Skip to main content

प्रदेश रूचि

धनतेरस पर कैंसर मरीजों के लिए बड़ी राहत, 1,000 से अधिक दवाओं की कीमतों में भारी कटौती

केंद्र सरकार की पहल से कैंसर के इलाज का आर्थिक बोझ होगा कम, 9 नवंबर से लागू होंगी संशोधित कीमतें; कुछ दवाओं के दाम 96.45 प्रतिशत तक घटे, सालाना 3,502 करोड़ रुपये से अधिक की बचत का अनुमान

नई दिल्ली। भारतीय संस्कृति में धनतेरस का पर्व सुख, समृद्धि और आरोग्य की कामना का प्रतीक माना जाता है। इस दिन भगवान धन्वंतरि की पूजा कर उत्तम स्वास्थ्य और निरोगी जीवन की कामना की जाती है। इसी आरोग्य के संदेश के बीच केंद्र सरकार की एक महत्वपूर्ण पहल कैंसर जैसी गंभीर बीमारी से जूझ रहे मरीजों और उनके परिवारों के लिए बड़ी राहत लेकर आई है। सरकार ने 1,000 से अधिक कैंसर रोधी दवाओं की कीमतों में उल्लेखनीय कमी की है। इन दवाओं की संशोधित कीमतें 9 नवंबर 2026 से लागू होंगी। इस फैसले से महंगे इलाज का आर्थिक बोझ कम होने के साथ मरीजों को उपचार जारी रखने में मदद मिलने की उम्मीद है।

रसायन एवं उर्वरक मंत्रालय के औषध विभाग के अंतर्गत राष्ट्रीय औषधि मूल्य निर्धारण प्राधिकरण (एनपीपीए) ने 137 कैंसर रोधी दवाओं के अधिकतम खुदरा मूल्य (एमआरपी) पर व्यापार मार्जिन की सीमा निर्धारित की है। यह निर्णय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय के स्वास्थ्य सेवा महानिदेशालय द्वारा गठित विशेषज्ञ समिति की सिफारिशों के आधार पर लिया गया है।

600 ब्रांडों की कीमतों में 50 प्रतिशत से अधिक की कमी

एनपीपीए के अनुसार, अब तक 76 दवा कंपनियों ने 121 दवाओं के अंतर्गत आने वाले 1,225 फॉर्मूलेशन की संशोधित एमआरपी की जानकारी दी है। इनमें से 1,031 फॉर्मूलेशन की कीमतों में कमी दर्ज की गई है। लगभग 600 ब्रांडों की कीमतों में 50 प्रतिशत से अधिक की गिरावट आई है, जबकि अधिकतम मूल्य कटौती 96.45 प्रतिशत तक दर्ज की गई है।

सरकार का अनुमान है कि इस फैसले से उपभोक्ताओं को प्रतिवर्ष लगभग 3,502.31 करोड़ रुपये की बचत होगी। कैंसर के इलाज में लंबे समय तक महंगी दवाओं की आवश्यकता पड़ने के कारण मरीजों के परिवारों पर भारी आर्थिक दबाव रहता है। ऐसे में कीमतों में यह कमी हजारों परिवारों के लिए महत्वपूर्ण राहत साबित हो सकती है।

कई महंगी दवाओं की कीमतों में भारी गिरावट

संशोधित कीमतों का असर कैंसर के उपचार में इस्तेमाल होने वाली कई प्रमुख दवाओं पर पड़ा है। फेफड़े, कोलन, अंडाशय और सर्वाइकल कैंसर के उपचार में उपयोग होने वाले बेवाकिज़ुमैब 100 एमजी इंजेक्शन के ब्रांड ब्रिक्स्टा की कीमत 25,995 रुपये से घटाकर 3,318 रुपये कर दी गई है। इसी तरह बेवासिरेल की कीमत 24,079 रुपये से घटकर 3,985 रुपये हो गई है।

