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प्रदेश रूचि

हल्द्वानी की घटना के विरोध में कांग्रेस का संविधान सम्मान मार्च

सभा स्थल के कथित शुद्धिकरण को कांग्रेस ने बताया संविधान और सामाजिक समरसता का अपमान, बाबा साहेब की प्रतिमा पर माल्यार्पण के बाद सत्याग्रह

बालोद। उत्तराखंड के हल्द्वानी में कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खरगे की सभा के बाद सभा स्थल पर कथित रूप से शुद्धिकरण अनुष्ठान किए जाने के मामले ने राजनीतिक तूल पकड़ लिया है। घटना के विरोध में अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के निर्देश पर जिला कांग्रेस कमेटी बालोद ने शनिवार को जोरदार विरोध दर्ज कराया। जिला कांग्रेस अध्यक्ष चंद्रेश हिरवानी के नेतृत्व में कांग्रेसजनों ने संविधान सम्मान मार्च निकाला और इसके बाद बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर सत्याग्रह आंदोलन किया।

कांग्रेस नेताओं ने हल्द्वानी की घटना की कड़ी निंदा करते हुए इसे भारतीय संविधान की मूल भावना, लोकतांत्रिक मूल्यों और सामाजिक समरसता के खिलाफ बताया। संविधान सम्मान मार्च के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने संविधान और समानता के अधिकार को लेकर अपनी प्रतिबद्धता जताई तथा सामाजिक भेदभाव और विभाजन की राजनीति के खिलाफ आवाज बुलंद की।

‘एक व्यक्ति नहीं, करोड़ों लोगों की भावनाओं का अपमान’

जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष चंद्रेश हिरवानी ने कहा कि हल्द्वानी में हुई घटना केवल कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे का अपमान नहीं है, बल्कि सामाजिक न्याय, समानता और संविधान में विश्वास रखने वाले करोड़ों नागरिकों की भावनाओं को आहत करने वाली है। उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक देश में किसी व्यक्ति के साथ उसकी सामाजिक पृष्ठभूमि या विचारधारा के आधार पर भेदभावपूर्ण व्यवहार स्वीकार्य नहीं हो सकता।

हिरवानी ने आरोप लगाया कि भाजपा और उससे जुड़े संगठन जाति, धर्म और नफरत की राजनीति के माध्यम से समाज को बांटने का प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि भारतीय संविधान प्रत्येक नागरिक को समान अधिकार, सम्मान और अवसर प्रदान करता है। ऐसे में किसी भी व्यक्ति के प्रति भेदभावपूर्ण व्यवहार लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए गंभीर चिंता का विषय है।

‘संविधान ही देश की लोकतांत्रिक ताकत’

कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि भारत की लोकतांत्रिक व्यवस्था की सबसे बड़ी ताकत उसका संविधान है। संविधान ने देश के प्रत्येक नागरिक को समानता, स्वतंत्रता और सम्मान के साथ जीवन जीने का अधिकार दिया है। उन्होंने कहा कि देश को जाति, धर्म और नफरत के आधार पर विभाजित करने के बजाय भाईचारे, सामाजिक सद्भाव, समानता और न्याय के रास्ते पर आगे बढ़ना चाहिए।

उन्होंने कहा कि कांग्रेस हमेशा संविधान और लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा के लिए संघर्ष करती रही है और भविष्य में भी सामाजिक न्याय एवं समानता के मुद्दे पर मजबूती से अपनी आवाज उठाती रहेगी।

बाबा साहेब की प्रतिमा पर किया माल्यार्पण

संविधान सम्मान मार्च के बाद कांग्रेसजनों ने बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया। इसके पश्चात कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने सत्याग्रह आंदोलन में हिस्सा लिया। इस दौरान संविधान की मूल भावना और सामाजिक समानता की रक्षा का संकल्प व्यक्त किया गया।

सत्याग्रह कार्यक्रम में जिला कांग्रेस कमेटी के पूर्व अध्यक्ष कृष्णा दुबे, प्रदेश प्रतिनिधि संजय चंद्राकर, जिला कांग्रेस उपाध्यक्ष संजय बारले, पूरण लाल साहू, महामंत्री भोजराज साहू, युवराज साहू, रवि जायसवाल, ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष रत्तीराम कोसमा, अंचल प्रकाश साहू, नरेंद्र सिन्हा, कचरू साहू, जीवन बंदे, पूर्व ब्लॉक अध्यक्ष अनिल यादव, कमलेश श्रीवास्तव, जीवराखन साहू, दीनाराम चेलक, दाऊद खान, भूपेश नायक, प्रमोद दुबे, नेता प्रतिपक्ष कासिमुद्दीन कुरैशी, पार्षद विनोद बंटी शर्मा, रीता सोनी, युवा कांग्रेस नेता प्रशांत बोकडे, साजन पटेल, दुर्गुराम सिन्हा, हंसमुख टुवानी, रोहित सागर, दामेश्वर देशमुख, चमेली साहू, प्रियंका चोपड़ा, विजय जोगदंड, लक्ष्मण शर्मा, श्रीनिवास राव, सन्नी जायसवाल, भूपेश सोनकर, फैज अली, कान्हा साहू, आशीष श्रीवास्तव, जीवन उमनायक, राहुल सरकार, सुमित यादव, सुनील मंडावी सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

कांग्रेस नेताओं ने कहा कि संविधान केवल एक दस्तावेज नहीं, बल्कि देश के प्रत्येक नागरिक के अधिकारों और सम्मान की गारंटी है। इसलिए संविधान की मूल भावना के खिलाफ होने वाली किसी भी घटना का लोकतांत्रिक तरीके से विरोध किया जाएगा।

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