानों पर वाहनों की कतार लग गई। इसका असर बाजार पहुंचे लोगों पर भी पड़ा। सब्जी खरीदने आए लोगों को भीड़ और वाहनों के बीच आवागमन में परेशानी हुई। स्थिति ऐसी बनी कि कई जगह पैदल राहगीरों के लिए भी सड़क पार करना और आगे बढ़ना मुश्किल हो गया।
डायवर्जन तो हुआ, लेकिन ट्रैफिक मैनेजमेंट की तैयारी कितनी?
नयापारा चौक से यातायात को डायवर्ट करने के बाद वाहनों का दबाव सीधे बुधवारी बाजार चौक की ओर बढ़ गया। यहां पहुंचने के बाद भी यातायात सामान्य नहीं हो सका। शाम करीब 7.30 बजे तक बुधवारी बाजार चौक पर जाम की स्थिति बनी रही।
खास बात यह रही कि इस दौरान मौके पर यातायात पुलिसकर्मियों की पर्याप्त मौजूदगी नजर नहीं आई। ऐसे में वाहन चालक स्वयं ही रास्ता बनाने और जाम से निकलने की कोशिश करते दिखाई दिए। इससे सवाल उठता है कि जब धार्मिक आयोजन और साप्ताहिक बाजार एक ही दिन होने से यातायात दबाव बढ़ना पहले से तय था, तो डायवर्जन रूट पर ट्रैफिक नियंत्रण की पर्याप्त व्यवस्था क्यों नहीं की गई?

आयोजन की जानकारी के बावजूद वैकल्पिक मार्ग पर दबाव
रामधुनी प्रतियोगिता जैसे आयोजन के चलते मुख्य मार्ग बंद किया जाना यातायात प्रबंधन का हिस्सा हो सकता है, लेकिन ऐसे में वैकल्पिक मार्ग की क्षमता और उस पर पड़ने वाले अतिरिक्त यातायात दबाव का आकलन भी जरूरी हो जाता है। रविवार को साप्ताहिक बाजार होने की जानकारी के बावजूद डायवर्जन रूट पर यातायात नियंत्रण की प्रभावी व्यवस्था नहीं दिखने से आम लोगों को परेशानी उठानी पड़ी।
शहर के व्यस्ततम हिस्से में धार्मिक आयोजन और साप्ताहिक बाजार के एक साथ होने की स्थिति में यातायात विभाग से बेहतर समन्वय और पूर्व तैयारी की अपेक्षा रहती है। प्रमुख चौक-चौराहों पर पुलिसकर्मियों की तैनाती, डायवर्जन रूट की निगरानी और भीड़ के अनुसार तत्काल यातायात संचालन किया जाता तो जाम की स्थिति को काफी हद तक नियंत्रित किया जा सकता था।

व्यापारियों और राहगीरों ने की व्यवस्था बेहतर करने की मांग
फुटकर व्यापारियों और स्थानीय लोगों का कहना है कि शहर में बड़े आयोजन या बाजार के दिनों में यातायात का दबाव सामान्य दिनों की तुलना में काफी बढ़ जाता है। ऐसे में केवल मुख्य मार्ग पर बैरिकेडिंग अथवा रूट डायवर्जन पर्याप्त नहीं है। वैकल्पिक मार्गों पर भी यातायात जवानों की तैनाती और लगातार निगरानी जरूरी है।
स्थानीय लोगों ने मांग की है कि भविष्य में ऐसे आयोजनों के लिए पहले से ट्रैफिक प्लान तैयार किया जाए, डायवर्जन रूट की क्षमता के अनुरूप व्यवस्था की जाए और प्रमुख चौक-चौराहों पर पर्याप्त यातायात बल तैनात किया जाए, ताकि आयोजन भी सुचारू रूप से हो और आम लोगों को जाम की समस्या से न जूझना पड़े।













