भ्रमण के प्रथम चरण में विद्यार्थियों ने नगर निगम धमतरी के वाटर ट्रीटमेंट प्लांट का निरीक्षण किया। यहां उन्हें बताया गया कि नदियों एवं जलाशयों से प्राप्त कच्चे पानी को अवसादन, निस्यंदन और क्लोरीनीकरण जैसी विभिन्न भौतिक एवं रासायनिक प्रक्रियाओं से गुजारकर किस प्रकार पेयजल के रूप में उपयोग योग्य बनाया जाता है। विद्यार्थियों ने जल शोधन की प्रत्येक प्रक्रिया, संयंत्र में उपयोग होने वाले उपकरणों और आधुनिक तकनीकों की जानकारी प्राप्त की।
इसके बाद विद्यार्थियों ने पंडित रविशंकर सागर जलाशय (गंगरेल बांध) एवं वहां स्थित पावर प्लांट का भ्रमण किया। यहां उन्होंने जल संग्रहण, जल प्रबंधन और जल विद्युत उत्पादन की प्रक्रिया को समझा। विशेषज्ञों ने बताया कि बांध में संग्रहित पानी की स्थितिज ऊर्जा का उपयोग टरबाइन को घुमाने के लिए किया जाता है, जिससे जनरेटर के माध्यम से विद्युत ऊर्जा का उत्पादन होता है। विद्यार्थियों ने इस पूरी प्रक्रिया को प्रत्यक्ष रूप से देखकर जल विद्युत उत्पादन की तकनीकी बारीकियों को समझा।

इस दौरान विद्यालय के व्याख्याता एम.के. सिन्हा, टीनू कमलवंशी, कु. मनीषा शांडिल्य तथा व्यावसायिक प्रशिक्षक श्री ऐश्वर्य कुमार साहू एवं श्री राहुल कुमार माला उपस्थित रहे। शिक्षकों एवं प्रशिक्षकों ने विद्यार्थियों को विभिन्न वैज्ञानिक एवं तकनीकी पहलुओं की जानकारी दी तथा उनकी जिज्ञासाओं का समाधान किया।
भ्रमण के माध्यम से विद्यार्थियों को प्लम्बिंग, इलेक्ट्रॉनिक्स एवं हार्डवेयर, विज्ञान तथा पर्यावरण जैसे विषयों को वास्तविक परिस्थितियों से जोड़कर समझने का अवसर मिला। साथ ही जल संरक्षण, ऊर्जा के बेहतर उपयोग और तकनीकी संसाधनों के महत्व के प्रति भी उनकी समझ विकसित हुई।
प्राचार्य ने बताया उपयोगी पहल
विद्यालय के प्राचार्य एल.एस. रावटे ने कहा कि शैक्षणिक एवं औद्योगिक भ्रमण विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। ऐसे आयोजनों से विद्यार्थियों में सीखने की जिज्ञासा बढ़ती है और वे कक्षा में प्राप्त सैद्धांतिक ज्ञान को वास्तविक जीवन की परिस्थितियों से जोड़कर बेहतर ढंग से समझ पाते हैं।कुल मिलाकर यह शैक्षणिक एवं औद्योगिक भ्रमण विद्यार्थियों के लिए ज्ञानवर्धक, रोचक और प्रेरणादायक साबित हुआ। इससे उन्हें विज्ञान एवं तकनीक की व्यावहारिक उपयोगिता को समझने का महत्वपूर्ण अवसर मिला।













