कांग्रेस का आरोप है कि शिवनंदनपुर नगर पंचायत चुनाव में पार्टी की बढ़ती पकड़ से घबराकर भाजपा सरकार ने जिला कांग्रेस कमेटी के महामंत्री नरेन्द्र जैन के खिलाफ आर्म्स एक्ट के तहत झूठा मामला दर्ज कराया है। इसी के विरोध में कांग्रेस ने विश्रामपुर थाने के सामने अनिश्चितकालीन धरना शुरू किया, जो अब आमरण अनशन में बदल गया है।
धरना स्थल पर पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल भी पहुंचे और आंदोलन को समर्थन दिया। वहीं पूर्व उपमुख्यमंत्री टी. एस. सिंहदेव के भी दीपक बैज के साथ आमरण अनशन पर बैठने की घोषणा ने आंदोलन को और राजनीतिक धार दे दी है।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि भाजपा को अपनी चुनावी हार साफ दिखाई दे रही है, इसलिए प्रशासनिक मशीनरी का दुरुपयोग कर कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं को निशाना बनाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि 24 घंटे से अधिक समय बीत जाने के बावजूद सरकार की ओर से कोई कार्रवाई नहीं की गई, जिसके चलते कांग्रेस अब निर्णायक लड़ाई लड़ने को मजबूर है।

दीपक बैज ने मांग रखी कि कांग्रेस नेता नरेन्द्र जैन के खिलाफ दर्ज एफआईआर तत्काल रद्द की जाए, आर्म्स एक्ट की धाराएं हटाई जाएं तथा मामले में जिम्मेदार थानेदार पर कठोर कार्रवाई की जाए। कांग्रेस का कहना है कि यह केवल एक कार्यकर्ता का मामला नहीं बल्कि लोकतांत्रिक अधिकारों और निष्पक्ष चुनाव प्रक्रिया की लड़ाई है।
इस पूरे घटनाक्रम को लेकर कांग्रेस ने राज्य चुनाव आयोग का दरवाजा भी खटखटाया है। पार्टी का प्रतिनिधिमंडल राज्य चुनाव आयुक्त से मुलाकात कर दोषी पुलिस अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग कर चुका है।
विश्रामपुर में चल रहे धरना-प्रदर्शन में पूर्व मंत्री प्रेमसाय सिंह टेकाम, अमरजीत भगत, पूर्व विधायक अंबिका सिंह, गुलाब कमरो, पारसनाथ राजवाड़े, जिला कांग्रेस अध्यक्ष शशि सिंह, बालकृष्ण पाठक समेत बड़ी संख्या में कांग्रेस पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद हैं। कांग्रेस इसे लोकतंत्र बचाने की लड़ाई बताते हुए आंदोलन को और तेज करने की तैयारी में




















