बालोद। प्रदेश में अनुविभागीय अधिकारियों के तबादलों के बाद अब पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग ने उप अभियंताओं के स्तर पर भी व्यापक प्रशासनिक फेरबदल किया है। विभाग ने 1 अक्टूबर 2026 को आदेश जारी कर ग्रामीण यांत्रिकी सेवा तथा छत्तीसगढ़ ग्रामीण सड़क विकास अभिकरण से जुड़े 170 उप अभियंताओं का प्रशासनिक दृष्टिकोण से स्थानांतरण किया है। आदेश तत्काल प्रभावशील है और संबंधित अधिकारियों को 10 दिनों के भीतर नवीन पदस्थापना स्थल पर कार्यभार ग्रहण करने के निर्देश दिए गए हैं।
बालोद से 5 उप अभियंता बाहर
स्थानांतरण सूची में बालोद जिले से 5 उप अभियंताओं को जिले से बाहर भेजा गया है। इनमें डौंडी जनपद पंचायत से मुकेश देवांगन को कोंडागांव, डौंडीलोहारा उप संभाग से थानेश्वर को मैनपुर, शैलेन्द्र ठाकुर को सूरजपुर जिले के प्रेमनगर, गुण्डरदेही उप संभाग से रेणु शर्मा को पाटन तथा डौंडी जनपद पंचायत से संतोष कुमार पाशी को बालोद जनपद पंचायत में पदस्थ किया गया है। इनमें संतोष कुमार पाशी का तबादला जिले के भीतर ही डौंडी से बालोद जनपद पंचायत किया गया है।
बालोद में 5 नए उप अभियंताओं की एंट्री
वहीं दूसरी ओर प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों से 5 उप अभियंताओं को बालोद जिले में नई जिम्मेदारी दी गई है। स्थानांतरण आदेश के अनुसार कीर्ति प्रकाश सिंह पवार को राजनांदगांव के डोंगरगढ़ से डौंडी, लालाराम देवांगन को बीजापुर के उसूर से डौंडी, छतर सिंह कलार को पीआईयू दुर्ग से गुण्डरदेही, शुभांगीनी ढोके को पीआईयू दुर्ग से बालोद जनपद पंचायत तथा गिरधर लाल लहरी को मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर की परियोजना क्रियान्वयन इकाई से डौंडी जनपद पंचायत भेजा गया है।
प्रशासनिक बदलाव के पीछे क्या है संदेश?
पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के आदेश में तबादलों का आधार “प्रशासकीय दृष्टिकोण” बताया गया है। आदेश में यह भी स्पष्ट किया गया है कि स्थानांतरण तत्काल प्रभाव से लागू होगा तथा सभी संबंधित कर्मचारियों को 10 दिनों के भीतर नवीन पदस्थापना कार्यालय में कार्यभार ग्रहण करने के लिए भारमुक्त किया जाना है। आगामी माह का वेतन भी नवीन पदस्थापना कार्यालय से आहरित किया जाएगा।
उप अभियंता स्थानांतरण आदेश यहां देखे
प्रदेशभर में एक साथ 170 उप अभियंताओं के तबादले को विभागीय स्तर पर बड़ा प्रशासनिक फेरबदल माना जा रहा है। खास तौर पर बालोद में पांच अधिकारियों के बाहर जाने और पांच नए अधिकारियों के आने से ग्रामीण विकास, पंचायत स्तर के निर्माण कार्यों और तकनीकी निगरानी से जुड़े कामकाज में नई जिम्मेदारियां तय होंगी।













