मन की बात में प्रधानमंत्री मोदी का संदेश: कारगिल के वीरों को नमन, आत्मनिर्भर रक्षा, जल संरक्षण, युवा शक्ति और ‘वोकल फॉर लोकल’ पर दिया जोर
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को अपने मासिक रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात’ की 136वीं कड़ी में देशवासियों को संबोधित करते हुए कारगिल विजय दिवस के अवसर पर शहीदों और वीर सैनिकों को श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने कहा कि कारगिल के रणबांकुरों का साहस और बलिदान हर भारतीय के लिए प्रेरणा का स्रोत है। प्रधानमंत्री ने कहा कि देश अपने वीरों का सम्मान करने के साथ उनकी गाथाओं को नई पीढ़ी तक भी पहुंचा रहा है। इसी उद्देश्य से ‘शौर्य विजय यात्रा’ निकाली गई है, जो दिल्ली के नेशनल वॉर मेमोरियल से द्रास स्थित कारगिल वॉर मेमोरियल तक पहुंच रही है।

आत्मनिर्भर रक्षा शक्ति का बढ़ता सामर्थ्य
प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत रक्षा क्षेत्र में तेजी से आत्मनिर्भर बन रहा है। उन्होंने भारतीय नौसेना में शामिल आधुनिक युद्धपोत आईएनएस महेंद्रगिरि, डीआरडीओ द्वारा पिनाका लॉन्ग रेंज गाइडेड रॉकेट और कुशा मिसाइल के सफल परीक्षण का उल्लेख करते हुए वैज्ञानिकों और इंजीनियरों की सराहना की। उन्होंने कहा कि भारत के रक्षा उपकरणों और तकनीक पर दुनिया का भरोसा लगातार बढ़ रहा है और हाल ही में इंडोनेशिया के साथ ब्रह्मोस एवं अस्त्र मिसाइलों को लेकर हुए समझौते इसका प्रमाण हैं।

जल संरक्षण को जनआंदोलन बनाने का आह्वान
प्रधानमंत्री ने ‘कैच द रेन’ अभियान का उल्लेख करते हुए वर्षा जल संरक्षण को जनभागीदारी का अभियान बताया। उन्होंने कहा कि देशभर में तालाबों का पुनर्जीवन, भूजल रिचार्ज, पुराने जल स्रोतों का संरक्षण और वृक्षारोपण तेज गति से किया जा रहा है। मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, आंध्र प्रदेश, छत्तीसगढ़ और ओडिशा सहित कई राज्यों के सफल प्रयासों का उल्लेख करते हुए उन्होंने प्रत्येक नागरिक से अपने आसपास किसी जल स्रोत के संरक्षण की जिम्मेदारी लेने का आग्रह किया।
खिलाड़ियों और युवा वैज्ञानिकों की उपलब्धियों पर जताया गर्व
प्रधानमंत्री ने कॉमनवेल्थ गेम्स में भाग ले रहे भारतीय खिलाड़ियों को शुभकामनाएं दीं। उन्होंने पीवी सिंधु के जापान ओपन खिताब, भारतीय महिला क्रिकेट टीम की लॉर्ड्स मैदान पर ऐतिहासिक टेस्ट जीत तथा विभिन्न अंतरराष्ट्रीय साइंस ओलंपियाड में भारतीय छात्रों के उत्कृष्ट प्रदर्शन को देश के लिए गर्व का विषय बताया। उन्होंने कहा कि भारत के युवा विज्ञान, खेल और नवाचार के क्षेत्र में नई ऊंचाइयों को छू रहे हैं।

निजी अंतरिक्ष क्षेत्र की सफलता का उल्लेख
प्रधानमंत्री ने निजी क्षेत्र द्वारा विकसित भारत के पहले रॉकेट विक्रम-1 के सफल प्रक्षेपण को ऐतिहासिक उपलब्धि बताया। उन्होंने कहा कि अंतरिक्ष क्षेत्र को निजी कंपनियों के लिए खोलने का निर्णय युवाओं की प्रतिभा को अवसर देने के उद्देश्य से लिया गया था, जिसका सकारात्मक परिणाम अब पूरी दुनिया देख रही है।
कश्मीर के ‘वगू’ शिल्प और स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा
प्रधानमंत्री ने कश्मीर की पारंपरिक चटाई ‘वगू’ के संरक्षण के प्रयासों का उल्लेख करते हुए स्थानीय कारीगरों की सराहना की। उन्होंने कहा कि स्थानीय उत्पादों को अपनाना आत्मनिर्भर भारत की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है और लोगों से ‘वोकल फॉर लोकल’ अभियान को मजबूत बनाने का आग्रह किया।
महिलाओं की हर्बल चाय बनी आत्मनिर्भरता की मिसाल
उत्तर प्रदेश के बिजनौर की स्वयं सहायता समूह से जुड़ी महिलाओं द्वारा तैयार ‘विदुर प्रेरणा स्वदेशी हर्बल टी’ का उल्लेख करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि मात्र एक लाख रुपये से शुरू हुआ यह प्रयास आज बड़े संस्थानों तक पहुंच चुका है। उन्होंने इसे महिला सशक्तिकरण और स्थानीय उद्यमिता का प्रेरक उदाहरण बताया।
पर्यावरण संरक्षण और ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान
प्रधानमंत्री ने ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के तहत देशभर में हुए व्यापक वृक्षारोपण की सराहना की। उन्होंने अहमदाबाद में एक घंटे में साढ़े तीन लाख से अधिक पौधे लगाने और उत्तर प्रदेश में एक ही दिन में 35 करोड़ से अधिक पौधारोपण का उल्लेख किया। उन्होंने लोगों से जीवन के हर विशेष अवसर को प्रकृति से जोड़ने का आह्वान किया।

