बलौदाबाजार के पंडित चक्रपाणि शुक्ल हायर सेकेंडरी स्कूल मैदान में आयोजित इस राज्य स्तरीय कार्यक्रम के समानांतर बालोद में संयुक्त जिला कार्यालय सभाकक्ष में जिला स्तरीय राशि वितरण कार्यक्रम आयोजित हुआ, जिसमें बड़ी संख्या में लाभार्थी और जनप्रतिनिधि शामिल हुए।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए जिला पंचायत अध्यक्ष तारणी पुष्पेंद्र चंद्राकर ने कहा कि राज्य सरकार “मोदी की गारंटी” के संकल्प को धरातल पर उतारते हुए समाज के हर वर्ग के उत्थान के लिए निरंतर कार्य कर रही है। जिला पंचायत उपाध्यक्ष तोमन साहू ने कहा कि योजना के तहत मिलने वाली सहायता राशि भूमिहीन मजदूर परिवारों को आर्थिक मजबूती देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

नगर पालिका परिषद बालोद अध्यक्ष प्रतिभा चौधरी ने अपने संबोधन में कहा कि समाज के अंतिम व्यक्ति तक विकास की किरण पहुँचाना ही सुशासन की पहचान है और प्रति हितग्राही 10 हजार रुपये की सहायता राशि भूमिहीन किसानों के लिए राहत साबित होगी। भाजपा जिलाध्यक्ष चेमन देशमुख ने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व की सराहना करते हुए कहा कि अंत्योदय के विचार को केंद्र और राज्य की योजनाओं के माध्यम से जमीनी स्तर पर साकार किया जा रहा है।
इस दौरान नगर पंचायत गुण्डरदेही अध्यक्ष प्रमोद जैन, जनपद पंचायत बालोद अध्यक्ष सरस्वती टेमरिया, जनपद पंचायत डौण्डी अध्यक्ष मुकेश कौड़ो, वरिष्ठ जनप्रतिनिधि केसी पवार सहित अन्य जनप्रतिनिधियों ने भी योजना के महत्व पर प्रकाश डाला।
कार्यक्रम में कलेक्टर दिव्या उमेश मिश्रा ने स्वागत भाषण देते हुए योजना के उद्देश्यों और पात्र हितग्राहियों को मिलने वाले लाभ की जानकारी दी तथा सभी लाभार्थियों को बधाई और शुभकामनाएं दीं। कार्यक्रम में हितग्राहियों को सहायता राशि के प्रमाण पत्र भी वितरित किए गए। अंत में संयुक्त कलेक्टर मधुहर्ष ने आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर जिला पंचायत सीईओ सुनील चंद्रवंशी, अपर कलेक्टर नूतन कंवर सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी-कर्मचारी और बड़ी संख्या में लाभार्थी उपस्थित रहे।
सरकारी योजनाओं का सीधा लाभ
दीनदयाल उपाध्याय भूमिहीन कृषि मजदूर कल्याण योजना को राज्य सरकार की प्रमुख सामाजिक-आर्थिक योजनाओं में माना जा रहा है, जिसका उद्देश्य भूमिहीन कृषि मजदूर परिवारों को वित्तीय सुरक्षा प्रदान करना और उन्हें आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ाना है। Direct Benefit Transfer के माध्यम से सहायता राशि सीधे खातों में पहुंचने से पारदर्शिता और विश्वास दोनों मजबूत हुए हैं।




















