Skip to main content

प्रदेश रूचि

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राष्ट्र को समर्पित किए 75 अमृत भारत स्टेशन, बालोद सहित छत्तीसगढ़ के तीन स्टेशन बने आधुनिक पहचान के प्रतीक

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राष्ट्र को समर्पित किए 75 अमृत भारत स्टेशन।बालोद सहित छत्तीसगढ़ के तीन और मध्यप्रदेश के तीन स्टेशन बने आधुनिक सुविधाओं से लैस, 1,570 करोड़ रुपये की लागत से हुआ पुनर्विकास

नई दिल्ली/रायपुर, 19 जुलाई। देशभर में रेलवे स्टेशनों को आधुनिक स्वरूप देने की दिशा में एक और बड़ी उपलब्धि दर्ज करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत पुनर्विकसित 75 रेलवे स्टेशनों का राष्ट्र को समर्पित किया। इस राष्ट्रव्यापी कार्यक्रम के तहत देश के 20 राज्यों में स्थित इन स्टेशनों को आधुनिक सुविधाओं, स्थानीय सांस्कृतिक पहचान और भविष्य की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए नए स्वरूप में विकसित किया गया है। इन सभी स्टेशनों के पुनर्विकास पर लगभग 1,570 करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं।


यह दूसरा बड़ा राष्ट्रव्यापी समर्पण कार्यक्रम
अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत पुनर्विकसित स्टेशनों को राष्ट्र को समर्पित करने का यह दूसरा बड़ा राष्ट्रीय कार्यक्रम है। इससे पहले 22 मई 2025 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 18 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के 103 पुनर्विकसित अमृत भारत स्टेशनों का लोकार्पण किया था। अब 75 नए स्टेशनों के जुड़ने के साथ ही इस योजना के तहत विकसित स्टेशनों की संख्या बढ़कर 261 हो गई है।


छत्तीसगढ़ के बालोद, सरोना और चांपा स्टेशन को मिला नया स्वरूप
दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के अंतर्गत छत्तीसगढ़ के तीन प्रमुख स्टेशन—बालोद, सरोना और चांपा—का भी व्यापक पुनर्विकास किया गया है।
बालोद रेलवे स्टेशन को जिले की कृषि समृद्धि और पारंपरिक बुनाई कला की पहचान को ध्यान में रखते हुए विकसित किया गया है। स्टेशन परिसर में आधुनिक यात्री सुविधाओं के साथ स्थानीय सांस्कृतिक झलक दिखाई देती है।
सरोना रेलवे स्टेशन में बेहतर संपर्क सुविधाओं के साथ स्थानीय बुनकर परंपरा को स्थापत्य कला में स्थान दिया गया है, जबकि चांपा जंक्शन को क्षेत्र की कृषि विरासत और क्षेत्रीय संपर्क की विशेषताओं के अनुरूप नया स्वरूप प्रदान किया गया है।
मध्यप्रदेश के तीन स्टेशनों का भी हुआ आधुनिकीकरण
दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के अंतर्गत मध्यप्रदेश के छिंदवाड़ा, नैनपुर और बालाघाट स्टेशन भी इस परियोजना का हिस्सा रहे।
छिंदवाड़ा स्टेशन को क्षेत्र की वन संपदा और प्राकृतिक विरासत की थीम पर विकसित किया गया है।
नैनपुर जंक्शन की ऐतिहासिक रेलवे विरासत को संरक्षित रखते हुए आधुनिक सुविधाएं जोड़ी गई हैं।
बालाघाट स्टेशन में जनजातीय संस्कृति, पारंपरिक कला और वन क्षेत्र की पहचान को स्थापत्य में प्रमुखता दी गई है।
सिर्फ भवन नहीं, आधुनिक ट्रांजिट हब के रूप में विकसित हुए स्टेशन
अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत रेलवे स्टेशनों को केवल नया भवन देने तक सीमित नहीं रखा गया है, बल्कि उन्हें आधुनिक ट्रांजिट हब के रूप में विकसित किया गया है। यात्रियों की सुविधा, सुरक्षा और सुगमता को प्राथमिकता देते हुए स्टेशनों में व्यापक बदलाव किए गए हैं।
स्टेशनों पर आधुनिक प्रतीक्षालय, चौड़े फुट ओवरब्रिज, एयर कॉनकोर्स, बेहतर पार्किंग व्यवस्था, सुव्यवस्थित प्रवेश एवं निकास मार्ग, डिजिटल यात्री सूचना प्रणाली, आधुनिक साइनेज, दिव्यांगजन अनुकूल रैंप, लिफ्ट और टैक्टाइल पाथ जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं। जहां संभव हुआ है, वहां एग्जीक्यूटिव लाउंज और पर्यावरण अनुकूल निर्माण तकनीकों का भी उपयोग किया गया है।


स्थानीय संस्कृति और विरासत को दी गई प्राथमिकता
योजना की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि प्रत्येक स्टेशन की डिजाइन उस क्षेत्र की सांस्कृतिक, ऐतिहासिक और पारंपरिक पहचान को दर्शाती है। इससे रेलवे स्टेशन केवल यात्रा का माध्यम नहीं बल्कि स्थानीय संस्कृति के प्रतीक के रूप में भी विकसित हो रहे हैं। यात्रियों को स्टेशन पहुंचते ही संबंधित क्षेत्र की कला, विरासत और जीवन शैली की झलक देखने को मिलेगी।
दिसंबर 2022 में शुरू हुई थी अमृत भारत स्टेशन योजना
रेल मंत्रालय ने दिसंबर 2022 में अमृत भारत स्टेशन योजना की शुरुआत की थी। यह एक दीर्घकालिक और चरणबद्ध मास्टर प्लान है, जिसका उद्देश्य देशभर के रेलवे स्टेशनों को आधुनिक, सुविधाजनक और शहरों के विकास से जुड़े ट्रांजिट केंद्रों के रूप में विकसित करना है। योजना के तहत केवल भवन निर्माण ही नहीं, बल्कि स्टेशन परिसर, यातायात व्यवस्था, यात्री सुविधाओं और शहरी संपर्क को भी बेहतर बनाया जा रहा है।


देशभर के 1,340 स्टेशनों के पुनर्विकास का लक्ष्य
रेल मंत्रालय के अनुसार अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत देशभर के 1,340 रेलवे स्टेशनों का चरणबद्ध पुनर्विकास किया जाना है। इनमें से अब तक 261 स्टेशनों का कार्य पूरा हो चुका है, जबकि शेष स्टेशनों पर अलग-अलग चरणों में निर्माण कार्य जारी है।
यह परियोजना दुनिया के सबसे बड़े रेलवे स्टेशन आधुनिकीकरण अभियानों में से एक मानी जा रही है। इसका उद्देश्य भारतीय रेलवे को आधुनिक, सुरक्षित, पर्यावरण अनुकूल और यात्री सुविधाओं से परिपूर्ण बनाना है, ताकि प्रत्येक स्टेशन अपने क्षेत्र की सांस्कृतिक पहचान के साथ विश्वस्तरीय सुविधाओं का केंद्र बन सके।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

error: Content is protected !!