कार्यक्रम में संगठन की महिलाओं ने फूलों से “हिंदू नव वर्ष” लिखकर उसे दीपमाला से सजाया, जो पूरे आयोजन का प्रमुख आकर्षण बना रहा। मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं की अच्छी खासी भीड़ रही और नगरवासियों ने संगठन की इस पहल की सराहना की।

चैत्र नवरात्रि के पावन अवसर पर माता रानी के मंदिर में विशेष पूजा-अर्चना की गई। महिलाओं ने माता को चुनरी अर्पित कर विभिन्न प्रकार के भोग-प्रसाद समर्पित किए। कार्यक्रम के दौरान उपस्थित लोगों का मुँह मीठा कराया गया और सभी ने एक-दूसरे को नववर्ष की शुभकामनाएँ दीं। साथ ही भारत माता की आरती कर राष्ट्र और समाज की खुशहाली की कामना की गई।
संगठन की संयोजिका पद्मिनी देवेंद्र साहू ने बताया कि आयोजन का उद्देश्य केवल नव वर्ष का उत्सव मनाना नहीं, बल्कि इसकी सांस्कृतिक और आध्यात्मिक महत्ता को जन-जन तक पहुँचाना है। उनके अनुसार हिंदू नव वर्ष प्रकृति के नव श्रृंगार और सृष्टि के आरंभ का प्रतीक माना जाता है। इसी दिन चैत्र नवरात्रि की शुरुआत होती है, जो शक्ति, भक्ति, संयम और साधना का संदेश देती है। साथ ही इस अवसर पर गुड़ी पड़वा, झूलेलाल जयंती, अंगद देव जयंती और वरुण देव जयंती का भी विशेष महत्व रहता है।
इस अवसर पर संगठन की पदाधिकारी पद्मिनी देवेंद्र साहू (संयोजिका), दुर्गा जोशी (सह-संयोजिका), डिलेश्वरी साहू (सचिव), रीता पाठक (सह-सचिव), ज्योति पटेल (कोषाध्यक्ष), वर्षा दुबे (सह-कोषाध्यक्ष), रुक्मणी कोसरे, सरिता साहू, सुशीला, शशि प्रभा सहित अन्य सदस्याएँ मौजूद रहीं।
कार्यक्रम में नगर के नागरिकों में पंडित सत्यनारायण शर्मा, पंडित रामनाथ योगी, मुक्ति सोनवानी, ममता टावरी, कविता बक्शी, उत्तम साहू, गया साहू, संतोष सोनकर सहित अन्य श्रद्धालुओं की भी उपस्थिति रही।




















