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बालोद के इस गांव में दबंगों की दबंगई से आक्रोशित सैकड़ों ग्रामीण पहुंचे कलेक्ट्रेट, कार्रवाई नहीं होने पर धरने की चेतावनी

 

बालोद। जिले के गुरुर विकासखंड अंतर्गत ग्राम दियाबाती में कथित दबंगई और लगातार मिल रही धमकियों से आक्रोशित सैकड़ों ग्रामीणों ने पूर्व विधायक भैया राम सिन्हा के साथ जिला मुख्यालय पहुंचकर कलेक्ट्रेट में प्रशासन के समक्ष अपनी शिकायत दर्ज कराई। ग्रामीणों ने गांव के धनसाय साहू,आकाश खोमन सहित गांव के और कुछ लोगों पर डराने-धमकाने, गाली-गलौज करने और गांव के विकास कार्यों में बाधा डालने का आरोप लगाते हुए कलेक्टर एवं पुलिस प्रशासन से सख्त कार्रवाई की मांग की।

ग्रामीणों द्वारा सौंपे गए ज्ञापन में बताया गया है कि गांव के प्रेमनगर मोहल्ला में सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के उद्देश्य से ग्राम विकास समिति द्वारा सीसीटीवी कैमरा लगाने का निर्णय लिया गया था। इसके लिए संबंधित स्थान पर कैमरा लगाने पहुंचे ग्रामीणों और तकनीकी कर्मचारियों को कुछ लोगों ने कथित रूप से रोकते हुए विवाद किया और कैमरा नहीं लगाने की धमकी दी। आरोप है कि इस दौरान अपशब्द कहे गए और मारपीट की धमकी भी दी गई, जिससे ग्रामीणों में भय और तनाव का माहौल बन गया।
ग्रामीणों का कहना है कि घटना के बाद गुरुर थाना में इसकी शिकायत दर्ज कराई गई, लेकिन आरोपितों के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई नहीं होने से उनका मनोबल और बढ़ गया है। ज्ञापन में यह भी उल्लेख किया गया है कि आरोपितों द्वारा बार-बार धमकियां दी जा रही हैं तथा गांव में दबाव बनाकर माहौल खराब करने की कोशिश की जा रही है। इससे गांव की शांति व्यवस्था प्रभावित होने और भविष्य में किसी अप्रिय घटना की आशंका जताई गई है।

ग्रामीणों ने प्रशासन को चेतावनी देते हुए कहा कि यदि समय रहते निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई नहीं की गई तो वे कलेक्ट्रेट परिसर में ही धरना-प्रदर्शन करने को मजबूर होंगे। इस दौरान ग्रामीणों के साथ पूर्व विधायक भैयाराम सिन्हा भी मौजूद रहे। उन्होंने अधिकारियों से मुलाकात कर मामले में त्वरित और निष्पक्ष कार्रवाई सुनिश्चित करने की मांग की।

वहीं पुलिस अधिकारियों ने ग्रामीणों को आश्वस्त किया है कि शिकायत की गंभीरता को देखते हुए पूरे मामले की जांच कराई जा रही है और तथ्यों के आधार पर दोषियों के खिलाफ जल्द ही कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
ग्रामीणों को फिलहाल प्रशासन के कार्यवाही का इंतजार है, लेकिन यदि जल्द समाधान नहीं निकला तो गांव में आंदोलन की स्थिति बन सकती है।

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