बालोद।जिले की प्रशासनिक कार्यप्रणाली को अधिक व्यवस्थित और प्रभावी बनाने के लिए कलेक्टर दिव्या उमेश मिश्रा ने अधिकारियों को सख्त निर्देश जारी किए हैं। साप्ताहिक समय-सीमा बैठक में उन्होंने स्पष्ट किया कि अब सभी अधिकारी प्रत्येक मंगलवार और बुधवार को अनिवार्य रूप से अपने कार्यालय में उपस्थित रहेंगे। इन दो दिनों में विभागीय फाइलों के लंबित मामलों का निराकरण, योजनाओं की समीक्षा और आम जनता की समस्याओं के समाधान को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए गए हैं।
कलेक्टर ने कहा कि क्षेत्रीय निरीक्षण और मैदानी कार्यों को गति देने के लिए गुरुवार और शुक्रवार को दौरा कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। साथ ही सभी विभाग प्रमुखों को स्पष्ट कार्ययोजना बनाकर शासकीय योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन तय समय सीमा में सुनिश्चित करने को कहा गया।
बैठक में आगामी दिनों में मुख्य सचिव के प्रस्तावित जिला दौरे को देखते हुए सभी विभागों को तैयारियां समय रहते पूर्ण करने के निर्देश दिए गए। इसके अलावा 16 फरवरी को डौण्डी विकासखंड के ग्राम पटेली और 26 फरवरी को डौण्डीलोहारा विकासखंड के ग्राम कमकापार में जिला स्तरीय जनसमस्या निवारण शिविर आयोजित किए जाने की जानकारी भी दी गई। कलेक्टर ने स्पष्ट किया कि इन शिविरों में शामिल होने के लिए सभी जिला स्तरीय अधिकारी संयुक्त जिला कार्यालय से सुबह 9 बजे बस के माध्यम से ही प्रस्थान करेंगे और किसी भी अधिकारी को निजी या शासकीय वाहन के उपयोग की अनुमति नहीं होगी।
जनसमस्या निवारण शिविरों को प्रभावी बनाने के लिए कलेक्टर ने संबंधित विभागों को पहले से तैयारी करने के निर्देश दिए। ई-जिला प्रबंधक को आधार कार्ड बनाकर वितरण, श्रम विभाग को हितग्राहियों को योजनाओं की राशि भुगतान, राजस्व विभाग को राजस्व मामलों के त्वरित निराकरण, महिला एवं बाल विकास विभाग को बच्चों का अन्नप्राशन कराने तथा स्वास्थ्य विभाग को आयुष्मान और वय वंदन कार्ड बनाने की जिम्मेदारी सौंपी गई। वहीं खाद्य विभाग को राशन कार्ड निर्माण और नाम जोड़ने की प्रक्रिया शिविर में ही पूर्ण करने को कहा गया। ग्राम स्तर पर समस्याओं और मांगों को पहले से सूचीबद्ध कर समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए हैं। ग्राम पटेली में आयोजित शिविर के दौरान चावल उत्सव की शुरुआत भी की जाएगी।
बैठक में शिक्षा व्यवस्था और स्वास्थ्य सेवाओं पर भी विशेष जोर दिया गया। राजस्व अधिकारियों को अपने अनुभाग के शासकीय अस्पतालों में जीवनदीप समिति की बैठक आयोजित करने के निर्देश दिए गए। वहीं बोर्ड परीक्षाओं को देखते हुए ध्वनि विस्तारक यंत्रों के उपयोग पर प्रतिबंध लगाने के लिए तत्काल आदेश जारी करने को कहा गया।
कलेक्टर ने गुरूर विकासखंड के नारागांव स्थित सियादेवी जलाशय में 13 से 15 फरवरी तक आयोजित होने वाले सियादेवी इको एडवेंचर फेस्ट में जिले के अधिकारी-कर्मचारियों की अनिवार्य उपस्थिति सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए। इसके अलावा सड़क दुर्घटनाओं की रोकथाम के लिए सड़कों के किनारे घूमने वाले मवेशियों की समस्या के समाधान को प्राथमिकता से पूरा करने तथा खनिज पदार्थों के अवैध उत्खनन और परिवहन पर सख्त कार्रवाई करने के निर्देश संबंधित विभागों को दिए गए।
कलेक्टर ने स्पष्ट किया कि प्रशासनिक अनुशासन, समयबद्ध कार्य निष्पादन और योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन से ही आम जनता को बेहतर सेवाएं उपलब्ध कराई जा सकती हैं, इसलिए सभी अधिकारी निर्धारित जिम्मेदारियों का गंभीरता से पालन करें।




