प्लास्टिक कचरे से तैयार हो रहे पर्यावरण अनुकूल बेंच
प्रधानमंत्री ने बिहार के सीतामढ़ी में सिंगल यूज प्लास्टिक के पुनर्चक्रण से तैयार किए जा रहे बेंच की सराहना की। उन्होंने कहा कि यह पहल पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ स्थानीय रोजगार सृजन का भी माध्यम बन रही है और ‘रिड्यूस, रीयूज और रीसायकल’ की भावना को मजबूत कर रही है।
स्वदेशी गणेश प्रतिमाओं के उपयोग की दोहराई अपील
प्रधानमंत्री ने आगामी गणेश उत्सव में प्लास्टर ऑफ पेरिस और विदेशी प्रतिमाओं के बजाय देश की मिट्टी से बनी गणेश प्रतिमाओं की स्थापना करने का आग्रह दोहराया। उन्होंने कहा कि यह कदम पर्यावरण संरक्षण और स्थानीय कारीगरों को प्रोत्साहन देने की दिशा में महत्वपूर्ण होगा।
मणिपुर के वैज्ञानिक की उपलब्धि का किया उल्लेख
प्रधानमंत्री ने जापान में कार्यरत भारतीय खगोल भौतिक विज्ञानी डॉ. रोनाल्डो लैशराम की उपलब्धि का उल्लेख करते हुए बताया कि उन्होंने युवा आकाशगंगाओं के एक समूह का नाम मणिपुर की प्रसिद्ध लोकटक झील के नाम पर रखा है। उन्होंने इसे भारतीय प्रतिभा और अपनी जड़ों से जुड़े रहने का प्रेरक उदाहरण बताया।

राष्ट्रीय हथकरघा दिवस पर स्थानीय उत्पाद अपनाने की अपील
7 अगस्त को मनाए जाने वाले राष्ट्रीय हथकरघा दिवस का उल्लेख करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि हथकरघा और खादी भारत की सांस्कृतिक विरासत और लाखों लोगों की आजीविका से जुड़े हैं। उन्होंने त्योहारों के दौरान खादी, हैंडलूम और हस्तशिल्प उत्पाद खरीदने की अपील की।
पारंपरिक संगीत और संस्कृति के संरक्षण पर जोर
प्रधानमंत्री ने त्रिपुरा के पारंपरिक वाद्ययंत्र चौंगप्रेंग को नई पहचान दिलाने वाले कलाकार सूरज कुमार देबबर्मा के प्रयासों की सराहना की और लोगों से अपने क्षेत्र की लोक संस्कृति एवं पारंपरिक वाद्ययंत्रों को बढ़ावा देने का आग्रह किया।

डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम और गुरु पूर्णिमा का किया स्मरण
27 जुलाई को भारत रत्न डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम की पुण्यतिथि और गुरु पूर्णिमा का उल्लेख करते हुए प्रधानमंत्री ने शिक्षकों, गुरुजनों और अभिभावकों के प्रति सम्मान व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि कलाम का जीवन युवाओं को बड़े सपने देखने और देश निर्माण में योगदान देने की प्रेरणा देता है।
हर घर तिरंगा अभियान में सहभागिता की अपील
प्रधानमंत्री ने आगामी स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर ‘हर घर तिरंगा’ अभियान में पूरे उत्साह से भाग लेने का आह्वान किया। उन्होंने नागरिकों से अपने घरों पर सम्मानपूर्वक तिरंगा फहराने तथा स्वतंत्रता दिवस के संबोधन के लिए अपने सुझाव मायगव पोर्टल के माध्यम से भेजने की भी अपील की।




















