बालोद। गुरूर विकासखंड के ग्राम अरमरीकला में आयोजित जिला स्तरीय जनसमस्या निवारण शिविर ग्रामीणों के लिए सौगातों से भरा रहा। शिविर में विभिन्न विभागों को प्राप्त कुल 1843 आवेदनों में से 1689 का मौके पर ही निराकरण किया गया, जिससे ग्रामीणों में प्रशासन के प्रति विश्वास और उत्साह देखने को मिला।

शिविर में विधायक संगीता सिन्हा, जिला पंचायत अध्यक्ष तारणी पुष्पेंद्र चंद्राकर, संभागायुक्त सत्यनारायण राठौर और कलेक्टर दिव्या उमेश मिश्रा सहित जनप्रतिनिधि व वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। सभी ने शिविर के सफल आयोजन की सराहना की।
इस दौरान जिले में राजस्व पखवाड़े का भी शुभारंभ किया गया, जो 1 अप्रैल से 15 जून तक चलेगा। इसके अंतर्गत अविवादित बंटवारा, सीमांकन, नक्शा सुधार सहित राजस्व संबंधी समस्याओं का निराकरण किया जाएगा। शिविर में 16 ग्राम पंचायतों से जुड़े 94 आवेदन प्राप्त हुए, जिनमें से 40 का निराकरण किया गया। साथ ही ग्राम सांगली और पिकरीपार के 380 हितग्राहियों को स्वामित्व कार्ड वितरित किए गए।

शिविर में विभिन्न योजनाओं के तहत हितग्राहियों को लाभान्वित किया गया। आयुष्मान कार्ड, वय वंदन कार्ड, प्रधानमंत्री आवास योजना के आवास पूर्णता प्रमाण पत्र, उज्ज्वला योजना के गैस कनेक्शन, स्वच्छ भारत मिशन के अंतर्गत प्रोत्साहन राशि, दिव्यांगजनों को व्हीलचेयर, ट्रायसाइकिल, छड़ी व श्रवण यंत्र वितरित किए गए। मत्स्य विभाग द्वारा मछली जाल और आईस बॉक्स भी प्रदान किए गए।

मुख्यमंत्री ई-रिक्शा सहायता योजना के तहत दो हितग्राहियों को एक-एक लाख रुपये की अनुदान राशि के डेमो चेक दिए गए, वहीं एक मृतक के परिजन को आरबीसी प्रावधान के तहत चार लाख रुपये की सहायता राशि प्रदान की गई।
शिविर में स्वास्थ्य विभाग द्वारा ग्रामीणों का स्वास्थ्य परीक्षण कर निःशुल्क दवाइयां वितरित की गईं। गर्भवती महिलाओं को सुपोषण किट दी गई और बच्चों का अन्नप्राशन संस्कार भी कराया गया।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए जनप्रतिनिधियों ने कहा कि जनसमस्या निवारण शिविर शासन और जनता के बीच सीधा संवाद स्थापित करने का प्रभावी माध्यम है। उन्होंने लोगों से ऐसे शिविरों में अधिक संख्या में पहुंचकर योजनाओं का लाभ लेने की अपील की।कार्यक्रम के दौरान बाल विवाह रोकथाम और जल संरक्षण को लेकर शपथ भी दिलाई गई।




















