जिला कलेक्टर दिव्या उमेश मिश्रा की पहल पर प्रशासन ने यह रणनीतिक निर्णय लिया है, जिसका उद्देश्य सार्वजनिक स्थानों पर बढ़ते प्लास्टिक कचरे को नियंत्रित करना और स्वच्छ एवं सुरक्षित वातावरण सुनिश्चित करना है। प्रशासन का मानना है कि शराब दुकानों के आसपास प्लास्टिक कचरे की मात्रा अधिक रहती है, जिससे न केवल गंदगी फैलती है बल्कि पर्यावरण और स्वास्थ्य पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है।

अतिरिक्त जिला दण्डाधिकारी चंद्रकांत कौशिक ने जिला आबकारी विभाग को पत्र जारी कर स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि सभी शराब दुकानों के 100 मीटर के दायरे में सिंगल यूज प्लास्टिक के उपयोग पर प्रभावी प्रतिबंध सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि इस अभियान को सफल बनाने के लिए दुकानदारों, ठेला संचालकों और आम नागरिकों की सहभागिता बेहद जरूरी है।
प्रशासन द्वारा वैकल्पिक व्यवस्थाओं को भी बढ़ावा दिया जा रहा है, ताकि प्लास्टिक के स्थान पर पर्यावरण अनुकूल सामग्री का उपयोग बढ़ सके। साथ ही, संबंधित क्षेत्रों में नियमित निगरानी और जागरूकता गतिविधियां भी संचालित की जाएंगी, जिससे लोगों में जिम्मेदारी की भावना विकसित हो और नियमों का पालन सुनिश्चित हो सके।
कलेक्टर दिव्या उमेश मिश्रा का कहना है कि प्लास्टिक मुक्त वातावरण केवल प्रशासनिक आदेशों से नहीं, बल्कि सामूहिक प्रयासों से संभव है। उन्होंने नागरिकों से अपील की है कि वे पर्यावरण संरक्षण की इस पहल में सक्रिय भागीदारी निभाते हुए सिंगल यूज प्लास्टिक के उपयोग से पूरी तरह परहेज करें।
जिला प्रशासन की यह सख्ती आने वाले समय में सार्वजनिक स्थलों की स्वच्छता सुधारने के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में बालोद को एक मॉडल जिले के रूप में स्थापित करने की दिशा में अहम कदम मानी जा रही है।




















