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अंतरिक्ष केंद्र से युवाओं को मिलेंगे सपनों को पंख, सभी जिलों में खुलेंगे ‘अंतरिक्ष संगवारी’ केंद्र

रायपुर,।छत्तीसगढ़ में विज्ञान और तकनीक के क्षेत्र में बड़ा कदम उठाते हुए नवा रायपुर के राखी में प्रदेश के पहले अंतरिक्ष केंद्र की शुरुआत कर दी गई है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने ग्रुप कैप्टन और अंतरिक्ष यात्री डॉ. शुभांशु शुक्ला के साथ ‘अंतरिक्ष संगवारी’ कार्यक्रम के तहत इस अत्याधुनिक केंद्र का शुभारंभ किया। इस दौरान मुख्यमंत्री ने बड़ी घोषणा करते हुए कहा कि आने वाले समय में प्रदेश के सभी जिलों में अंतरिक्ष संगवारी केंद्र खोले जाएंगे


मुख्यमंत्री ने कहा कि यह केंद्र केवल भवन नहीं, बल्कि युवाओं और बच्चों के सपनों को साकार करने की प्रयोगशाला है। यहां छात्र किताबों से बाहर निकलकर प्रयोग और अनुसंधान के जरिए विज्ञान को समझ सकेंगे। उन्होंने बताया कि अंतरिक्ष विज्ञान अब केवल जिज्ञासा नहीं, बल्कि रोजगार और करियर का बड़ा क्षेत्र बन चुका है। इस केंद्र के माध्यम से बच्चों को सैटेलाइट निर्माण, ट्रैकिंग, मौसम पूर्वानुमान और क्लाउड मैपिंग जैसी आधुनिक तकनीकों का प्रशिक्षण मिलेगा। इससे किसानों को भी सटीक मौसम और फसल संबंधी जानकारी मिल सकेगी और तकनीक आधारित रोजगार के अवसर बढ़ेंगे।
मुख्यमंत्री ने जशपुर के बच्चों द्वारा बनाए गए रॉकेट की उपलब्धि का उल्लेख करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ के युवाओं में प्रतिभा की कमी नहीं है, उन्हें सिर्फ सही अवसर की जरूरत है। उन्होंने राष्ट्रीय सुरक्षा और रक्षा क्षेत्र में सैटेलाइट तकनीक की भूमिका को भी महत्वपूर्ण बताया।


कार्यक्रम में पहुंचे अंतरिक्ष यात्री डॉ. शुभांशु शुक्ला ने अंतरिक्ष यात्रा के अपने अनुभव साझा करते हुए बताया कि रॉकेट लॉन्च के दौरान कुछ ही मिनटों में अंतरिक्ष तक पहुंचने की प्रक्रिया बेहद रोमांचक और चुनौतीपूर्ण होती है। उन्होंने कहा कि अंतरिक्ष में 20 दिन के प्रवास के दौरान उन्होंने पृथ्वी की 320 बार परिक्रमा की और करीब 1.4 करोड़ किलोमीटर की दूरी तय की। उन्होंने इसे अपनी नहीं बल्कि पूरे देश की उपलब्धि बताते हुए बच्चों को बड़े सपने देखने और लगातार मेहनत करने की प्रेरणा दी।


शुक्ला ने छत्तीसगढ़ के बच्चों की जिज्ञासा और प्रतिभा की सराहना करते हुए कहा कि यहां के विद्यार्थियों में अंतरिक्ष विज्ञान को लेकर उत्साह साफ दिखाई देता है। उन्होंने बताया कि पिछले साल विद्यार्थियों से हुए ऑनलाइन संवाद के दौरान बच्चों के सवालों ने उन्हें काफी प्रभावित किया था।


इस मौके पर मुख्यमंत्री और डॉ. शुक्ला ने जशपुर के विद्यार्थियों द्वारा कार्डबोर्ड और पीवीसी पाइप से तैयार रॉकेट का सफल प्रक्षेपण भी किया। विशेषज्ञों के अनुसार यह देश के किसी सरकारी स्कूल में स्थापित पहला अंतरिक्ष केंद्र है।
यह केंद्र जिला प्रशासन रायपुर, आईडीवायएम और सारडा ग्रुप के संयुक्त प्रयास से तैयार किया गया है। यहां स्पेस क्वालिफाइड क्लीन रूम, स्टूडेंट सैटेलाइट लेबोरेटरी, ग्राउंड स्टेशन और मिशन कंट्रोल सेंटर जैसी अत्याधुनिक सुविधाएं उपलब्ध हैं, जहां विद्यार्थी उपग्रह डिजाइन, असेंबली, परीक्षण और डेटा डिकोडिंग का व्यावहारिक अनुभव प्राप्त कर सकेंगे।


कार्यक्रम में कौशल विकास मंत्री गुरु खुशवंत साहेब, वन मंत्री केदार कश्यप सहित कई जनप्रतिनिधि, अधिकारी और बड़ी संख्या में स्कूली छात्र मौजूद रहे। जनप्रतिनिधियों ने इस पहल को प्रदेश के वैज्ञानिक भविष्य के लिए ऐतिहासिक कदम बताया और कहा कि इससे विद्यार्थियों में वैज्ञानिक सोच और आत्मविश्वास को मजबूती मिलेगी।
अंतरिक्ष संगवारी पहल के साथ छत्तीसगढ़ अब विज्ञान शिक्षा और तकनीकी नवाचार की दिशा में नई उड़ान भरने की तैयारी में नजर आ रहा है।

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