विधायक सिन्हा ने स्पष्ट रूप से कहा कि सड़क निर्माण में किसी भी प्रकार का भ्रष्टाचार बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि कार्य स्टीमेट के अनुसार निर्धारित मोटाई और चौड़ाई के साथ ही किया जाए, ताकि सड़क टिकाऊ और गुणवत्तापूर्ण बन सके।

उन्होंने यह भी कहा कि यह मार्ग वनांचल क्षेत्र की प्रमुख सड़क है, जो जिला मुख्यालय और ब्लॉक मुख्यालय को जोड़ती है, इसलिए इसकी गुणवत्ता में किसी भी प्रकार की लापरवाही गंभीर परिणाम ला सकती है। विधायक ने निर्देश दिया कि गुणवत्ता नियंत्रक (क्वालिटी कंट्रोलर) नियमित रूप से कार्यस्थल पर मौजूद रहें और निर्माण कार्य की सतत निगरानी सुनिश्चित करें।
निरीक्षण के दौरान स्थानीय जनप्रतिनिधियों और कांग्रेस संगठन के पदाधिकारियों की भी उपस्थिति रही। इनमें जिला कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष चंद्रेश हिरवानी, ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष गुरूर किशोर साहू, ब्लॉक कांग्रेस कमेटी गुरूर महामंत्री सुमीत राजपूत, महामंत्री शादिक अली, विधायक प्रतिनिधि कमलेश श्रीवास्तव, ब्लॉक अध्यक्ष बालोद नरेंद्र सिन्हा, शहर अध्यक्ष बालोद अंचल साहू, सेक्टर प्रभारी नारागांव बल्ला कुंजाम सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं ग्रामीणजन शामिल रहे।

इसके अलावा पूर्व जनपद सदस्य कुलेश्वरी रूपेंद्र गावड़े, युवा नेता हिमांशु लावत्रे, ग्राम पंचायत नारागांव के सरपंच कोवाची, उपसरपंच जगन्नाथ साहू, बड़भूम बूथ अध्यक्ष डामन बेसरा, पंच सुरेश कुरैटी, नारागांव ग्रामीण अध्यक्ष शिवराम साहू, ग्राम पटेल पुरन गावड़े एवं पंच सोमीन साहू भी निरीक्षण के दौरान उपस्थित रहे।

विधायक के इस औचक निरीक्षण से निर्माण कार्य में पारदर्शिता और गुणवत्ता को लेकर प्रशासनिक सक्रियता का संदेश गया है। साथ ही क्षेत्रीय जनता को भी उम्मीद है कि अब सड़क निर्माण कार्य निर्धारित मानकों के अनुरूप और बेहतर गुणवत्ता के साथ पूरा किया जाएगा।




















