Skip to main content

प्रदेश रूचि

बालोद में ‘तेजस्विनी–राजमाता बहादुर कलारिन युवती सम्मेलन’ का आयोजन

आत्मविश्वास, संस्कार और नेतृत्व के संदेश के साथ जिलेभर से जुटीं युवतियां

बालोद। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद, जिला बालोद के तत्वावधान में सी-मार्ट परिसर में ‘तेजस्विनी–राजमाता बहादुर कलारिन युवती सम्मेलन’ का आयोजन किया गया। सम्मेलन का उद्देश्य युवतियों में आत्मविश्वास, संस्कार, सामाजिक जागरूकता, आत्मनिर्भरता और नेतृत्व क्षमता को बढ़ावा देना रहा।

कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में डॉ. वर्णिका शर्मा, पद्मश्री शमशाद बेगम, प्राची लालवानी और छत्तीसगढ़ की प्रसिद्ध भरतरी गायिका हेमलता पटेल उपस्थित रहीं। परिषद वक्ता के रूप में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद राजनांदगांव विभाग की छात्रा प्रमुख पूर्वा समर्थ ने युवतियों को संबोधित किया।

वक्ताओं ने कहा कि वर्तमान दौर में युवतियां शिक्षा और परिवार की जिम्मेदारियों के साथ-साथ कला, संस्कृति, सामाजिक सेवा और नेतृत्व सहित विभिन्न क्षेत्रों में सक्रिय भूमिका निभा रही हैं। उन्होंने युवतियों को शिक्षा के साथ संस्कार, आत्मनिर्भरता, सामाजिक सहभागिता और अपने अधिकारों के प्रति जागरूक रहने का संदेश दिया।

सम्मेलन में बीके राजयोगिनी सरिता ब्रह्माकुमारी, डॉ. लीना देवी साहू सहित विभिन्न क्षेत्रों से जुड़ी महिलाएं एवं अतिथि मौजूद रहे। जय श्री सर्व स्वास्थ्य क्षेत्र से चंद्रिका, पद्मिनी साहू, लक्ष्मी अशोक, रेणुका गजेंद्र और पूजा जैन सहित अन्य महिलाएं भी कार्यक्रम में शामिल हुईं। परिषद की जिला एवं नगर इकाइयों के कार्यकर्ताओं के साथ बड़ी संख्या में छात्राएं और युवतियां उपस्थित रहीं।

राजमाता बहादुर कलारिन के साहस को किया याद

कार्यक्रम में डॉ. वर्णिका शर्मा ने राजमाता बहादुर कलारिन के साहस, संघर्ष और प्रेरणादायी व्यक्तित्व को स्मरण करते हुए युवतियों से उनके जीवन से प्रेरणा लेने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि संघर्ष और चुनौतियों के बीच अपने आत्मविश्वास और संकल्प को बनाए रखना ही आगे बढ़ने की महत्वपूर्ण शक्ति है।

सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने बांधा समां

सम्मेलन में हॉस्टल की छात्राओं ने सांस्कृतिक प्रस्तुतियां देकर कार्यक्रम की शोभा बढ़ाई। वहीं परिषद के कार्यकर्ताओं ने छत्तीसगढ़ के पारंपरिक एवं भूले-बिसरे गीत ‘नंदा जाही का रे’ और ‘जियत ले दी ददा, पानी नहीं पाए पीतर’ की प्रस्तुति दी। सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने सम्मेलन में छत्तीसगढ़ी लोक संस्कृति की झलक भी प्रस्तुत की।

कार्यक्रम का संचालन मनीष राणा ने किया। समापन अवसर पर जिला छात्रा प्रमुख ऋषिका बारले ने उपस्थित अतिथियों, छात्राओं और कार्यकर्ताओं के प्रति आभार व्यक्त किया।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

error: Content is protected !!