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फर्जी ऋण पुस्तिका बनाकर 15 लाख में दूसरे की जमीन बेचने की साजिश का खुलासा, तीन आरोपी गिरफ्तार

बालोद। फर्जी ऋण पुस्तिका तैयार कर दूसरे की कृषि भूमि का सौदा करने के सनसनीखेज मामले में बालोद पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए फरार चल रहे दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। इस मामले में एक आरोपी को पहले ही गिरफ्तार कर न्यायिक अभिरक्षा में भेजा जा चुका था। ताजा कार्रवाई के बाद इस बहुचर्चित फर्जीवाड़े में शामिल तीनों आरोपी अब पुलिस की गिरफ्त में हैं। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से घटना से संबंधित 7 हजार रुपये नकद और एक मोबाइल फोन भी जब्त किया है।
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार ग्राम लाटाबोड़ निवासी डमेन्द्र कुमार गंजीर ने शिकायत दर्ज कराई थी कि उनके नाम पर ग्राम लाटाबोड़ स्थित खसरा नंबर 355/1 एवं 239/2 की कुल लगभग 1 एकड़ 60 डिसमिल कृषि भूमि दर्ज है, जिसकी वैध ऋण पुस्तिका तहसील कार्यालय बालोद से जारी हुई है। शिकायत में आरोप लगाया गया था कि कुछ लोगों ने उनकी भूमि की फर्जी ऋण पुस्तिका तैयार कर स्वयं को जमीन का मालिक बताकर उसे बेचने की साजिश रची।

विवेचना के दौरान पुलिस को पता चला कि आरोपी हरिशंकर गजभिये ने स्वयं को डमेन्द्र कुमार गंजीर बताकर अपने साथी नरेन्द्र बहादुर सोनी के साथ ग्राम देवारभाट निवासी विनोद कुमार वर्मा एवं उनकी पत्नी कमला वर्मा से संपर्क किया। दोनों आरोपियों ने करीब 15 लाख रुपये में कृषि भूमि का सौदा तय किया और विश्वास दिलाने के लिए फर्जी ऋण पुस्तिका एवं इकरारनामा तैयार कर खरीदार को सौंप दिया। इस दौरान आरोपियों ने 1 लाख 50 हजार रुपये बयाना राशि भी प्राप्त कर ली।

बाद में जब खरीदार पक्ष को ऋण पुस्तिका के फर्जी होने की जानकारी मिली तो उन्होंने अपनी बयाना राशि वापस मांगी। पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी नरेन्द्र बहादुर सोनी ने राशि लौटाने के लिए अपने बैंक खाते के दो चेक, कुल 1 लाख 50 हजार रुपये के, खरीदार को दिए थे। मामले की जांच के दौरान पुलिस ने पहले नरेन्द्र बहादुर सोनी को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया था।

इसके बाद फरार चल रहे मुख्य आरोपी हरिशंकर गजभिये एवं श्रवण साहू की तलाश तेज की गई। पुलिस ने दोनों को हिरासत में लेकर पूछताछ की, जहां उन्होंने घटना में अपनी संलिप्तता स्वीकार की। इसके बाद 28 जून 2026 को दोनों आरोपियों को विधिवत गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया गया।

पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से घटना से संबंधित 7 हजार रुपये नकद एवं एक मोबाइल फोन जब्त किया है। आरोपियों के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 318(4), 319(2), 336(3), 338, 340(2) एवं 3(5) के तहत अपराध दर्ज कर विवेचना की गई। पुलिस का कहना है कि मामले से जुड़े अन्य पहलुओं की भी जांच की जा रही है, ताकि इस फर्जीवाड़े में शामिल अन्य व्यक्तियों की भूमिका भी सामने लाई जा सके।

इस पूरे मामले ने एक बार फिर भूमि संबंधी दस्तावेजों की सुरक्षा और फर्जी दस्तावेज तैयार कर जमीन की खरीद-बिक्री करने वाले गिरोहों की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। बालोद पुलिस की कार्रवाई से इस बहुचर्चित प्रकरण में अहम सफलता मिली है, हालांकि मामले के अन्य पहलुओं की जांच अभी जारी है।

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