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डीईओ के औचक निरीक्षण में खुली स्कूल की शैक्षणिक व्यवस्था की पोल, तीन दिन में सुधार के निर्देश..तो यहां क्लर्क को मिला शोकाज नोटिस

कक्षा 7वीं-8वीं के विद्यार्थी अंग्रेजी पढ़ने में कमजोर मिले, दूसरी-तीसरी के बच्चे 2 और 3 का पहाड़ा भी नहीं सुना पाए; रिकॉर्ड संधारण में भी मिली लापरवाही

बालोद। विद्यार्थियों की शैक्षणिक गुणवत्ता और विद्यालयीन व्यवस्थाओं की वास्तविक स्थिति जानने के लिए जिला शिक्षा अधिकारी दीपक दुबे ने गुरुवार को दल्लीराजहरा के नयाबाजार स्थित स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट हिन्दी/अंग्रेजी विद्यालय का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने कक्षाओं में पहुंचकर विद्यार्थियों के सीखने के स्तर को परखा और विद्यालय की शैक्षणिक व्यवस्था, मध्याह्न भोजन, वित्तीय अभिलेखों तथा कर्मचारियों से संबंधित दस्तावेजों की बारीकी से जांच की।

निरीक्षण में सामने आई कमियों पर डीईओ ने मौके पर ही संबंधितों को आवश्यक सुधार के निर्देश दिए। साथ ही विभिन्न अनियमितताओं के संबंध में नोटिस जारी कर तीन दिवस के भीतर सुधार सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

कक्षा में पहुंचकर खुद परखी विद्यार्थियों की सीखने की क्षमता

डीईओ दीपक दुबे ने केवल दस्तावेजों की जांच तक निरीक्षण सीमित नहीं रखा, बल्कि कक्षाओं में पहुंचकर विद्यार्थियों से सीधे संवाद किया। कक्षा 7वीं एवं 8वीं के विद्यार्थियों से अंग्रेजी की पाठ्यपुस्तक पढ़वाई गई। इस दौरान कई विद्यार्थी अपेक्षित रूप से अंग्रेजी पाठ का वाचन नहीं कर सके।

इस पर डीईओ ने शिक्षकों को विद्यार्थियों की बुनियादी पठन दक्षता मजबूत करने, नियमित अभ्यास कराने और कमजोर विद्यार्थियों पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए।

इसी तरह कक्षा 2वीं एवं 3वीं के विद्यार्थियों से पहाड़ा पूछा गया। कई विद्यार्थी 2 और 3 का पहाड़ा भी नहीं सुना पाए। इस पर डीईओ ने प्राथमिक स्तर पर विद्यार्थियों की मूलभूत शैक्षणिक दक्षताओं को लेकर गंभीरता बरतने के निर्देश दिए। उन्होंने प्रधान पाठक से कहा कि नियमित अभ्यास और उपचारात्मक शिक्षण के माध्यम से कमजोर विद्यार्थियों के सीखने के स्तर में सुधार किया जाए।

मध्याह्न भोजन में मेन्यू की अनदेखी पर जताई नाराजगी

निरीक्षण के दौरान मध्याह्न भोजन व्यवस्था में भी शासन द्वारा निर्धारित मेन्यू का पालन नहीं किए जाने की बात सामने आई। इस पर जिला शिक्षा अधिकारी ने नाराजगी व्यक्त करते हुए संबंधितों को निर्धारित मेन्यू के अनुसार विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण एवं पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि बच्चों के पोषण से जुड़ी व्यवस्था में लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।

कैशबुक से लेकर सेवा पुस्तिका तक, रिकॉर्ड में मिली खामियां

विद्यालय के प्रशासनिक एवं वित्तीय अभिलेखों की जांच के दौरान कैश बुक में आवश्यक हस्ताक्षर नहीं पाए गए। इसके अलावा अभिलेखों के समुचित संधारण का अभाव, कर्मचारियों की सेवा पुस्तिका में नामिनी का विवरण दर्ज नहीं होना तथा सेवा सत्यापन लंबित पाए जाने जैसी कमियां भी सामने आईं।

डीईओ ने संबंधित कर्मचारियों को अभिलेखों को व्यवस्थित एवं अद्यतन रखने के निर्देश दिए। वहीं रिकॉर्ड संधारण में लापरवाही के मामले में संबंधित क्लर्क को कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए गए।

‘बुनियादी शिक्षा मजबूत होगी तो आगे की पढ़ाई होगी आसान’

जिला शिक्षा अधिकारी दीपक दुबे ने कहा कि प्राथमिक एवं पूर्व माध्यमिक स्तर पर विद्यार्थियों की मूलभूत शैक्षणिक दक्षताओं को मजबूत करना सर्वोच्च प्राथमिकता है। प्रत्येक विद्यार्थी के सीखने के स्तर का नियमित आकलन होना चाहिए और जहां कमी मिले, वहां अतिरिक्त अभ्यास एवं उपचारात्मक शिक्षण के माध्यम से उसे दूर किया जाना चाहिए।

उन्होंने कहा कि विद्यालय में शैक्षणिक गुणवत्ता के साथ-साथ वित्तीय एवं सेवा संबंधी अभिलेखों का नियमानुसार संधारण भी जरूरी है। निरीक्षण में सामने आई कमियों को निर्धारित समय सीमा में दूर करने के निर्देश दिए गए हैं। भविष्य में भी लापरवाही पाए जाने पर संबंधित की जिम्मेदारी तय की जाएगी।

आपको बतादे डीईओ के इस निरीक्षण से स्पष्ट है कि विद्यालयों में केवल उपस्थिति और व्यवस्थाओं की औपचारिक जांच के बजाय अब विद्यार्थियों की वास्तविक सीखने की क्षमता और स्कूल के प्रशासनिक रिकॉर्ड को भी जांच के केंद्र में रखा जा रहा है।

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