मांग से नियुक्ति तक: कुसुम शर्मा की पहल लाई रंग, डौंडीलोहारा-संजारी को मिले 9 चिकित्सकस्वास्थ्य मंत्री के समक्ष उठी मांग पर शीघ्र कार्रवाई, CHC डौंडीलोहारा में 8 और PHC संजारी में 1 डॉक्टर की नियुक्ति
डौंडीलोहारा। स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़ी समस्या को लेकर उठाई गई आवाज अब धरातल पर दिखाई देने लगी है। डौंडीलोहारा विकासखंड के स्वास्थ्य केंद्रों में चिकित्सकों की कमी दूर करने के लिए मंडल अध्यक्ष कुसुम शर्मा द्वारा लगातार किए गए प्रयासों के बाद सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र डौंडीलोहारा और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र संजारी में कुल 9 चिकित्सकों की नियुक्ति की गई है। स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल के समक्ष रखी गई मांग पर हुई इस कार्रवाई से क्षेत्र की स्वास्थ्य व्यवस्था को मजबूती मिलने की उम्मीद है।
एक मांग, फिर फॉलोअप और अब नियुक्ति
गौरतलब है कि इससे पहले डौंडीलोहारा विकासखंड के विभिन्न स्वास्थ्य केंद्रों में चिकित्सकों एवं स्वास्थ्यकर्मियों के रिक्त पदों को लेकर कुसुम शर्मा ने स्वास्थ्य मंत्री से मुलाकात की थी। उन्होंने ग्रामीण क्षेत्रों में चिकित्सकों की कमी से मरीजों को होने वाली परेशानी और स्वास्थ्य सेवाओं की जरूरतों को प्रमुखता से रखा था। इसके साथ ही मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO), बालोद को भी मांगपत्र सौंपकर रिक्त पदों को शीघ्र भरने की मांग की गई थी।
उस समय स्वास्थ्य मंत्री द्वारा आवश्यक नियुक्तियों के लिए आश्वासन दिया गया था। अब चिकित्सकों की नियुक्ति के बाद पूर्व में उठाई गई मांग के परिणाम सामने आए हैं।
डौंडीलोहारा CHC में 8 चिकित्सक नियुक्त
प्राप्त जानकारी के अनुसार, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र डौंडीलोहारा में डॉ. टीकम साहू, डॉ. आकांक्षा अजगल्ले, डॉ. दीक्षा धुरंधर, डॉ. अनिमेश चंद्राकर, डॉ. सौरव जागीर, डॉ. आयुष मरढ़िया, डॉ. शशांक तेलासी एवं डॉ. तुषार साहू (NHM) की नियुक्ति हुई है।
वहीं प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र संजारी में डॉ. प्रांजली ध्रुवे की नियुक्ति की गई है। इस तरह दोनों स्वास्थ्य केंद्रों को कुल 9 चिकित्सक मिले हैं।
स्थानीय स्तर पर इलाज की सुविधा बढ़ने की उम्मीद
चिकित्सकों की नियुक्ति से ग्रामीण क्षेत्रों के मरीजों को स्थानीय स्तर पर चिकित्सा परामर्श और उपचार की सुविधा मिलने की उम्मीद है। अब सामान्य स्वास्थ्य समस्याओं के लिए मरीजों को पहले की तरह दूरस्थ स्वास्थ्य संस्थानों पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा। चिकित्सकों की उपलब्धता से स्वास्थ्य केंद्रों में नियमित उपचार व्यवस्था के साथ गंभीर मामलों में प्रारंभिक चिकित्सकीय सहायता मिलने में भी सुविधा हो सकती है।

“जनहित के मुद्दों को समाधान तक ले जाना प्राथमिकता”
चिकित्सकों की नियुक्ति पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कुसुम शर्मा ने कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं में चिकित्सकों की कमी क्षेत्र की जनता की लंबे समय से महसूस की जा रही आवश्यकता थी। ग्रामीण क्षेत्र में स्वास्थ्य केंद्र आम लोगों के उपचार का प्रमुख आधार हैं। चिकित्सकों की कमी के कारण मरीजों को कई बार उपचार के लिए दूर जाना पड़ता था। अब नियुक्तियों से स्थानीय स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूती मिलेगी।
उन्होंने कहा कि जनहित से जुड़े मुद्दों को शासन-प्रशासन के समक्ष रखना और उनके समाधान तक लगातार प्रयास करना उनकी प्राथमिकता है। स्वास्थ्य के साथ शिक्षा, सड़क और अन्य बुनियादी सुविधाओं से जुड़े विषयों को लेकर भी वे आगे निरंतर प्रयास करती रहेंगी।
मुख्यमंत्री और स्वास्थ्य मंत्री के प्रति जताया आभार
कुसुम शर्मा ने चिकित्सकों की नियुक्ति के लिए मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय एवं स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि शासन की ओर से मिले सकारात्मक सहयोग से क्षेत्र की महत्वपूर्ण आवश्यकता पूरी हुई है। उन्होंने नवनियुक्त चिकित्सकों का स्वागत करते हुए उम्मीद जताई कि वे पूरी निष्ठा और सेवाभाव के साथ ग्रामीण जनता को चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराएंगे।
चिकित्सकों की नियुक्ति को डौंडीलोहारा क्षेत्र की स्वास्थ्य व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताते हुए उन्होंने कहा कि विकास का वास्तविक लाभ तभी सार्थक है, जब आवश्यक सुविधाएं समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचें। नियुक्तियों के बाद क्षेत्र के ग्रामीणों में भी बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर उम्मीद जगी है।













