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सहायक शिक्षकों को त्रिस्तरीय समयमान वेतनमान स्वीकृत किए बिना विकल्प भरने का आदेश अनुचित : शिक्षक फेडरेशन

 

समयमान वेतनमान की स्वीकृति से पहले विकल्प लेने की अंतिम तिथि बढ़ाने की मांग, मुख्यमंत्री सहित वरिष्ठ अधिकारियों को भेजा ज्ञापन
बालोद/रायपुर। छत्तीसगढ़ प्रदेश शिक्षक फेडरेशन ने राज्य शासन द्वारा क्रमोन्नति एवं समयमान वेतनमान के संबंध में विकल्प (ऑप्शन) भरने के जारी आदेश पर गंभीर आपत्ति जताई है। फेडरेशन का कहना है कि सहायक शिक्षक संवर्ग को अभी तक त्रिस्तरीय समयमान वेतनमान की स्वीकृति ही प्राप्त नहीं हुई है, ऐसे में उनसे समयमान अथवा क्रमोन्नति योजना का विकल्प भरवाना न केवल अव्यावहारिक है, बल्कि न्यायसंगत भी नहीं है।
फेडरेशन के प्रांताध्यक्ष राजेश चटर्जी ने प्रेस विज्ञप्ति जारी करते हुए कहा कि सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा 9 जून 2026 को जारी आदेश में क्रमोन्नति योजना को वित्त विभाग की समयमान वेतनमान योजना में समाहित करने का निर्णय लिया गया है, किंतु सहायक शिक्षक संवर्ग की वास्तविक स्थिति को इसमें नजरअंदाज किया गया है।
उन्होंने बताया कि मध्यप्रदेश शासन ने 19 अप्रैल 1999 से शासकीय कर्मचारियों के लिए एक ही वेतनमान में 12 एवं 24 वर्ष की सेवा पूर्ण होने पर क्रमोन्नत वेतनमान की व्यवस्था लागू की थी। राज्य गठन के बाद छत्तीसगढ़ शासन के सामान्य प्रशासन विभाग ने 24 अप्रैल 2006 के आदेश के माध्यम से सहायक शिक्षकों को 12 एवं 24 वर्ष की सेवा पूर्ण करने पर क्रमशः उच्चतर क्रमोन्नत वेतनमान प्रदान करने का प्रावधान किया था। इसी प्रकार शिक्षक, व्याख्याता एवं प्राचार्य संवर्ग के लिए भी अलग-अलग क्रमोन्नत वेतनमान निर्धारित किए गए थे।
फेडरेशन ने बताया कि इसके बाद वित्त विभाग ने 28 अप्रैल 2008 को जारी वित्त निर्देश क्रमांक 11/2008 के तहत क्रमोन्नति योजना में संशोधन करते हुए 1 अप्रैल 2006 से समयमान वेतनमान योजना लागू कर दी। इस योजना में सामान्य शासकीय कर्मचारियों के लिए प्रथम एवं द्वितीय उच्चतर वेतनमान का स्पष्ट प्रावधान किया गया, लेकिन सहायक शिक्षक संवर्ग को त्रिस्तरीय समयमान वेतनमान का लाभ आज तक स्वीकृत नहीं किया गया।
राजेश चटर्जी ने कहा कि वर्ष 2017 में सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा 10 एवं 20 वर्ष की सेवा पूर्ण करने पर प्रथम एवं द्वितीय क्रमोन्नति का प्रावधान भी लागू किया गया, लेकिन सहायक शिक्षकों के लिए त्रिस्तरीय समयमान वेतनमान की व्यवस्था अब तक अधूरी है। ऐसी स्थिति में यदि सहायक शिक्षक क्रमोन्नति योजना का विकल्प चुनते हैं तो उन्हें अन्य शासकीय कर्मचारियों की तरह तृतीय उच्चतर वेतनमान का लाभ नहीं मिलेगा। वहीं यदि समयमान वेतनमान का विकल्प चुनते हैं तो उसका लाभ भी उन्हें नहीं मिल सकेगा, क्योंकि संबंधित आदेश ही जारी नहीं हुआ है।
फेडरेशन का कहना है कि समयमान वेतनमान का लाभ सेवा में प्रथम नियुक्ति की तिथि से गणना के आधार पर दिया जाता है। ऐसे में सहायक शिक्षक संवर्ग को बिना त्रिस्तरीय समयमान वेतनमान की स्वीकृति दिए विकल्प भरने के लिए बाध्य करना उनके साथ अन्याय होगा। जबकि उच्च वर्ग शिक्षक, व्याख्याता एवं प्राचार्य संवर्ग को समयमान वेतनमान का लाभ पूर्व से ही स्वीकृत है।
इन्हीं तथ्यों को ध्यान में रखते हुए छत्तीसगढ़ प्रदेश शिक्षक फेडरेशन ने मुख्यमंत्री, शिक्षा मंत्री, मुख्य सचिव, सामान्य प्रशासन विभाग के सचिव तथा स्कूल शिक्षा विभाग के सचिव को ज्ञापन भेजकर मांग की है कि सहायक शिक्षक संवर्ग को पहले त्रिस्तरीय समयमान वेतनमान की स्वीकृति प्रदान की जाए तथा उसके बाद ही विकल्प भरने की प्रक्रिया प्रारंभ की जाए। साथ ही विकल्प लेने की अंतिम तिथि बढ़ाई जाए, ताकि सभी शिक्षकों को समान एवं न्यायपूर्ण अवसर मिल सके।

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