विधायक ने अपने पत्र में आरोप लगाया कि इस कार्रवाई से कई गरीब परिवार प्रभावित हुए हैं। छोटे-छोटे दुकानों, गुमटियों और आवासों को हटाए जाने से उनकी आजीविका पर संकट खड़ा हो गया है और कुछ परिवार बेघर भी हो गए हैं। उन्होंने कहा कि कार्रवाई से पूर्व प्रशासन द्वारा प्रभावित लोगों से पर्याप्त संवाद या वैकल्पिक व्यवस्था के लिए समय नहीं दिया गया, जिससे उनकी रोज़मर्रा की जीविका प्रभावित हुई है। इसे उन्होंने गंभीर चिंता का विषय बताया।

संगीता सिन्हा ने यह भी उल्लेख किया कि बालोद नगरवासियों की ओर से मांग उठ रही है कि शासकीय आवास परिसर ग्राम सिवनी, पीडब्ल्यूडी एवं सिंचाई कॉलोनी परिसर, कलेक्टर निवास और पुलिस अधीक्षक निवास के सामने तथा सदर रोड के दोनों ओर किए गए अवैध कब्जों को भी समान रूप से हटाया जाए। उनका कहना है कि यदि सभी स्थानों पर निष्पक्ष कार्रवाई की जाती है तो आवागमन सुगम होगा और आम जनता के बीच सकारात्मक संदेश जाएगा, जिससे लोग स्वेच्छा से अतिक्रमण हटाने के लिए प्रेरित होंगे।
विधायक ने जिला प्रशासन से आग्रह किया है कि उक्त परिसरों और कॉलोनियों में किए गए अवैध निर्माण व अतिक्रमण को शीघ्र हटाने के लिए ठोस और प्रभावी कदम उठाए जाएं, ताकि शहर में सुव्यवस्थित यातायात व्यवस्था और समान कानून व्यवस्था सुनिश्चित हो सके।




















