प्रदर्शन को संबोधित करते हुए जिला कांग्रेस अध्यक्ष चंद्रेश हिरवानी ने कहा कि नीट परीक्षा में कथित पेपर लीक की घटना ने करोड़ों छात्रों और उनके परिवारों के भविष्य तथा विश्वास को गहरा आघात पहुंचाया है। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार अपनी जिम्मेदारियों से बचने और विफलताओं पर पर्दा डालने का प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि परीक्षा में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के बजाय सरकार छात्रों की आवाज दबाने के लिए बल प्रयोग कर रही है, जो लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ है।
गुंडरदेही विधायक कुंवर सिंह निषाद ने कहा कि छात्रों के समर्थन में आवाज उठाने वाले लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी सहित कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं को हिरासत में लेना केंद्र सरकार की असहिष्णु मानसिकता को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में सवाल पूछना और सरकार से जवाब मांगना विपक्ष का संवैधानिक अधिकार है। विपक्ष की आवाज को दबाने की कोशिश लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए चिंताजनक है।

वहीं संजारी-बालोद विधायक एवं महिला कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष संगीता सिन्हा ने कहा कि नीट परीक्षा में कथित अनियमितताओं और पेपर लीक के कारण देशभर के लाखों छात्रों का परीक्षा प्रणाली पर भरोसा कमजोर हुआ है। उन्होंने कहा कि ऐसी स्थिति में केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को नैतिक जिम्मेदारी स्वीकार करते हुए तत्काल अपने पद से इस्तीफा देना चाहिए।
प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस नेताओं ने केंद्र सरकार के समक्ष कई सवाल भी उठाए। उन्होंने पूछा कि नीट पेपर लीक के कथित जिम्मेदारों के खिलाफ अब तक क्या ठोस कार्रवाई की गई है, छात्रों पर लाठीचार्ज का आदेश किसने दिया, छात्रों के समर्थन में आवाज उठाने वाले नेताओं को हिरासत में क्यों लिया गया और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान नैतिक जिम्मेदारी कब स्वीकार करेंगे।
कांग्रेस नेताओं ने कहा कि उनका आंदोलन केवल एक परीक्षा में कथित अनियमितताओं तक सीमित नहीं है, बल्कि देश के युवाओं के भविष्य, शिक्षा व्यवस्था की विश्वसनीयता और लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा का आंदोलन है। उन्होंने स्पष्ट किया कि परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता, दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई तथा विपक्ष की आवाज को दबाने के प्रयासों के विरोध में कांग्रेस का संघर्ष आगे भी जारी रहेगा।
प्रदर्शन में पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष विकास चोपड़ा, रामजी भाई पटेल, पुरुषोत्तम पटेल, धीरज उपाध्याय, युवराज साहू, सतीश यादव, शंभू साहू, अंचल प्रकाश साहू, नरेंद्र सिन्हा, जीवन बंदे, राजकुमार प्रभाकर, कासिमुद्दीन कुरैशी, विनोद बंटी शर्मा, सुमित शर्मा, सुनील मालेकर, रीता सोनी, अनिल यादव, कमलेश श्रीवास्तव, वैभव साहू, दाऊद खान, कमल टुवानी, रविप्रकाश यादव, भूपेश नायक, प्रशांत बोकड़े, साजन पटेल, पद्मिनी साहू सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता मौजूद रहे।




















