तीन वर्षीय मासूम प्रिया साहू, जिसकी 9 अक्टूबर 2025 को मृत्यु के बाद गांव के मुक्तिधाम मार्ग के पास दफन किया गया था, उसकी कब्र से छेड़छाड़ की आशंका ने ग्रामीणों में दहशत और आक्रोश दोनों भर दिया है।

दफन स्थल पर मिले तंत्र-सामग्री के संकेत
रविवार सुबह खेत की ओर जा रहे ग्रामीणों ने जब दफन स्थल को अव्यवस्थित देखा, तो उनके होश उड़ गए। वहां कटा हुआ नींबू, मिट्टी के दीये, चावल, अगरबत्ती और मांस का टुकड़ा पड़ा मिला। इन वस्तुओं को देखकर ग्रामीणों ने तंत्र-मंत्र के तहत किसी अनहोनी की आशंका जताई और तत्काल अन्य ग्रामीणों व पुलिस को सूचना दी।

खुदाई में चौंकाने वाला खुलासा
सूचना मिलते ही हल्दी चौकी पुलिस मौके पर पहुंची। मृत बच्ची के पिता जितेंद्र साहू ने दफन स्थल की खुदाई कर जांच की मांग की। मामले की गंभीरता को देखते हुए गुंडरदेही एसडीएम प्रतिमा ठाकरे की अनुमति के बाद दोपहर 1:45 बजे खुदाई शुरू की गई।
करीब चार फीट खुदाई के बाद मासूम का कंकाल नजर आया। लेकिन जैसे ही शव को सावधानीपूर्वक बाहर निकाला गया, एक और चौंकाने वाली बात सामने आई — कंकाल से सिर गायब था।
यह दृश्य देख मौके पर मौजूद ग्रामीणों के चेहरों पर दहशत और गुस्सा साफ झलकने लगा। गांव में तंत्र-विद्या के नाम पर किसी साजिश की चर्चा तेज हो गई।

फॉरेंसिक जांच की तैयारी
पुलिस ने कंकाल को अपने कब्जे में लेकर फॉरेंसिक जांच के लिए भेजने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। जानकारी के अनुसार, कंकाल को गुंडरदेही सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लाकर आगे लैब भेजा जाएगा। मामले में बीएनएस की धारा 301 के तहत अपराध पंजीबद्ध कर जांच शुरू कर दी गई है।
गांव में दहशत, सोमवार को।होगी बैठक
घटना के बाद माहुद-बी गांव में भय और आक्रोश का माहौल है। वही प्राप्त जानकारी के।अनुसार ग्रामीणों ने सोमवार को बैठक बुलाकर आगे की रणनीति तय करने का निर्णय लिया है।
अब बड़ा सवाल यह है कि क्या यह किसी असामाजिक तत्व की करतूत है या अंधविश्वास के नाम पर रची गई साजिश?
और सबसे अहम — मासूम के सिर के गायब होने की गुत्थी कब सुलझेगी?
फिलहाल पुलिस जांच में जुटी है, लेकिन शिवरात्रि के दिन सामने आई इस घटना ने पूरे इलाके की आस्था और मानवता दोनों पर सवाल खड़े कर दिए हैं।




