प्रोस्टेट कैंसर के उपचार में उपयोग होने वाली एबिराटेरोन एसीटेट 250 एमजी टैबलेट के ब्रांड अबिरोन की कीमत 41,250 रुपये से घटाकर 3,218.23 रुपये कर दी गई है। वहीं स्तन कैंसर के उपचार में उपयोग होने वाली पाल्बोसिक्लिब 125 एमजी कैप्सूल के ब्रांड पाल्बोप्रो की कीमत 40,421.33 रुपये से घटकर 2,720 रुपये रह गई है।

फेफड़ों के कैंसर के उपचार में उपयोग होने वाली पेमेट्रेक्स्ड 500 एमजी शीशी के ब्रांड रिलीट्रेक्स्ड की कीमत 9,977 रुपये से घटाकर 1,113 रुपये कर दी गई है। रक्त कैंसर के उपचार में उपयोग होने वाले एज़ैसिटिडाइन 100 एमजी इंजेक्शन के ब्रांड अज़ातिरेल की कीमत भी 7,790 रुपये से घटकर 1,397 रुपये हो गई है।

इसके अलावा स्तन कैंसर के उपचार में उपयोग होने वाले फुलवेस्ट्रेंट और पर्टुज़ुमाब जैसे इंजेक्शन की कीमतों में भी उल्लेखनीय कमी की गई है।

अस्पतालों और दवा विक्रेताओं को प्रदर्शित करनी होगी नई एमआरपी

सरकार ने संशोधित कीमतों के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए निगरानी की व्यवस्था भी सुनिश्चित की है। निर्देशों के अनुसार, प्रत्येक खुदरा विक्रेता, डीलर, अस्पताल और चिकित्सा संस्थान को अपने परिसर और वेबसाइट पर कैंसर रोधी दवाओं की संशोधित एमआरपी सूची प्रमुखता से प्रदर्शित करनी होगी।

राज्य औषधि नियंत्रक दवा निर्माताओं, विक्रेताओं, अस्पतालों और चिकित्सा संस्थानों द्वारा इन निर्देशों के पालन की निगरानी करेंगे। उपभोक्ता ‘फार्मा सही दाम’ मोबाइल एप्लिकेशन और राष्ट्रीय औषधि मूल्य निर्धारण प्राधिकरण की आधिकारिक वेबसाइट www.nppa.gov.in के माध्यम से दवाओं की संशोधित कीमतों की जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।

यदि किसी विक्रेता द्वारा निर्धारित कीमत से अधिक राशि वसूली जाती है या नियमों का उल्लंघन किया जाता है, तो इसकी शिकायत एनपीपीए की हेल्पलाइन 1800-11-1255 अथवा ईमेल monitoring-nppa@gov.in पर की जा सकती है।

आरोग्य के पर्व पर स्वस्थ जीवन की उम्मीद को मजबूती

धनतेरस का महत्व केवल धन-संपत्ति की प्राप्ति तक सीमित नहीं है, बल्कि भारतीय परंपरा में इसे अच्छे स्वास्थ्य और निरोगी जीवन की कामना से भी जोड़ा गया है। ऐसे में कैंसर जैसी गंभीर बीमारी के उपचार में इस्तेमाल होने वाली महंगी दवाओं की कीमतों में कमी स्वास्थ्य के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण जनहितकारी पहल है।

कैंसर का उपचार कई बार लंबे समय तक चलता है और दवाओं पर होने वाला खर्च परिवारों की आर्थिक स्थिति को प्रभावित करता है। ऐसे में दवाओं की कीमतों पर नियंत्रण से मरीजों को उपचार के दौरान आर्थिक संबल मिल सकता है। हालांकि यह मूल्य कटौती अधिसूचित दवाओं और उनके संबंधित फॉर्मूलेशन पर लागू होगी, सभी कैंसर रोधी दवाओं पर नहीं। धनतेरस के अवसर पर आरोग्य और खुशहाली के संदेश के साथ यह पहल इस बात को रेखांकित करती है कि बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं और सुलभ उपचार भी आम नागरिक के जीवन में वास्तविक समृद्धि के महत्वपूर्ण आधार हैं।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

error: Content is protected !!