कलेक्टर ने दो टूक कहा कि ऑनबोर्डिंग अब सिर्फ औपचारिकता नहीं, बल्कि वार्षिक वेतन वृद्धि और गोपनीय प्रतिवेदन (ACR) से सीधे जुड़ा होगा। ऐसे में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

बैठक में जिले के निर्माण कार्यों की समीक्षा करते हुए गुणवत्ता को सर्वोच्च प्राथमिकता देने पर जोर दिया गया। स्पष्ट चेतावनी दी गई कि किसी भी निर्माण कार्य में गुणवत्ता से समझौता पाए जाने पर संबंधित अधिकारियों पर कड़ी कार्रवाई होगी।
शिक्षा क्षेत्र की समीक्षा में प्रयास आवासीय विद्यालय की तैयारियों को लेकर भी चर्चा हुई। दल्लीराजहरा में बीएसपी स्कूल क्रमांक-02 में बालक छात्रावास एवं विद्यालय तथा स्कूल क्रमांक-30 में कन्या छात्रावास शुरू करने के लिए अधिकारियों को आपसी समन्वय से सभी आवश्यक व्यवस्थाएं जल्द पूरी करने के निर्देश दिए गए।
ग्रीष्म ऋतु को देखते हुए पेयजल व्यवस्था पर विशेष फोकस रखा गया। तेजी से गिरते भूजल स्तर को गंभीर मानते हुए कृषि कार्यों के लिए नए बोर खनन पर सख्ती से रोक लगाने के निर्देश दिए गए।
खनिजों के अवैध उत्खनन और परिवहन पर नियंत्रण के लिए संबंधित विभागों को पुख्ता रणनीति अपनाने के निर्देश दिए गए, वहीं अवैध शराब बिक्री के खिलाफ भी प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा गया।
इसके अलावा जल संरक्षण और जनभागीदारी आधारित अभियानों की प्रगति की भी समीक्षा की गई, जिसमें जनसहभागिता बढ़ाने पर जोर दिया गया।
बैठक में जिला पंचायत सीईओ सुनील चंद्रवंशी, अपर कलेक्टर चंद्रकांत कौशिक, नूतन कंवर, संयुक्त कलेक्टर मधुहर्ष सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।




















