जानकारी के अनुसार बीए प्रथम सेमेस्टर के विद्यार्थी निर्धारित समय पर परीक्षा देने पहुंचे थे। परीक्षा शुरू होने के बाद जब छात्रों ने प्रश्नपत्र देखा तो उसमें पूछे गए प्रश्न उनके पाठ्यक्रम से मेल नहीं खा रहे थे। कुछ ही देर में स्पष्ट हो गया कि वितरित किया गया प्रश्नपत्र तृतीय सेमेस्टर का है। इस गड़बड़ी के चलते कई छात्र असमंजस की स्थिति में रहे और उनका कीमती समय व्यर्थ हो गया।

छात्र यश कुमार सोरी ने बताया कि उन्होंने प्रथम सेमेस्टर के पाठ्यक्रम के अनुसार तैयारी की थी, लेकिन अचानक तृतीय सेमेस्टर का प्रश्नपत्र मिलने से वे और अन्य विद्यार्थी घबरा गए। वहीं छात्र बलराम ने कहा कि यह सीधी लापरवाही है और इसका असर उनके परिणाम पर पड़ सकता है। छात्रों का कहना है कि परीक्षा दोबारा आयोजित की जानी चाहिए ताकि उनके भविष्य के साथ अन्याय न हो।
मामले की शिकायत छात्रों ने तत्काल महाविद्यालय प्रबंधन से की। इस पर महाविद्यालय के प्रिंसिपल ज्योतिष कुमार खलखो ने कहा कि घटना की जानकारी विश्वविद्यालय को दे दी गई है और आगे की कार्रवाई विश्वविद्यालय के दिशा-निर्देशों के अनुसार की जाएगी। उन्होंने इसे गंभीर विषय बताते हुए जांच और उचित समाधान का आश्वासन दिया है।

छात्रों का कहना है कि यदि शीघ्र ही पुनः परीक्षा की घोषणा नहीं की गई तो वे आंदोलन का रास्ता अपनाने पर विवश होंगे। अब सभी की निगाहें विश्वविद्यालय प्रशासन के निर्णय पर टिकी हैं कि इस परीक्षा गड़बड़ी के मामले में क्या कदम उठाए जाते हैं और छात्रों के हितों की रक्षा किस प्रकार की जाती है।




















