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रातभर गणेश विसर्जन में डीजे की धूम, सुबह थाने पहुंचे 9 साउंड सिस्टम; धारदार कड़े-चूड़े भी उतरवाए

बालोद। जिला मुख्यालय में मंगलवार रात से बुधवार सुबह तक चले गणेश विसर्जन समारोह में जहां शहर गणपति बप्पा मोरया के जयकारों, डीजे-धुमाल और नगाड़ों से गूंजता रहा, वहीं सुबह होते-होते तस्वीर बदल गई। विसर्जन के दौरान निर्धारित मानकों और नियमों के उल्लंघन को लेकर बालोद पुलिस ने 9 डीजे साउंड सिस्टम के खिलाफ जब्ती की कार्रवाई की। जब्त किए गए सभी साउंड सिस्टम को न्यायालय में प्रस्तुत किया गया है।

धर्म जागरण द्वारा आयोजित गणेश विसर्जन झांकी में शहर की अलग-अलग गणेश समितियों ने हिस्सा लिया था। रात करीब 9 बजे शुरू हुई शोभायात्रा शहर के प्रमुख मार्गों से होकर गुजरी। अलग-अलग जिलों से मंगाए गए डीजे साउंड सिस्टम, धुमाल, नगाड़ों और आतिशबाजी के बीच युवाओं की टोलियां नाचते-गाते हुए गणेश प्रतिमाओं को विदाई देने निकलीं। शोभायात्रा का सिलसिला बुधवार सुबह करीब 4 से 5 बजे तक चलता रहा।

सुबह हुई कार्रवाई तो डीजे संचालकों में हड़कंप

विसर्जन शोभायात्रा के दौरान पुलिस ने डीजे साउंड सिस्टम की आवाज और नियमों के पालन पर निगरानी रखी। जांच के दौरान नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर 9 डीजे साउंड सिस्टम जब्त किए गए। कार्रवाई के बाद जब्त साउंड सिस्टम को थाने लाया गया और बाद में न्यायालय में प्रस्तुत किया गया।

पुलिस की इस कार्रवाई से गणेश समितियों के साथ-साथ डीजे संचालकों में भी हड़कंप की स्थिति देखने को मिली। कार्रवाई ने यह संदेश भी दिया कि धार्मिक आयोजनों में उत्साह के बावजूद ध्वनि संबंधी निर्धारित नियमों का पालन करना जरूरी है।

डीजे के पीछे नाच रहे युवाओं की भी हुई जांच

पुलिस की निगरानी केवल डीजे साउंड सिस्टम तक सीमित नहीं रही। विसर्जन जुलूस के दौरान डीजे के पीछे नाच रहे युवाओं की भी जांच-पड़ताल की गई। संदेह के आधार पर कुछ युवाओं के हाथों में पहने धारदार कड़े-चूड़े उतरवाकर थाने में जब्त किए गए।

पुलिस की इस कार्रवाई से जुलूस में शामिल युवाओं के बीच भी सतर्कता दिखाई दी और पुलिस जवान लगातार संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखते रहे।

बिजली के तार बने फिर परेशानी का कारण

गणेश विसर्जन के दौरान शहर की पुरानी समस्या एक बार फिर सामने आई। सदर मार्ग, मधु चौक समेत कई हिस्सों में सड़क के ऊपर फैले विद्युत तारों के गुच्छों के कारण ऊंची गणेश प्रतिमाओं और झांकियों को निकालने में परेशानी हुई।

कई स्थानों पर झांकी के साथ चल रहे लोगों ने लकड़ी की मदद से विद्युत तारों को ऊपर उठाया, जिसके बाद प्रतिमाओं को आगे निकाला गया। गनीमत रही कि इस दौरान कोई बड़ी घटना नहीं हुई। हर वर्ष विसर्जन के दौरान सामने आने वाली इस समस्या ने शहर की विद्युत व्यवस्था और बेतरतीब तारों को लेकर एक बार फिर सवाल खड़े किए हैं।

छह घंटे तक चलता रहा विसर्जन, सुबह तक शहर में रहा उत्सव का माहौल

मंगलवार रात करीब 9 बजे शुरू हुई विसर्जन शोभायात्रा का सिलसिला बुधवार सुबह करीब 5 बजे तक चलता रहा। शिकारीपारा, मरारपारा, नयापारा, आमापारा, बुधवारी बाजार, गंजपारा, नया बस स्टैंड, संजय नगर और गांधी भवन सहित विभिन्न इलाकों से बड़ी गणेश प्रतिमाएं शोभायात्रा के साथ निकलीं।

सड़कों पर देर रात तक श्रद्धालुओं की भीड़ रही। जगह-जगह लोगों ने झांकियों का स्वागत किया और मोबाइल कैमरों में गणेश प्रतिमाओं और आकर्षक झांकियों के नजारे कैद किए। गणपति बप्पा मोरया और अगले बरस तू जल्दी आ के जयकारों के बीच भक्तों ने विघ्नहर्ता को भावभीनी विदाई दी।

कड़ी पुलिस निगरानी में शांतिपूर्ण रहा आयोजन

विसर्जन को लेकर पुलिस प्रशासन ने शहर के प्रमुख चौक-चौराहों और संवेदनशील स्थानों पर पर्याप्त बल तैनात किया था। पुलिस जवान शोभायात्रा के साथ-साथ पूरे मार्ग पर निगरानी करते रहे। वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने भी व्यवस्था की लगातार मॉनिटरिंग की।

पुलिस की मुस्तैदी के चलते देर रात तक चले आयोजन के दौरान किसी बड़ी अप्रिय घटना की सूचना नहीं मिली। हालांकि, आयोजन खत्म होने के बाद डीजे साउंड सिस्टम पर हुई कार्रवाई अब विसर्जन समारोह की सबसे चर्चित तस्वीर बन गई है।

सुप्रीम कोर्ट के निर्देश और ध्वनि मानकों के पालन पर जोर

ध्वनि प्रदूषण को लेकर न्यायालयों के निर्देश और निर्धारित ध्वनि मानकों के पालन को लेकर पुलिस प्रशासन द्वारा समय-समय पर कार्रवाई की जाती है। बालोद पुलिस का कहना है कि धार्मिक आयोजन हो या कोई अन्य सार्वजनिक कार्यक्रम, निर्धारित समय और ध्वनि सीमा का पालन आवश्यक है।

एडिशनल एसपी चंद्रकांत गवर्ना ने बताया कि नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर पुलिस ने 9 डीजे साउंड सिस्टम जब्त कर न्यायालय में प्रस्तुत किए हैं। साथ ही जुलूस के दौरान संदिग्ध गतिविधियों पर भी नजर रखी गई और धारदार कड़े-चूड़े जब्त किए गए।

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