नई दिल्ली/रायपुर, । सहकारिता आधारित मोबिलिटी प्लेटफॉर्म ‘भारत टैक्सी’ के विस्तार को लेकर अब छत्तीसगढ़ में भी हलचल तेज हो गई है। केंद्र सरकार की ‘सहकार से समृद्धि’ परिकल्पना के तहत शुरू इस प्लेटफॉर्म को प्रदेश में लाने के संकेत भाजपा सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने दिए हैं।
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर किए गए अपने पोस्ट में सांसद ने कहा कि प्रदेश के निजी यातायात तंत्र को मजबूत करने के उद्देश्य से ‘भारत टैक्सी’ सेवा को जल्द छत्तीसगढ़ में शुरू करने की दिशा में प्रयास किए जाएंगे। उनका कहना है कि इस मॉडल से ड्राइवरों को शून्य कमीशन पर पूरी कमाई मिल सकेगी, वहीं उपभोक्ताओं को सस्ती और पारदर्शी किराया दरों पर कैब सुविधा उपलब्ध होगी।
सहकारिता मॉडल पर आधारित प्लेटफॉर्म
बहुराज्य सहकारी सोसाइटी अधिनियम, 2002 के तहत पंजीकृत ‘भारत टैक्सी’ की स्थापना 6 जून 2025 को सहकारिता क्षेत्र के आठ राष्ट्रीय संस्थानों द्वारा की गई थी और इसे 5 फरवरी 2026 को लॉन्च किया गया। यह प्लेटफॉर्म पारंपरिक कमीशन आधारित एग्रीगेटर मॉडल के बजाय सारथी-मालिक सहकारी मॉडल पर काम करता है, जिसमें ड्राइवर स्वयं प्लेटफॉर्म के सदस्य और हिस्सेदार बनते हैं।
ड्राइवरों को पूरी कमाई, यात्रियों को किफायती सेवा
इस प्लेटफॉर्म का संचालन शून्य-कमीशन मॉडल पर होता है, जिससे वैधानिक शुल्कों के बाद पूरी किराया राशि सीधे सारथियों को मिलती है। किराया निर्धारण प्रचालन लागत, दूरी और बाजार स्थितियों को ध्यान में रखकर किया जाता है तथा समय-समय पर इसकी समीक्षा भी होती है।
देश के कई शहरों में शुरू, विस्तार की तैयारी
फिलहाल ‘भारत टैक्सी’ दिल्ली-एनसीआर के दिल्ली, गुरुग्राम, नोएडा, फरीदाबाद और गाजियाबाद के साथ गुजरात के अहमदाबाद, राजकोट, सोमनाथ और द्वारका में संचालित हो रही है। अगले तीन वर्षों में इसे देशभर के टियर-2 और टियर-3 शहरों में तहसील स्तर तक विस्तार देने की योजना है।
प्रदेश में सेवा शुरू होने की संभावनाओं के बीच अब यह देखना दिलचस्प होगा कि सहकारिता आधारित यह स्वदेशी मोबिलिटी मॉडल निजी परिवहन व्यवस्था और ड्राइवरों की आय पर कितना प्रभाव डालता है।




















