
जिले को प्राप्त इन एंबुलेंसों में 14 बेसिक लाइफ सपोर्ट और एक एडवांस्ड लाइफ सपोर्ट एंबुलेंस शामिल है। विशेष बात यह है कि बालोद में पहली बार नियोनेटल एडवांस एंबुलेंस सेवा की शुरुआत की गई है, जो नवजात शिशुओं की आपातकालीन देखभाल के लिए अत्याधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित है। इससे गंभीर परिस्थितियों में नवजातों के जीवन को बचाने में महत्वपूर्ण सहायता मिलेगी।

नई व्यवस्था के तहत अब शहरी क्षेत्रों में 15 मिनट और ग्रामीण क्षेत्रों में 30 मिनट के भीतर एंबुलेंस उपलब्ध कराने का लक्ष्य रखा गया है। इससे दूर-दराज के क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को भी समय पर उपचार मिल सकेगा। सभी एंबुलेंसों में बीपी मॉनिटर, पल्स ऑक्सीमीटर, ईसीजी, ग्लूकोमीटर, ऑक्सीजन सपोर्ट और नेब्युलाइजेशन जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं, जिससे मरीजों को अस्पताल पहुंचने से पहले ही आवश्यक प्राथमिक उपचार मिल सके।
संयुक्त जिला कार्यालय बालोद में एंबुलेंसों के आगमन पर जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों की उपस्थिति में विधिवत पूजा-अर्चना कर उन्हें हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया। इस अवसर पर जिला पंचायत उपाध्यक्ष तोमन साहू, कलेक्टर दिव्या उमेश मिश्रा, नगर पालिका परिषद बालोद की अध्यक्ष प्रतिभा चौधरी, उपाध्यक्ष कमलेश सोनी, वरिष्ठ जनप्रतिनिधि कृष्णकांत पवार सहित मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. जे.एल. उइके सहित अन्य अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे। 15 एंबुलेंस में से 10 एंबुलेंस को कलेक्ट्रेट परिसर से विभिन्न विकासखंडों के लिए रवाना किया गया।
जनप्रतिनिधियों ने इस पहल को जिले के लिए बड़ी उपलब्धि बताते हुए कहा कि इससे स्वास्थ्य सेवाओं की उपलब्धता, गुणवत्ता और पहुंच में सुधार होगा तथा आपातकालीन स्थितियों में लोगों को समय पर बेहतर उपचार मिल सकेगा।




















