भरदाखुर्द, कुरदी और सुखरी में हुई चोरी की तीन वारदातों का खुलासा; 96.680 किलो केबल वायर, पिकअप, बाइक और स्कूटी समेत करीब 10 लाख की संपत्ति जब्त
गुण्डरदेही। मोबाइल टावरों से केबल चोरी करने वाले एक शातिर गिरोह का गुण्डरदेही पुलिस ने पर्दाफाश किया है। पुलिस ने गिरोह के 7 आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया है। चोरी की इन वारदातों में 4 विधि से संघर्षरत बालकों के शामिल होने की भी पुष्टि हुई है। सभी बालकों की पहचान गोपनीय रखते हुए उन्हें नियमानुसार बाल न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया गया।

पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 96.680 किलोग्राम चोरी की केबल वायर, जिसकी अनुमानित कीमत करीब 80 हजार रुपये है, बरामद की है। इसके साथ ही चोरी में इस्तेमाल पिकअप वाहन, मोटरसाइकिल और स्कूटी को भी जब्त किया गया है। जब्त संपत्ति की कुल अनुमानित कीमत करीब 10 लाख रुपये बताई गई है।
नेटवर्क बंद होने से खुला चोरी का राज
मामला 13 अगस्त 2026 का है। प्रीनेष कुमार साहू ने गुण्डरदेही थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि ग्राम भरदाखुर्द स्थित मोबाइल टावर से एयरटेल और आइडिया का नेटवर्क बंद हो गया है। टावर की जांच के दौरान ग्राम गुरेदा के पास कुछ संदिग्ध लोगों को टावर की केबल काटकर चोरी करते देखा गया।
सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची और संदिग्धों का पीछा किया। पुलिस को पीछे आता देख आरोपी स्कूटी और केबल वायर मौके पर छोड़कर अंधेरे का फायदा उठाते हुए फरार हो गए। इसके बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर आरोपियों की तलाश शुरू की।

सीसीटीवी और तकनीकी साक्ष्यों से मिली अहम कड़ी
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक किरण गंगाराम चव्हाण के मार्गदर्शन में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक चंद्रकांत गवर्ना और एसडीओपी गुण्डरदेही राजेश बागड़े के पर्यवेक्षण में विशेष टीम गठित की गई। थाना प्रभारी निरीक्षक रविशंकर पाण्डेय के नेतृत्व में गुण्डरदेही थाना पुलिस और साइबर सेल बालोद की संयुक्त टीम ने जांच शुरू की।
पुलिस टीम ने घटनास्थल और आसपास के क्षेत्रों के सीसीटीवी फुटेज खंगाले। तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर वारदात में इस्तेमाल स्कूटी और पिकअप वाहन की पहचान की गई। इसके बाद संदिग्धों से पूछताछ और लगातार पतासाजी के जरिए पुलिस गिरोह के अन्य सदस्यों तक पहुंच गई।

रेकी के बाद तीन जगहों पर की गई चोरी
पूछताछ में आरोपियों ने पुलिस को बताया कि गिरोह पहले मोबाइल टावरों की रेकी करता था। इसके बाद सुनसान और कम निगरानी वाले स्थानों को चिन्हित कर केबल काटकर चोरी की जाती थी।
जांच में ग्राम भरदाखुर्द, कुरदी और सुखरी में केबल चोरी की तीन अलग-अलग वारदातों का खुलासा हुआ है। पुलिस के अनुसार, आरोपियों ने पूर्व में भी केबल चोरी की घटनाओं को अंजाम देना स्वीकार किया है। पुलिस अब गिरोह से जुड़ी अन्य संभावित वारदातों की भी जानकारी जुटा रही है।
96 किलो से ज्यादा केबल बरामद
पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर कुल 96.680 किलोग्राम चोरी की केबल वायर बरामद की है। बरामद केबल की कीमत करीब 80 हजार रुपये आंकी गई है।
इसके अलावा वारदात में इस्तेमाल वाहनों को भी जब्त किया गया है पिकअप वाहन: CG 04 PM 2170,मोटरसाइकिल एक्सट्रीम: CG 04 DB 3196 स्कूटी: CG 07 BF 4709 शामिल है ।केबल वायर और वाहनों सहित जब्त संपत्ति की कुल कीमत करीब 10 लाख रुपये बताई गई है।

7 आरोपी गिरफ्तार, 4 बालक भी शामिल
पुलिस ने मामले में 7 आरोपियों को 15 अगस्त 2026 को गिरफ्तार किया। सभी आरोपियों को न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया है।
वहीं, वारदात में शामिल 4 विधि से संघर्षरत बालकों की पहचान की गई है। उनकी पहचान गोपनीय रखते हुए नियमानुसार कार्रवाई की गई और उन्हें बाल न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया गया।
संयुक्त टीम की रही अहम भूमिका
गिरोह का पर्दाफाश करने में गुण्डरदेही थाना पुलिस और साइबर सेल बालोद की संयुक्त टीम की महत्वपूर्ण भूमिका रही। कार्रवाई में थाना गुण्डरदेही से निरीक्षक रविशंकर पाण्डेय, सहायक उप निरीक्षक राघवेन्द्र सिंह, आरक्षक यशवंत देशमुख और आरक्षक पंकज तारम शामिल रहे।
साइबर सेल बालोद से सहायक उप निरीक्षक धरम भूआर्य, प्रधान आरक्षक भुवनेश्वर मरकाम, प्रधान आरक्षक विवेक शाही, प्रधान आरक्षक रूमलाल चुरेन्द्र, आरक्षक विपिन गुप्ता, आरक्षक राहुल मनहरे, आरक्षक भोपसिंह साहू, आरक्षक मिथलेश साहू सहित अन्य पुलिसकर्मियों का भी विशेष योगदान रहा।
अन्य वारदातों को लेकर पूछताछ जारी
केबल चोरी के इस गिरोह के पकड़े जाने से क्षेत्र में मोबाइल टावरों से केबल चोरी की घटनाओं पर अंकुश लगने की उम्मीद है। पुलिस आरोपियों से पूछताछ के आधार पर गिरोह से जुड़े अन्य लोगों और पूर्व में हुई संभावित चोरी की घटनाओं की जानकारी जुटा रही है। गुण्डरदेही पुलिस ने स्पष्ट किया है कि चोरी और अन्य आपराधिक गतिविधियों में संलिप्त गिरोहों के खिलाफ कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।











