भाजपा नेताओं का आरोप है कि कुछ लोगों ने पार्षदों से विषय और प्रयोजन बताए बिना हस्ताक्षर कराए और बाद में उन्हीं हस्ताक्षरों का इस्तेमाल वरिष्ठ नेताओं के खिलाफ शिकायत तैयार करने में किया। नेताओं ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग की है।
धरने से शिकायत तक बदला घटनाक्रम
दल्लीराजहरा की सियासत में यह घटनाक्रम तेजी से बदला। बीती रात नगर पालिका उपाध्यक्ष मनोज दुबे अपने समर्थक पार्षदों के साथ अध्यक्ष तोरन साहू के निवास के बाहर धरने पर बैठे थे। उस दौरान नगर पालिका के कामकाज, कथित कमीशनखोरी और संगठन के हस्तक्षेप जैसे मुद्दे उठाए गए थे। सुबह पुलिस और भाजपा पदाधिकारियों की मौजूदगी में धरना समाप्त हो गया।
हालांकि अगले ही दिन जारी प्रेस विज्ञप्ति में पार्टी के एक बड़े वर्ग ने विवाद का फोकस बदलते हुए हस्ताक्षरों के कथित दुरुपयोग को मुख्य मुद्दा बनाया। इससे यह संकेत मिला कि संगठन ने मामले को केवल पालिका के अंदरूनी मतभेद तक सीमित रखने के बजाय दस्तावेजी प्रक्रिया से जुड़े आरोपों के दायरे में भी ला दिया है।

पार्षदों के आवेदन बने नया आधार
भाजपा नेताओं की ओर से जारी जानकारी के अनुसार, कुछ पार्षदों ने लिखित आवेदन देकर कहा है कि 20 सितंबर 2026 को उनसे हस्ताक्षर करवाते समय लेटरहेड का विषय और उसका उद्देश्य नहीं बताया गया था। उनका कहना है कि बाद में जिस शिकायत में उनके हस्ताक्षरों का उपयोग किया गया, उसके आशय से वे सहमत नहीं हैं। इन्हीं आवेदनों को आधार बनाकर डीजीपी से जांच की मांग की गई है।
संगठन की एकजुटता का संदेश
मंडल अध्यक्ष रामेश्वर साहू, नगर पालिका अध्यक्ष तोरन लाल साहू, जिला महामंत्री सौरभ लूनिया सहित कई पदाधिकारियों और पार्षदों के एक साथ सामने आने को राजनीतिक तौर पर संगठनात्मक एकजुटता का संदेश माना जा रहा है। पार्टी नेताओं ने कहा है कि यदि किसी ने जानबूझकर हस्ताक्षरों का गलत इस्तेमाल किया है तो इसकी जांच कर जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई होनी चाहिए।
जांच पर टिकी निगाहें
दल्लीराजहरा नगर पालिका, जो जिले का सबसे बड़ा निकाय है, वहां भाजपा समर्थित अध्यक्ष और उपाध्यक्ष होने के बावजूद सामने आए इस विवाद ने स्थानीय राजनीति में नई चर्चा छेड़ दी है। अब यह मामला केवल राजनीतिक बयानबाजी तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि पुलिस महानिदेशक को भेजी गई शिकायत के बाद आगे की जांच और प्रशासनिक कार्रवाई पर सभी की निगाहें टिकी हैं।













