
मिली जानकारी के अनुसार सुबह करीब 11:15 बजे एक ट्रॉली में 8 श्रद्धालु दर्शन कर नीचे लौट रहे थे, जबकि दूसरी ट्रॉली में 5 श्रद्धालु मंदिर की ओर जा रहे थे। इसी दौरान ऊपर से नीचे आ रही ट्रॉली का केबल अचानक टूट गया। ट्रॉली ऊंचाई से पत्थरों से टकराते हुए नीचे से कुछ दूरी ऊपर जाकर गिर गई। वहीं दूसरी ट्रॉली भी तार टूटने के कारण वापस आकर जंक्शन से टकरा गई। हादसे के समय नीचे 4 लोग अपने नंबर का इंतजार कर रहे थे, जो भी इसकी चपेट में आकर घायल हो गए।
इस दर्दनाक घटना में रायपुर निवासी 28 वर्षीय आयुषी साहस की मौके पर ही मौत हो गई। घायलों में 3 साल के बच्चे से लेकर 65 वर्ष तक के बुजुर्ग शामिल हैं। इनमें 12 घायल रायपुर और 4 महासमुंद जिले के बताए जा रहे हैं।

तत्काल रेस्क्यू, 8 गंभीर घायलों को रायपुर रेफर
हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया। स्थानीय लोगों और पुलिस की मदद से तत्काल रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया गया। सभी घायलों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बागबाहरा पहुंचाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद 8 गंभीर घायलों को बेहतर इलाज के लिए रायपुर रेफर किया गया है।
रोपवे सील, जांच के आदेश
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस अधीक्षक सहित प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे और हालात का जायजा लिया। एहतियातन रोपवे को तत्काल सील कर दिया गया है। प्रशासन ने पूरे मामले की जांच के आदेश दिए हैं। हादसा किन कारणों से हुआ, इसका खुलासा जांच रिपोर्ट आने के बाद ही हो सकेगा।

प्रत्यक्षदर्शियों ने बताई भयावह स्थिति
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक वे अपने काम में लगे थे, तभी अचानक रोपवे के केबल टूटने की तेज आवाज आई। इसके बाद लोग मौके की ओर दौड़े और घायलों को निकालने में जुट गए।
वहीं जिला पंचायत के सीईओ हेमंत नंदनवार ने घटना को बेहद दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए कहा कि रोपवे टूटने के कारणों की गंभीरता से जांच कराई जा रही है और जो भी दोषी पाए जाएंगे, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। इस हादसे ने खल्लारी धाम आने वाले श्रद्धालुओं की सुरक्षा व्यवस्था पर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।




















