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गुमनाम शिकायत पर खलारी में वन विभाग की दबिश, 55 नग गोल लकड़ियां जब्त

दिलीप कुमार देशमुख की जमीन पर मिली बीजा और अर्जुन प्रजाति की लकड़ी, जमीन मालिक ने अज्ञात लोगों द्वारा लकड़ी रखे जाने की दी जानकारी; लकड़ी के स्रोत और वास्तविक मालिक की तलाश में जुटा वन विभाग

बालोद/गुंडरदेही। जिले में अवैध लकड़ी के भंडारण, परिवहन और वन संपदा के संभावित अवैध दोहन के खिलाफ वन विभाग ने कार्रवाई तेज कर दी है। इसी क्रम में गुमनाम शिकायत के आधार पर वन विभाग की टीम ने गुंडरदेही क्षेत्र के ग्राम खलारी में दबिश देकर एक निजी जमीन से 55 नग गोल लकड़ियां जब्त की हैं। जब्त लकड़ियों में प्रारंभिक जांच में बीजा और अर्जुन प्रजाति की लकड़ी शामिल होने की जानकारी सामने आई है।

मामले की खास बात यह है कि जिस जमीन पर लकड़ियां मिलीं, उसके मालिक दिलीप कुमार देशमुख, निवासी ग्राम खर्रा, गुंडरदेही ने वन विभाग को पूछताछ के दौरान बताया कि ये लकड़ियां किसी अज्ञात व्यक्ति द्वारा उनकी जमीन पर रखी गई हैं। उन्होंने लकड़ी के संबंध में किसी व्यक्ति की जानकारी होने से इनकार किया है। ऐसे में अब वन विभाग के सामने लकड़ी के वास्तविक मालिक, स्रोत और जमीन तक पहुंचने की पूरी कड़ी का पता लगाने की चुनौती है।

गुमनाम शिकायत के बाद मौके पर पहुंची वन विभाग की टीम

जानकारी के अनुसार वन विभाग को सूचना मिली थी कि ग्राम खलारी में बिना वैध दस्तावेजों के बड़ी मात्रा में गोल लकड़ियां रखी गई हैं। शिकायत को गंभीरता से लेते हुए वन विभाग के उड़नदस्ता दल एवं रेंज स्टाफ की टीम मौके पर पहुंची और स्थल का निरीक्षण किया।

जांच के दौरान दिलीप कुमार देशमुख की जमीन पर बड़ी संख्या में गोल लकड़ियां रखी हुई मिलीं। मौके पर लकड़ी मिलने के बाद टीम ने जमीन मालिक से पूछताछ कर लकड़ी के संबंध में जानकारी जुटाने का प्रयास किया।

जमीन मालिक ने कहा- अज्ञात व्यक्ति रखकर गया लकड़ी

वन विभाग की पूछताछ में दिलीप कुमार देशमुख ने बताया कि उनकी जमीन पर मौजूद लकड़ियां उनके द्वारा नहीं रखी गई हैं, बल्कि किसी अज्ञात व्यक्ति ने वहां लाकर रखी हैं। उन्होंने लकड़ी रखने वाले व्यक्ति के संबंध में कोई स्पष्ट जानकारी नहीं होने की बात कही।

लकड़ियों के संबंध में मौके पर आवश्यक वैध दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किए जा सके। इसके बाद वन विभाग ने नियमानुसार लकड़ियों की जांच और जब्ती की कार्रवाई शुरू की। जब्ती की प्रक्रिया के दौरान राजस्व विभाग के अधिकारियों/कर्मचारियों को भी मौके पर बुलाया गया, जिनकी मौजूदगी में कार्रवाई पूरी की गई।

55 नग गोल लकड़ियां जब्त, बीजा-अर्जुन प्रजाति शामिल

वन विभाग की जांच में मौके से कुल 55 नग गोल लकड़ियां बरामद हुईं। इनमें बीजा एवं अर्जुन प्रजाति की लकड़ी शामिल होने की जानकारी विभाग की ओर से दी गई है।

जब्त लकड़ियों को विभागीय प्रक्रिया के तहत सहायक वन परिक्षेत्र अधिकारी भूषण निषाद की सुपुर्दगी में रखा गया है। अब विभाग द्वारा लकड़ियों की प्रजाति, वास्तविक मात्रा, स्रोत और उनके परिवहन एवं भंडारण से जुड़े दस्तावेजों की जांच की जा रही है।

किसने रखी लकड़ी और कहां से आई? जांच का सबसे बड़ा सवाल

इस कार्रवाई के बाद सबसे अहम सवाल यही है कि आखिर 55 नग गोल लकड़ियां दिलीप कुमार देशमुख की जमीन पर कौन और कहां से लाकर रख गया?

जमीन मालिक द्वारा लकड़ी से किसी भी तरह का संबंध होने से इनकार किए जाने के बाद वन विभाग अब लकड़ी के वास्तविक मालिक और उसके स्रोत का पता लगाने में जुटा है। विभाग इस बिंदु की भी जांच कर रहा है कि लकड़ी कहीं जंगल क्षेत्र से अवैध कटाई के जरिए तो नहीं लाई गई या फिर किसी अन्य स्थान से परिवहन कर यहां भंडारित की गई।

इसके साथ ही लकड़ी के परिवहन, कटाई और भंडारण से संबंधित वैध दस्तावेजों की भी पड़ताल की जा रही है। जांच में यदि अवैध कटाई, परिवहन या भंडारण की पुष्टि होती है तो संबंधित व्यक्तियों के खिलाफ वन अधिनियम के तहत नियमानुसार कार्रवाई की जा सकती है।

वन संपदा के अवैध कारोबार पर विभाग की नजर

बालोद वन मंडलाधिकारी अभिषेक अग्रवाल के मार्गदर्शन में जिले में अवैध लकड़ी के भंडारण एवं परिवहन के मामलों पर वन विभाग द्वारा लगातार निगरानी और कार्रवाई की जा रही है। विभागीय टीमों को शिकायत या सूचना मिलने पर मौके पर पहुंचकर लकड़ी की वैधता और स्रोत की जांच करने के निर्देश दिए गए हैं।

खलारी में गुमनाम शिकायत के बाद हुई यह कार्रवाई भी इसी अभियान का हिस्सा है। फिलहाल जब्त 55 नग गोल लकड़ियां विभागीय अभिरक्षा में हैं और मामले की जांच जारी है। जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि लकड़ी किसकी थी, कहां से लाई गई थी और इसे जमीन पर किसने रखवाया था।

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