सेजेस विद्यालय बालोद में जिला स्तरीय कार्यशाला, जिलेभर से करीब 300 विज्ञान शिक्षकों ने लिया हिस्सा
बालोद। 32वीं राष्ट्रीय बाल विज्ञान कांग्रेस 2026 के जिला स्तरीय आयोजन की तैयारियों को लेकर सेजेस विद्यालय बालोद में एक दिवसीय जिला स्तरीय शिक्षक कार्यशाला का आयोजन किया गया। राष्ट्रीय विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी संचार परिषद (एनसीएसटीसी), विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग, भारत सरकार द्वारा निर्धारित मुख्य थीम “Science and Innovation for Sustainability” पर केंद्रित इस कार्यशाला में जिले के विभिन्न माध्यमिक एवं हायर सेकेंडरी विद्यालयों से करीब 300 विज्ञान शिक्षकों ने सहभागिता की।
कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों में वैज्ञानिक दृष्टिकोण, शोध की प्रवृत्ति और नवाचार की भावना को बढ़ावा देना तथा उन्हें स्थानीय समस्याओं पर आधारित वैज्ञानिक परियोजनाएं तैयार करने के लिए प्रेरित करना रहा। कार्यशाला में राष्ट्रीय बाल विज्ञान कांग्रेस की थीम, उप-विषयों, परियोजना चयन, शोध पद्धति, ऑनलाइन पंजीयन, प्रोजेक्ट निर्माण और प्रस्तुतीकरण की प्रक्रिया पर विस्तार से प्रशिक्षण दिया गया।
पांच उप-विषयों पर हुआ विस्तृत प्रशिक्षण
कार्यशाला में राष्ट्रीय बाल विज्ञान कांग्रेस के तहत निर्धारित पांच प्रमुख उप-विषयों पर विशेषज्ञों ने विस्तार से मार्गदर्शन दिया। इनमें आर-5 फॉर वेस्ट मैनेजमेंट के अंतर्गत Reduce, Reuse, Retrieve, Redesign एवं Recycle, ई-4 फॉर एनर्जी के अंतर्गत Explore, Experiment, Enhance एवं Evolve, जल संरक्षण एवं प्रबंधन, Food, Agriculture and Health तथा सतत विकास के लिए भारतीय ज्ञान परंपरा के अनुप्रयोग जैसे विषय शामिल रहे।
विशेषज्ञों ने शिक्षकों को समझाया कि विद्यार्थियों के प्रोजेक्ट केवल सैद्धांतिक न होकर स्थानीय समस्याओं, उनके वैज्ञानिक विश्लेषण और व्यवहारिक समाधान पर आधारित होने चाहिए। प्रोजेक्ट निर्माण और मूल्यांकन के विभिन्न पहलुओं पर भी विस्तार से चर्चा की गई।
प्रोजेक्ट निर्माण और ऑनलाइन पंजीयन की दी जानकारी
जिला समन्वयक बीएन योगी ने राष्ट्रीय बाल विज्ञान कांग्रेस के मुख्य कथानक और उप-विषयों की जानकारी दी। जिला अकादमिक समन्वयक कादम्बिनी यादव ने ऑनलाइन पंजीयन और प्रोजेक्ट आइडिया से संबंधित जानकारी साझा करते हुए कार्यशाला का संचालन किया। गाइड टीचर जयन्ती राय ने प्रोजेक्ट निर्माण, शोध प्रक्रिया और मूल्यांकन के मानकों पर विस्तार से प्रशिक्षण दिया।
बताया गया कि जिला स्तर पर कार्यशाला एवं प्रोजेक्ट प्रस्तुतिकरण की प्रक्रिया अगस्त से सितंबर के बीच आयोजित की जाएगी। इसमें भाग लेने वाले विद्यार्थियों एवं विद्यालयों के लिए ऑनलाइन पंजीयन अनिवार्य होगा।

राष्ट्रीय स्तर तक पहुंच चुके हैं जिले के प्रोजेक्ट
कार्यशाला में यह भी बताया गया कि बालोद जिले के विद्यालय पहले भी राष्ट्रीय बाल विज्ञान कांग्रेस में सक्रिय सहभागिता कर चुके हैं। जिले के विद्यार्थियों के प्रोजेक्ट राज्य से लेकर राष्ट्रीय स्तर तक अपनी पहचान बना चुके हैं और वैज्ञानिक उपलब्धियां हासिल कर चुके हैं। इसी क्रम को आगे बढ़ाते हुए इस वर्ष भी अधिक से अधिक गुणवत्तापूर्ण प्रोजेक्ट तैयार कर राष्ट्रीय स्तर तक पहुंचाने पर जोर दिया गया।
कार्यशाला में शिक्षकों से विद्यार्थियों में वैज्ञानिक जिज्ञासा, अनुसंधान और नवाचार की भावना विकसित करने का आह्वान किया गया। शिक्षकों ने विज्ञान शिक्षा को अधिक व्यवहारिक, शोधपरक और नवाचार आधारित बनाने के साथ राष्ट्रीय बाल विज्ञान कांग्रेस को सफल बनाने में सक्रिय भूमिका निभाने का संकल्प लिया।
कार्यशाला में करीब 300 शिक्षकों की सहभागिता रही। जिला समन्वयक बीएन योगी, जिला अकादमिक समन्वयक कादम्बिनी यादव और गाइड टीचर जयन्ती राय के मार्गदर्शन में कार्यशाला सफलतापूर्वक संपन्न हुई।





















